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ग्रैप-I लागू होते ही डीएमआरसी सक्रिय, 22 अक्टूबर से पूरे नेटवर्क पर 20 अतिरिक्त मेट्रो फेरे

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ग्रैप-I लागू होते ही डीएमआरसी सक्रिय, 22 अक्टूबर से पूरे नेटवर्क पर 20 अतिरिक्त मेट्रो फेरे

सारांश

दिल्ली में ग्रैप-I लागू होते ही डीएमआरसी हरकत में आई — 22 अक्टूबर से कार्यदिवसों पर 20 अतिरिक्त मेट्रो फेरे और 250 से अधिक एंटी-स्मॉग गन के साथ। यह सर्दियों से पहले प्रदूषण की उस सालाना जंग का हिस्सा है जो दिल्ली हर अक्टूबर लड़ती है।

मुख्य बातें

ग्रेडेड रिस्पॉन्स एक्शन प्लान-I (ग्रैप-I) 21 अक्टूबर 2026 से नई दिल्ली में लागू किया गया।
डीएमआरसी 22 अक्टूबर से सोमवार से शुक्रवार के बीच पूरे नेटवर्क पर 20 अतिरिक्त मेट्रो फेरे चलाएगा।
निर्माण स्थलों, स्टेशनों और कार्यालय भवनों पर 250 से अधिक एंटी-स्मॉग गन तैनात की गई हैं।
डीएमआरसी के अधीन लगभग 31 किलोमीटर सड़कों की अधिकांश मरम्मत पहले ही पूरी की जा चुकी है।
निर्माण स्थलों पर व्हील वॉश सुविधा और धूल-ढकाव की दैनिक निगरानी पर्यावरण विभाग द्वारा की जा रही है।

दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (डीएमआरसी) ने 22 अक्टूबर 2026 से कार्यदिवसों पर अपने पूरे नेटवर्क में 20 अतिरिक्त ट्रेन फेरे शुरू करने का निर्णय लिया है। यह कदम राजधानी नई दिल्ली में ग्रेडेड रिस्पॉन्स एक्शन प्लान-I (ग्रैप-I) के 21 अक्टूबर से लागू होने के तुरंत बाद उठाया गया है, जो बढ़ते वायु प्रदूषण के मद्देनज़र केंद्रीय एजेंसियों द्वारा अधिसूचित किया गया था। इसका मुख्य उद्देश्य दिल्लीवासियों को निजी वाहनों की जगह सार्वजनिक परिवहन अपनाने के लिए प्रोत्साहित करना है।

अतिरिक्त फेरों की व्यवस्था

डीएमआरसी ने स्पष्ट किया है कि सोमवार से शुक्रवार तक चलने वाले कार्यदिवसों पर मेट्रो के पूरे नेटवर्क में 20 अतिरिक्त ट्रेनें दौड़ेंगी। यह अतिरिक्त सेवा उन यात्रियों को राहत देगी जो अब तक भीड़भाड़ या असुविधा के कारण निजी वाहन इस्तेमाल करते थे। गौरतलब है कि दिल्ली में हर साल अक्टूबर-नवंबर के दौरान वायु गुणवत्ता तेज़ी से बिगड़ती है, और इस अवधि में सार्वजनिक परिवहन की माँग बढ़ जाती है।

धूल और प्रदूषण नियंत्रण के विशेष उपाय

अतिरिक्त फेरों के साथ-साथ डीएमआरसी ने अपने निर्माण स्थलों, स्टेशनों और कार्यालय भवनों पर 250 से अधिक एंटी-स्मॉग गन (मिस्ट गन) तैनात की हैं, जो धूल के कणों को दबाने का काम करती हैं। निर्माण स्थलों के आसपास की सड़कों से धूल हटाने, फुटपाथों और रोड मीडियंस की सफाई, तथा बाहर जाने वाले वाहनों के लिए व्हील वॉश सुविधा सुनिश्चित करने के निर्देश जारी किए गए हैं।

डीएमआरसी के इंजीनियर निर्माण स्थलों का बारीकी से निरीक्षण करेंगे ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि निर्माण सामग्री ठीक से ढकी हुई है। डीएमआरसी का पर्यावरण विभाग प्रतिदिन इन सभी मानकों की जाँच कर रहा है।

31 किलोमीटर सड़कों का प्रबंधन

वर्तमान में लगभग 31 किलोमीटर की सड़कें डीएमआरसी के अस्थायी अधिकार क्षेत्र में हैं, जो मेट्रो निर्माण कार्य के कारण उसके प्रबंधन में आई हैं। इनमें से अधिकांश सड़कों की मरम्मत डीएमआरसी पहले ही कर चुका है, ताकि इनसे शहर में प्रदूषण न बढ़े। यह ऐसे समय में महत्वपूर्ण है जब दिल्ली की वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) सर्दियों की शुरुआत में तेज़ी से खराब होती है।

