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सुगम डिजिटल गुजरात पोर्टल से 1 लाख नागरिकों ने घर बैठे पाए प्रमाण पत्र, 4 महीनों में 7 सेवाएं ऑनलाइन

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सुगम डिजिटल गुजरात पोर्टल से 1 लाख नागरिकों ने घर बैठे पाए प्रमाण पत्र, 4 महीनों में 7 सेवाएं ऑनलाइन

सारांश

गुजरात के 'सुगम डिजिटल गुजरात' पोर्टल ने महज चार महीनों में 1 लाख से अधिक नागरिकों को घर बैठे SEBC, EWS और आय जैसे 7 अहम प्रमाण पत्र दिलाए। डिजिलॉकर और व्हाट्सएप से उपलब्ध ये दस्तावेज़ छात्रों और युवाओं के लिए सरकारी भर्ती व प्रवेश प्रक्रिया को आसान बना रहे हैं।

मुख्य बातें

1 लाख से अधिक गुजरात नागरिकों ने 4 महीनों में 'सुगम डिजिटल गुजरात' पोर्टल से ऑनलाइन प्रमाण पत्र प्राप्त किए।
पोर्टल पर 7 प्रमाण पत्र सेवाएं उपलब्ध हैं — SEBC, नॉन-क्रीमी लेयर, EWS, अनारक्षित श्रेणी, धार्मिक अल्पसंख्यक, गैर-अधिसूचित जनजाति और आय प्रमाण पत्र।
प्रमाण पत्र ई-हस्ताक्षर सहित जारी होते हैं और व्हाट्सएप व डिजिलॉकर पर भी उपलब्ध हैं।
पहल मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल के मार्गदर्शन और सामाजिक न्याय मंत्री प्रद्युमन वाजा व राज्य मंत्री मनीषाबेन वकील के नेतृत्व में शुरू की गई।
विकासशील जाति कल्याण निदेशक विक्रमसिंह जादेव ने नागरिकों से पोर्टल का अधिकतम उपयोग करने की अपील की।

गुजरात सरकार के 'सुगम डिजिटल गुजरात' पोर्टल ने चार महीनों के भीतर 1 लाख से अधिक नागरिकों को घर बैठे आवश्यक प्रमाण पत्र उपलब्ध कराए हैं। गांधीनगर से जारी आधिकारिक जानकारी के अनुसार, इस पोर्टल पर सात प्रमुख प्रमाण पत्र सेवाएं ऑनलाइन उपलब्ध कराई गई हैं, जो सरकारी दफ्तरों के चक्कर लगाने की पुरानी व्यवस्था को बदलने की दिशा में एक ठोस कदम है।

कौन-कौन से प्रमाण पत्र मिलते हैं ऑनलाइन

पोर्टल पर उपलब्ध सात सेवाओं में सामाजिक और शैक्षणिक रूप से पिछड़े वर्ग (SEBC) प्रमाण पत्र, नॉन-क्रीमी लेयर प्रमाण पत्र, आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS) पात्रता प्रमाण पत्र, अनारक्षित श्रेणी प्रमाण पत्र, धार्मिक अल्पसंख्यक प्रमाण पत्र, गैर-अधिसूचित जनजाति प्रमाण पत्र और आय प्रमाण पत्र शामिल हैं। ये सभी दस्तावेज़ कल्याणकारी योजनाओं, शिक्षा संस्थानों में प्रवेश, छात्रवृत्ति और सरकारी भर्ती प्रक्रियाओं के लिए अनिवार्य माने जाते हैं।

कैसे काम करती है यह प्रक्रिया

आवेदक पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन करते हैं और दस्तावेज़ सत्यापन के बाद ई-हस्ताक्षर सहित डिजिटल प्रमाण पत्र सीधे प्राप्त कर सकते हैं। इसके अलावा, ये प्रमाण पत्र व्हाट्सएप और डिजिलॉकर के माध्यम से भी उपलब्ध होंगे, जिससे उपयोगकर्ता इन्हें सुरक्षित रख सकेंगे और जरूरत पड़ने पर तुरंत प्रस्तुत कर सकेंगे।

सरकार की मंशा और नेतृत्व

अधिकारियों के अनुसार, यह पहल मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल के मार्गदर्शन में शुरू की गई है। सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्री प्रद्युमन वाजा और राज्य मंत्री मनीषाबेन वकील के नेतृत्व में इस योजना को क्रियान्वित किया जा रहा है। सरकार का कहना है कि इस डिजिटल प्रणाली का उद्देश्य प्रशासनिक देरी को कम करना और शिक्षा, रोजगार व कल्याण सेवाओं में पारदर्शिता तथा समयबद्धता सुनिश्चित करना है।

