ग्रेटर नोएडा के तिलपता में नाले की खुदाई से दो मंजिला मकान और दुकान ढही, बिजली आपूर्ति बाधित
सारांश
मुख्य बातें
ग्रेटर नोएडा के सूरजपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत तिलपता गाँव में 16 जुलाई 2026 (गुरुवार) को नाला निर्माण कार्य के दौरान एक बड़ा हादसा हो गया। साकीपुर रोड पर जेसीबी मशीन से नाले की खुदाई के दौरान एक निर्माणाधीन दो मंजिला मकान और दुकान अचानक भरभराकर जमीन पर आ गिरे। पुलिस के अनुसार इस घटना में किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है।
हादसे का घटनाक्रम
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, तिलपता में सड़क एवं नाला निर्माण कार्य पिछले कुछ समय से जारी था। गुरुवार को जेसीबी मशीन से नाले की खुदाई के दौरान ओमवीर पुत्र रमेश की निर्माणाधीन दुकान के सामने से बड़ी मात्रा में मिट्टी हटाई गई। प्रारंभिक जाँच में सामने आया है कि संबंधित दुकान की नींव नाले की दिशा में बनी थी, जिसके कारण मिट्टी हटते ही ढाँचे का संतुलन बिगड़ गया और पूरी इमारत ढह गई।
तेज आवाज सुनकर आसपास के लोग मौके पर दौड़े और क्षेत्र में अफरातफरी का माहौल बन गया। राहत की बात यह रही कि घटना के समय मकान और दुकान में कोई मौजूद नहीं था, जिससे जनहानि टल गई।
बिजली आपूर्ति पर असर
इमारत गिरने की चपेट में बिजली के पोल और विद्युत तार भी आ गए, जिससे पूरे क्षेत्र की बिजली आपूर्ति बाधित हो गई। बिजली विभाग की टीम क्षतिग्रस्त पोल और तारों की मरम्मत में जुट गई ताकि जल्द से जल्द आपूर्ति बहाल की जा सके। मलबा हटाने का कार्य भी शुरू कर दिया गया है।
स्थानीय लोगों का आरोप
स्थानीय निवासियों ने निर्माण कार्य की गुणवत्ता और संबंधित विभागों की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उनका आरोप है कि मानसून से पहले नाला निर्माण का कार्य जल्दबाज़ी में किया जा रहा है और सुरक्षा मानकों की अनदेखी की जा रही है। लोगों का कहना है कि खुदाई के दौरान आसपास के भवनों की सुरक्षा का कोई ध्यान नहीं रखा गया। निवासियों ने प्राधिकरण की कथित लापरवाही की जाँच कर दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई की माँग की है।
प्रशासन की प्रतिक्रिया
घटना के बाद सूरजपुर पुलिस तथा प्रशासन व संबंधित विभाग के अधिकारी मौके पर पहुँचे और स्थिति का जायजा लिया। पुलिस ने स्पष्ट किया कि इस हादसे में कोई व्यक्ति हताहत नहीं हुआ है। अधिकारियों के अनुसार यदि जाँच में निर्माण कार्य में किसी प्रकार की लापरवाही या नियमों की अनदेखी सामने आती है तो संबंधित एजेंसी के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
आगे क्या होगा
फिलहाल पुलिस और प्रशासन पूरे मामले की जाँच कर रहे हैं। यह घटना ऐसे समय में हुई है जब मानसून सीज़न में तेज़ बारिश के बीच बुनियादी ढाँचे के निर्माण कार्यों में सुरक्षा प्रोटोकॉल की पालना को लेकर पहले से ही सवाल उठते रहे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि नाला खुदाई जैसे कार्यों के दौरान आसपास की संरचनाओं का पूर्व-आकलन अनिवार्य होना चाहिए।