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ग्रैप-1 लागू होते ही DMRC का बड़ा फैसला: वीकडेज पर 20 अतिरिक्त मेट्रो ट्रिप, AQI 238 पर पहुंचा

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ग्रैप-1 लागू होते ही DMRC का बड़ा फैसला: वीकडेज पर 20 अतिरिक्त मेट्रो ट्रिप, AQI 238 पर पहुंचा

सारांश

सर्दी शुरू होने से पहले ही दिल्ली का AQI 238 पर पहुँच गया और ग्रैप-1 लागू हो गया। DMRC ने तुरंत वीकडेज पर 20 अतिरिक्त ट्रेन ट्रिप की घोषणा की, साथ ही 250 से ज़्यादा एंटी-स्मॉग गन तैनात कीं। यह राजधानी के प्रदूषण मौसम की औपचारिक शुरुआत है।

मुख्य बातें

DMRC ने 21 अक्टूबर 2026 से सप्ताह के कार्यदिवसों पर 20 अतिरिक्त मेट्रो ट्रिप संचालित करने की घोषणा की।
दिल्ली का AQI 238 दर्ज हुआ, जो इस सीजन में पहली बार 'खराब' श्रेणी में पहुँचा; इसके बाद ग्रैप-1 लागू किया गया।
DMRC के निर्माण स्थलों, स्टेशनों और कार्यालय परिसरों में 250 से अधिक एंटी-स्मॉग गन और मिस्ट गन तैनात की गई हैं।
लगभग 31 किलोमीटर सड़कें DMRC के अस्थायी अधिकार क्षेत्र में हैं; अधिकांश की मरम्मत पहले ही की जा चुकी है।
निर्माण स्थलों पर धूल नियंत्रण, व्हील-वॉशिंग और दैनिक पर्यावरण निरीक्षण अनिवार्य किया गया।

दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (DMRC) ने 21 अक्टूबर 2026 को घोषणा की कि ग्रेडेड रिस्पॉन्स एक्शन प्लान (ग्रैप) चरण-1 लागू होने के बाद नई दिल्ली में सप्ताह के कार्यदिवसों पर 20 अतिरिक्त मेट्रो ट्रिप संचालित की जाएंगी। यह निर्णय निजी वाहनों के बजाय सार्वजनिक परिवहन को बढ़ावा देकर राजधानी के बिगड़ते वायु प्रदूषण स्तर पर अंकुश लगाने के उद्देश्य से लिया गया है। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के अनुसार, बुधवार सुबह दिल्ली का एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 238 दर्ज किया गया — जो इस सीजन में पहली बार 'खराब' श्रेणी में प्रवेश है।

मुख्य घटनाक्रम

DMRC के आधिकारिक बयान के अनुसार, गुरुवार से पूरे दिल्ली मेट्रो नेटवर्क पर कार्यदिवसों में 20 अतिरिक्त ट्रेन ट्रिप जोड़ी जाएंगी। यह कदम यात्रियों को निजी वाहन छोड़कर मेट्रो अपनाने के लिए प्रेरित करने की व्यापक रणनीति का हिस्सा है। गौरतलब है कि ग्रैप-1 सर्दी के मौसम की शुरुआत में पहली प्रतिक्रियात्मक कार्रवाई होती है, जो आमतौर पर अक्टूबर के अंत में लागू होती है।

प्रदूषण नियंत्रण उपाय

अतिरिक्त ट्रेन सेवाओं के साथ-साथ DMRC ने अपने निर्माण स्थलों और आसपास के क्षेत्रों में धूल नियंत्रण अभियान भी तेज कर दिया है। इसके तहत सड़कों से धूल हटाना, फुटपाथ व डिवाइडरों की सफाई और निर्माण सामग्री को ढककर रखना अनिवार्य किया गया है। DMRC के इंजीनियर निर्माण स्थलों और सटी हुई सड़कों का नियमित निरीक्षण करेंगे, यह सुनिश्चित करते हुए कि निर्माण सामग्री सही ढंग से ढकी हो और साइट से निकलने वाले वाहनों के लिए व्हील-वॉशिंग सुविधा सुचारू रूप से काम करे।

एंटी-स्मॉग गन और निगरानी

धूल प्रदूषण से निपटने के लिए DMRC ने निर्माण स्थलों, मेट्रो स्टेशनों और कार्यालय परिसरों में 250 से अधिक एंटी-स्मॉग गन और मिस्ट गन तैनात की हैं। DMRC का पर्यावरण विभाग पर्यावरण मानकों के पालन की निगरानी के लिए रोज़ाना निरीक्षण अभियान चला रहा है। फिलहाल मेट्रो निर्माण कार्यों के चलते शहर की लगभग 31 किलोमीटर सड़कें DMRC के अस्थायी अधिकार क्षेत्र में हैं, जिनमें से अधिकांश की मरम्मत पहले ही की जा चुकी है।