छात्रों और युवाओं को विशेष लाभ

यह सुविधा सरकारी भर्ती की तैयारी कर रहे छात्रों और युवाओं के लिए विशेष रूप से उपयोगी मानी जा रही है। कॉलेज प्रवेश, छात्रवृत्ति और सरकारी नौकरी के आवेदन में जरूरी प्रमाण पत्र अब सत्यापन के बाद ऑनलाइन प्राप्त किए जा सकते हैं, जिससे दफ्तरों के बार-बार चक्कर लगाने और दस्तावेज़ी देरी से बचा जा सकेगा। गौरतलब है कि ऐसे प्रमाण पत्रों के लिए पहले कई बार कार्यालयों के दौरे करने पड़ते थे, जो ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों के आवेदकों के लिए विशेष रूप से कठिन था।

अधिकारियों की अपील

विकासशील जाति कल्याण के निदेशक विक्रमसिंह जादेव ने राज्य भर के नागरिकों से अपील की है कि वे प्रमाण पत्र प्राप्त करने के लिए सरकारी कार्यालयों में जाने के बजाय 'सुगम डिजिटल गुजरात' पोर्टल की सेवाओं का अधिकतम उपयोग करें। यह पहल ऐसे समय में आई है जब केंद्र और राज्य सरकारें डिजिटल इंडिया के तहत ई-गवर्नेंस को तेज़ी से विस्तार दे रही हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली कसौटी यह है कि क्या यह सुविधा उन नागरिकों तक पहुँच रही है जिनके पास स्मार्टफोन, इंटरनेट और डिजिटल साक्षरता की कमी है — यानी ग्रामीण और वंचित तबके, जो इन्हीं प्रमाण पत्रों के सबसे बड़े जरूरतमंद हैं। चार महीनों में 1 लाख की संख्या गुजरात की कुल आबादी के अनुपात में अभी भी सीमित है। यह पहल तब और सार्थक होगी जब ऑनलाइन आवेदनों के अस्वीकृति दर, औसत प्रसंस्करण समय और जिलेवार उपयोग के आँकड़े सार्वजनिक किए जाएँ — जो अभी तक सामने नहीं आए हैं।
RashtraPress
28 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

सुगम डिजिटल गुजरात पोर्टल क्या है?
यह गुजरात सरकार का एक ऑनलाइन प्लेटफॉर्म है जिसके माध्यम से नागरिक SEBC, EWS, आय प्रमाण पत्र सहित 7 प्रमुख दस्तावेज़ घर बैठे प्राप्त कर सकते हैं। दस्तावेज़ सत्यापन के बाद ई-हस्ताक्षर युक्त डिजिटल प्रमाण पत्र सीधे जारी किया जाता है।
इस पोर्टल पर कौन-कौन से प्रमाण पत्र मिलते हैं?
पोर्टल पर 7 प्रमाण पत्र उपलब्ध हैं — SEBC, नॉन-क्रीमी लेयर, EWS पात्रता, अनारक्षित श्रेणी, धार्मिक अल्पसंख्यक, गैर-अधिसूचित जनजाति और आय प्रमाण पत्र। ये दस्तावेज़ शिक्षा, छात्रवृत्ति, सरकारी भर्ती और कल्याण योजनाओं के लिए आवश्यक हैं।
क्या ये प्रमाण पत्र डिजिलॉकर या व्हाट्सएप पर मिलेंगे?
हाँ, सरकार के अनुसार ये प्रमाण पत्र व्हाट्सएप और डिजिलॉकर दोनों माध्यमों से उपलब्ध होंगे। इससे उपयोगकर्ता इन्हें सुरक्षित रख सकेंगे और जरूरत पड़ने पर तुरंत प्रस्तुत कर सकेंगे।
इस पहल से छात्रों और युवाओं को क्या फायदा होगा?
कॉलेज प्रवेश, छात्रवृत्ति और सरकारी भर्ती के लिए जरूरी प्रमाण पत्र अब ऑनलाइन मिल सकेंगे, जिससे सरकारी दफ्तरों के बार-बार चक्कर और दस्तावेज़ी देरी से बचा जा सकेगा। यह विशेष रूप से उन युवाओं के लिए उपयोगी है जो सरकारी भर्ती परीक्षाओं की तैयारी कर रहे हैं।
इस पोर्टल की शुरुआत किसने और कब की?
यह पहल मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल के मार्गदर्शन में शुरू की गई है और सामाजिक न्याय व अधिकारिता मंत्री प्रद्युमन वाजा तथा राज्य मंत्री मनीषाबेन वकील के नेतृत्व में संचालित है। पिछले चार महीनों में 1 लाख से अधिक नागरिक इसका लाभ उठा चुके हैं।
राष्ट्र प्रेस
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