8 अक्टूबर 2026
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गुजरात बोर्ड ने लॉन्च की 'पारख सेल' और डिजीलॉकर मार्कशीट सुविधा, 1 करोड़ छात्रों को फायदा

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गुजरात बोर्ड ने लॉन्च की 'पारख सेल' और डिजीलॉकर मार्कशीट सुविधा, 1 करोड़ छात्रों को फायदा

सारांश

गुजरात बोर्ड ने एक साथ दो बड़े कदम उठाए — पारख सेल से योग्यता-आधारित मूल्यांकन और डिजीलॉकर से तत्काल डिजिटल मार्कशीट। 2021-2026 के एक करोड़ पुराने छात्रों की मार्कशीट भी अपलोड। NEP 2020 क्रियान्वयन में गुजरात ने एक अनुकरणीय मिसाल पेश की।

मुख्य बातें

गुजरात माध्यमिक और उच्च माध्यमिक शिक्षा बोर्ड ने 7 अक्टूबर 2026 को पारख सेल और डिजीलॉकर मार्कशीट सुविधा का एक साथ शुभारंभ किया।
शिक्षा मंत्री प्रद्युमन वाजा ने गांधीनगर में इन पहलों का उद्घाटन किया।
2021 से 2026 के बीच परीक्षा देने वाले लगभग एक करोड़ छात्रों की मार्कशीट पहले ही डिजीलॉकर पर अपलोड की जा चुकी है।
पारख सेल NCERT के राष्ट्रीय मूल्यांकन ढाँचे के तहत योग्यता-आधारित प्रश्न बैंक और समग्र प्रगति कार्ड (HPC) तैयार करेगा।
यह पहल NEP 2020 के अंतर्गत रटने की पद्धति की जगह समझ-आधारित शिक्षा को बढ़ावा देगी।
डिजीलॉकर मार्कशीट से भारत और विदेश में शैक्षिक दस्तावेज़ सत्यापन की प्रक्रिया सरल होगी।

गुजरात माध्यमिक और उच्च माध्यमिक शिक्षा बोर्ड ने 7 अक्टूबर 2026 को गांधीनगर स्थित अपने मुख्यालय में राज्य स्तरीय 'पारख सेल' का शुभारंभ किया और कक्षा 10 तथा 12 की मार्कशीट को डिजीलॉकर के माध्यम से सीधे उपलब्ध कराने की डिजिटल सुविधा शुरू की। राज्य के शिक्षा मंत्री प्रद्युमन वाजा ने इन दोनों पहलों का उद्घाटन करते हुए इन्हें राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 के क्रियान्वयन की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया।

पारख सेल क्या है और यह कैसे काम करेगा

पारख (PARAKH) का पूरा नाम परफॉर्मेंस असेसमेंट, रिव्यू, एंड एनालिसिस ऑफ नॉलेज फॉर होलिस्टिक डेवलपमेंट है। इसे राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद (NCERT) ने राष्ट्रीय मूल्यांकन केंद्र के रूप में स्थापित किया है। गुजरात का यह राज्य-स्तरीय पारख प्रकोष्ठ इसी राष्ट्रीय ढाँचे के मार्गदर्शन में कार्य करेगा।

इस प्रकोष्ठ के अंतर्गत योग्यता-आधारित प्रश्न बैंक और मूल्यांकन उपकरण तैयार किए जाएँगे। साथ ही, गुजरात की भाषाई और पाठ्यक्रम आवश्यकताओं के अनुरूप समग्र प्रगति कार्ड (Holistic Progress Card — HPC) के क्रियान्वयन को भी सुगम बनाया जाएगा।

डिजीलॉकर सुविधा: 1 करोड़ पुराने छात्रों को भी लाभ

नई डिजिटल व्यवस्था के तहत, कक्षा 10 और 12 की परीक्षाओं में बैठने वाले छात्रों की मार्कशीट परिणाम घोषित होते ही डिजीलॉकर पर उपलब्ध हो जाएगी। छात्र डिजीलॉकर ऐप के माध्यम से इसे कभी भी डाउनलोड कर सकेंगे।

गौरतलब है कि राज्य ने 2021 से 2026 के बीच परीक्षा देने वाले लगभग एक करोड़ छात्रों की मार्कशीट पहले ही डिजीलॉकर पर अपलोड कर दी है, जिससे पुराने विद्यार्थी भी इस सुविधा का तत्काल लाभ उठा सकेंगे।

शिक्षा मंत्री की प्रतिक्रिया

शिक्षा मंत्री प्रद्युमन वाजा ने कहा कि 'राष्ट्रीय शिक्षा नीति देश की शिक्षा प्रणाली में व्यापक बदलाव ला रही है और गुजरात एक पारदर्शी मूल्यांकन प्रणाली के साथ गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है।' उन्होंने यह भी कहा कि पारख सेल के शुभारंभ से छात्र रटने की पद्धति से मुक्त होकर योग्यता-आधारित शिक्षा की ओर अग्रसर होंगे।