ग्रैप-1 क्यों लागू हुआ

यह ऐसे समय में आया है जब सर्दी के मौसम से पहले ही राजधानी का AQI 238 तक पहुँच गया — CPCB के वर्गीकरण के अनुसार 'खराब' श्रेणी। इससे प्रशासन की चिंता बढ़ गई है। ग्रैप-1 के तहत सड़क निर्माण से उड़ने वाली धूल, वाहन उत्सर्जन और औद्योगिक प्रदूषण पर नियंत्रण के विशेष उपाय किए जा रहे हैं। आलोचकों का कहना है कि सर्दी से पहले ही AQI का 'खराब' श्रेणी में पहुँचना, आने वाले महीनों में ग्रैप के उच्च चरण लागू होने की आशंका को बल देता है।

आम जनता पर असर

दिल्लीवासियों के लिए अतिरिक्त मेट्रो ट्रिप का सीधा मतलब है पीक-ऑवर में भीड़ से कुछ राहत और निजी वाहनों पर निर्भरता कम करने का विकल्प। यह कदम तब और प्रासंगिक हो जाता है जब अगले कुछ हफ्तों में पराली जलाने के कारण प्रदूषण और बढ़ने की संभावना है। आगे की स्थिति ग्रैप के अगले चरणों — यानी ग्रैप-2 और ग्रैप-3 — की ओर बढ़ने की गति पर निर्भर करेगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

ग्रैप लागू होता है, और DMRC कुछ अतिरिक्त ट्रिप जोड़ देती है। असली सवाल यह है कि 20 अतिरिक्त ट्रिप उस शहर में कितनी राहत देंगी जहाँ दैनिक मेट्रो यात्री संख्या 60 लाख से ऊपर है। AQI का अक्टूबर के मध्य में ही 238 छूना बताता है कि इस बार प्रदूषण का मौसम जल्दी और तेज़ आया है, और ग्रैप-2 या ग्रैप-3 तक पहुँचने में देर नहीं लगेगी। जब तक परिवहन, उद्योग और पराली — तीनों मोर्चों पर एक साथ कार्रवाई नहीं होती, ये उपाय प्रतीकात्मक ही रहेंगे।
RashtraPress
22 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

ग्रैप-1 लागू होने पर दिल्ली मेट्रो ने क्या फैसला किया?
दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (DMRC) ने गुरुवार से सप्ताह के कार्यदिवसों पर 20 अतिरिक्त ट्रेन ट्रिप चलाने की घोषणा की है। यह फैसला निजी वाहनों के उपयोग को कम कर वायु प्रदूषण घटाने के उद्देश्य से लिया गया है।
दिल्ली में ग्रैप-1 क्यों लागू किया गया?
CPCB के अनुसार बुधवार सुबह दिल्ली का AQI 238 दर्ज हुआ, जो इस सीजन में पहली बार 'खराब' श्रेणी में पहुँचा। इसी के मद्देनजर वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग ने ग्रेडेड रिस्पॉन्स एक्शन प्लान का पहला चरण लागू किया।
DMRC ने प्रदूषण नियंत्रण के लिए और क्या कदम उठाए हैं?
DMRC ने निर्माण स्थलों, मेट्रो स्टेशनों और कार्यालय परिसरों में 250 से अधिक एंटी-स्मॉग गन और मिस्ट गन तैनात की हैं। इसके अलावा निर्माण स्थलों पर धूल नियंत्रण, व्हील-वॉशिंग व्यवस्था और पर्यावरण विभाग द्वारा रोज़ाना निरीक्षण भी अनिवार्य किया गया है।
DMRC के निर्माण स्थल दिल्ली की कितनी सड़कों पर हैं?
फिलहाल मेट्रो निर्माण कार्यों के लिए शहर की लगभग 31 किलोमीटर सड़कें DMRC के अस्थायी अधिकार क्षेत्र में हैं। DMRC के अनुसार इनमें से अधिकांश सड़कों की मरम्मत पहले ही की जा चुकी है ताकि ये धूल प्रदूषण का स्रोत न बनें।
ग्रैप-1 के तहत आम दिल्लीवासियों पर क्या असर पड़ेगा?
ग्रैप-1 के तहत सड़क और निर्माण धूल, वाहन उत्सर्जन और औद्योगिक प्रदूषण पर नियंत्रण के उपाय लागू होते हैं। आम यात्रियों के लिए अतिरिक्त मेट्रो ट्रिप पीक-ऑवर में भीड़ कम करने और निजी वाहन छोड़कर सार्वजनिक परिवहन अपनाने का विकल्प देती हैं।
राष्ट्र प्रेस
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