डीएमआरसी की आधिकारिक प्रतिक्रिया

डीएमआरसी के प्रधान कार्यकारी निदेशक (कॉर्पोरेट संचार) अनुज दयाल ने कहा कि दिल्ली में हर साल सर्दियों से पहले प्रदूषण का स्तर बढ़ता है और मेट्रो इस चुनौती से निपटने की अपनी ज़िम्मेदारी भली-भाँति समझती है। उन्होंने बताया कि ये नए उपाय उन कदमों के अतिरिक्त हैं जो डीएमआरसी पहले से प्रदूषण नियंत्रण के लिए लागू कर चुकी है।

आगे क्या होगा

ग्रैप-I के तहत यदि दिल्ली की वायु गुणवत्ता और बिगड़ती है तो ग्रैप-II और ग्रैप-III जैसे और सख्त उपाय भी लागू किए जा सकते हैं, जिनमें सार्वजनिक परिवहन पर और ज़्यादा दबाव बढ़ेगा। ऐसे में डीएमआरसी की यह तैयारी न केवल प्रदूषण नियंत्रण में मददगार होगी, बल्कि लाखों दिल्लीवासियों को बेहतर यात्रा विकल्प भी देगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली सवाल यह है कि क्या 20 अतिरिक्त फेरे दिल्ली की उस विशाल यात्री आबादी को सड़कों से मेट्रो की ओर खींचने में पर्याप्त हैं जो वर्षों से निजी वाहनों पर निर्भर हो चुकी है। हर साल अक्टूबर-नवंबर में यही चक्र दोहराया जाता है — ग्रैप लागू, एलान जारी, और फिर AQI का खतरनाक स्तर पर पहुँचना। दीर्घकालिक समाधान के लिए मेट्रो कनेक्टिविटी के विस्तार और पहली-अंतिम मील की समस्या हल करने की ज़रूरत है, जो केवल मौसमी उपायों से संभव नहीं। तब तक ये कदम जागरूकता का संकेत तो हैं, लेकिन संरचनात्मक बदलाव की जगह नहीं ले सकते।
RashtraPress
21 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

ग्रैप-I क्या है और यह दिल्ली में कब लागू हुआ?
ग्रेडेड रिस्पॉन्स एक्शन प्लान-I (ग्रैप-I) वायु प्रदूषण नियंत्रण के लिए एक चरणबद्ध आपातकालीन योजना है जो दिल्ली में 21 अक्टूबर 2026 से लागू की गई है। इसके तहत प्रदूषण घटाने के लिए परिवहन, निर्माण और औद्योगिक गतिविधियों पर विशेष पाबंदियाँ और उपाय लागू किए जाते हैं।
डीएमआरसी 22 अक्टूबर से कितने अतिरिक्त मेट्रो फेरे चलाएगा?
डीएमआरसी 22 अक्टूबर 2026 से सोमवार से शुक्रवार तक के कार्यदिवसों पर पूरे मेट्रो नेटवर्क पर 20 अतिरिक्त ट्रेन फेरे चलाएगा। यह कदम नागरिकों को निजी वाहनों की बजाय सार्वजनिक परिवहन अपनाने के लिए प्रोत्साहित करने हेतु उठाया गया है।
डीएमआरसी ने प्रदूषण नियंत्रण के लिए निर्माण स्थलों पर क्या इंतज़ाम किए हैं?
डीएमआरसी ने अपने निर्माण स्थलों, स्टेशनों और कार्यालय भवनों पर 250 से अधिक एंटी-स्मॉग गन (मिस्ट गन) लगाई हैं। इसके अलावा, निर्माण सामग्री को ढकने, बाहर निकलने वाले वाहनों के लिए व्हील वॉश सुविधा और आसपास की सड़कों की सफाई सुनिश्चित की जा रही है।
डीएमआरसी के अधीन कितनी सड़कें हैं और उनकी स्थिति क्या है?
वर्तमान में लगभग 31 किलोमीटर सड़कें डीएमआरसी के अस्थायी अधिकार क्षेत्र में हैं, जो मेट्रो निर्माण कार्य के कारण उसके प्रबंधन में हैं। इनमें से अधिकांश सड़कों की मरम्मत डीएमआरसी पहले ही करा चुका है ताकि इनसे शहर में अतिरिक्त प्रदूषण न बढ़े।
क्या ग्रैप-I के बाद और सख्त उपाय भी लागू हो सकते हैं?
हाँ, यदि दिल्ली की वायु गुणवत्ता और बिगड़ती है तो ग्रैप-II और ग्रैप-III जैसे अधिक कड़े चरण भी लागू किए जा सकते हैं। इन चरणों में निर्माण कार्यों पर अधिक प्रतिबंध और सार्वजनिक परिवहन पर और बढ़ावा देने के उपाय शामिल होते हैं।
राष्ट्र प्रेस
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