गुजरात बोर्ड ने लॉन्च की 'पारख सेल' और डिजीलॉकर मार्कशीट सुविधा, 1 करोड़ छात्रों को फायदा
सारांश
मुख्य बातें
गुजरात माध्यमिक और उच्च माध्यमिक शिक्षा बोर्ड ने 7 अक्टूबर 2026 को गांधीनगर स्थित अपने मुख्यालय में राज्य स्तरीय 'पारख सेल' का शुभारंभ किया और कक्षा 10 तथा 12 की मार्कशीट को डिजीलॉकर के माध्यम से सीधे उपलब्ध कराने की डिजिटल सुविधा शुरू की। राज्य के शिक्षा मंत्री प्रद्युमन वाजा ने इन दोनों पहलों का उद्घाटन करते हुए इन्हें राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 के क्रियान्वयन की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया।
पारख सेल क्या है और यह कैसे काम करेगा
पारख (PARAKH) का पूरा नाम परफॉर्मेंस असेसमेंट, रिव्यू, एंड एनालिसिस ऑफ नॉलेज फॉर होलिस्टिक डेवलपमेंट है। इसे राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद (NCERT) ने राष्ट्रीय मूल्यांकन केंद्र के रूप में स्थापित किया है। गुजरात का यह राज्य-स्तरीय पारख प्रकोष्ठ इसी राष्ट्रीय ढाँचे के मार्गदर्शन में कार्य करेगा।
इस प्रकोष्ठ के अंतर्गत योग्यता-आधारित प्रश्न बैंक और मूल्यांकन उपकरण तैयार किए जाएँगे। साथ ही, गुजरात की भाषाई और पाठ्यक्रम आवश्यकताओं के अनुरूप समग्र प्रगति कार्ड (Holistic Progress Card — HPC) के क्रियान्वयन को भी सुगम बनाया जाएगा।
डिजीलॉकर सुविधा: 1 करोड़ पुराने छात्रों को भी लाभ
नई डिजिटल व्यवस्था के तहत, कक्षा 10 और 12 की परीक्षाओं में बैठने वाले छात्रों की मार्कशीट परिणाम घोषित होते ही डिजीलॉकर पर उपलब्ध हो जाएगी। छात्र डिजीलॉकर ऐप के माध्यम से इसे कभी भी डाउनलोड कर सकेंगे।
गौरतलब है कि राज्य ने 2021 से 2026 के बीच परीक्षा देने वाले लगभग एक करोड़ छात्रों की मार्कशीट पहले ही डिजीलॉकर पर अपलोड कर दी है, जिससे पुराने विद्यार्थी भी इस सुविधा का तत्काल लाभ उठा सकेंगे।
शिक्षा मंत्री की प्रतिक्रिया
शिक्षा मंत्री प्रद्युमन वाजा ने कहा कि 'राष्ट्रीय शिक्षा नीति देश की शिक्षा प्रणाली में व्यापक बदलाव ला रही है और गुजरात एक पारदर्शी मूल्यांकन प्रणाली के साथ गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है।' उन्होंने यह भी कहा कि पारख सेल के शुभारंभ से छात्र रटने की पद्धति से मुक्त होकर योग्यता-आधारित शिक्षा की ओर अग्रसर होंगे।
वाजा ने शिक्षा विभाग और गुजरात बोर्ड की टीम को समन्वित प्रयासों के लिए बधाई भी दी तथा कहा कि 'शिक्षा में प्रौद्योगिकी का एकीकरण राज्य की शिक्षा प्रणाली को और मजबूत करेगा।'
आम छात्रों और अभिभावकों पर असर
यह सुविधा उन छात्रों के लिए विशेष रूप से महत्वपूर्ण है जो भारत और विदेश में उच्च शिक्षा या रोज़गार के लिए आवेदन करते समय शैक्षिक दस्तावेजों के सत्यापन में देरी का सामना करते थे। डिजीलॉकर के ज़रिए मार्कशीट की तत्काल उपलब्धता से दस्तावेज़ सत्यापन की प्रक्रिया सरल और तेज़ होने की उम्मीद है।
यह ऐसे समय में आया है जब पूरे देश में NEP 2020 के क्रियान्वयन की गति धीमी रही है — गुजरात का यह कदम राज्यों के बीच एक अनुकरणीय उदाहरण बन सकता है।
आगे की राह
पारख सेल के तहत तैयार होने वाले योग्यता-आधारित प्रश्न बैंक और समग्र प्रगति कार्ड का क्रियान्वयन आने वाले शैक्षणिक सत्रों में होगा। बोर्ड परीक्षाओं में मूल्यांकन का यह नया ढाँचा गुजरात के लाखों स्कूली छात्रों की पढ़ाई और परीक्षा-तैयारी के तरीके को बदल सकता है।