वाजा ने शिक्षा विभाग और गुजरात बोर्ड की टीम को समन्वित प्रयासों के लिए बधाई भी दी तथा कहा कि 'शिक्षा में प्रौद्योगिकी का एकीकरण राज्य की शिक्षा प्रणाली को और मजबूत करेगा।'

आम छात्रों और अभिभावकों पर असर

यह सुविधा उन छात्रों के लिए विशेष रूप से महत्वपूर्ण है जो भारत और विदेश में उच्च शिक्षा या रोज़गार के लिए आवेदन करते समय शैक्षिक दस्तावेजों के सत्यापन में देरी का सामना करते थे। डिजीलॉकर के ज़रिए मार्कशीट की तत्काल उपलब्धता से दस्तावेज़ सत्यापन की प्रक्रिया सरल और तेज़ होने की उम्मीद है।

यह ऐसे समय में आया है जब पूरे देश में NEP 2020 के क्रियान्वयन की गति धीमी रही है — गुजरात का यह कदम राज्यों के बीच एक अनुकरणीय उदाहरण बन सकता है।

आगे की राह

पारख सेल के तहत तैयार होने वाले योग्यता-आधारित प्रश्न बैंक और समग्र प्रगति कार्ड का क्रियान्वयन आने वाले शैक्षणिक सत्रों में होगा। बोर्ड परीक्षाओं में मूल्यांकन का यह नया ढाँचा गुजरात के लाखों स्कूली छात्रों की पढ़ाई और परीक्षा-तैयारी के तरीके को बदल सकता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन इसके दो अलग-अलग आयाम हैं जिन्हें एक साथ देखना ज़रूरी है। डिजीलॉकर सुविधा ठोस और तत्काल लाभकारी है — एक करोड़ पुराने छात्रों की मार्कशीट एक झटके में सुलभ हो गई, यह उपलब्धि है। लेकिन पारख सेल की असली परीक्षा तब होगी जब योग्यता-आधारित प्रश्न बैंक और समग्र प्रगति कार्ड वास्तव में बोर्ड परीक्षाओं में लागू होंगे — क्योंकि NEP 2020 की घोषणा के छह साल बाद भी अधिकांश राज्यों में मूल्यांकन ढाँचा पुराने साँचे में ही है। जब तक शिक्षकों का प्रशिक्षण और परीक्षा-पैटर्न नहीं बदलता, 'पारख' महज़ एक और संस्थागत नाम बनकर रह सकता है।
RashtraPress
8 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

गुजरात बोर्ड की पारख सेल क्या है?
पारख सेल (PARAKH Cell) गुजरात माध्यमिक और उच्च माध्यमिक शिक्षा बोर्ड द्वारा 7 अक्टूबर 2026 को शुरू की गई एक राज्य-स्तरीय मूल्यांकन इकाई है, जो NCERT के राष्ट्रीय पारख ढाँचे के तहत काम करेगी। इसका उद्देश्य रटने की बजाय योग्यता-आधारित शिक्षा और मूल्यांकन को बढ़ावा देना है।
गुजरात बोर्ड की डिजीलॉकर मार्कशीट सुविधा से कौन-से छात्र लाभ उठा सकते हैं?
2021 से 2026 के बीच कक्षा 10 और 12 की परीक्षा देने वाले लगभग एक करोड़ छात्रों की मार्कशीट पहले ही डिजीलॉकर पर अपलोड की जा चुकी है। भविष्य में भी परिणाम घोषित होते ही मार्कशीट डिजीलॉकर ऐप के माध्यम से उपलब्ध होगी।
डिजीलॉकर से मार्कशीट कैसे डाउनलोड करें?
छात्र डिजीलॉकर ऐप डाउनलोड कर अपने मोबाइल नंबर से लॉगिन कर सकते हैं और गुजरात बोर्ड सेक्शन में अपनी डिजिटल मार्कशीट प्राप्त कर सकते हैं। यह सुविधा भारत और विदेश में उच्च शिक्षा व रोज़गार के लिए दस्तावेज़ सत्यापन को भी आसान बनाती है।
NEP 2020 के तहत गुजरात में समग्र प्रगति कार्ड (HPC) क्या होगा?
समग्र प्रगति कार्ड (Holistic Progress Card) छात्रों की सर्वांगीण प्रगति को दर्शाने वाला एक नया मूल्यांकन दस्तावेज़ है, जो केवल अंकों तक सीमित नहीं रहेगा। पारख सेल इसे गुजरात की भाषाई और पाठ्यक्रम आवश्यकताओं के अनुरूप तैयार करेगा।
गुजरात में पारख सेल का उद्घाटन किसने किया?
गुजरात के शिक्षा मंत्री प्रद्युमन वाजा ने 7 अक्टूबर 2026 को गांधीनगर स्थित गुजरात बोर्ड मुख्यालय में पारख सेल और डिजीलॉकर मार्कशीट सेवा का उद्घाटन किया।
राष्ट्र प्रेस
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