गुजरात में ‘सुगम डिजिटल गुजरात’ का उद्घाटन: सीएम भूपेंद्र पटेल ने नागरिकों की सुविधा के लिए उठाया बड़ा कदम

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गुजरात में ‘सुगम डिजिटल गुजरात’ का उद्घाटन: सीएम भूपेंद्र पटेल ने नागरिकों की सुविधा के लिए उठाया बड़ा कदम

सारांश

गुजरात के सीएम भूपेंद्र पटेल ने ‘सुगम डिजिटल गुजरात’ पहल का उद्घाटन किया। यह पहल सरकारी सेवाओं को ऑनलाइन लाकर नागरिकों के काम को आसान बनाने के उद्देश्य से है। जानें इस पहल के तहत कौन-कौन सी सेवाएं उपलब्ध होंगी।

Key Takeaways

  • गुजरात में ‘सुगम डिजिटल गुजरात’ पहल का शुभारंभ
  • 20 हाई-ट्रांजैक्शन सेवाएं ऑनलाइन उपलब्ध होंगी
  • सरकारी सेवाएं अब फेसलेस, कैशलेस और पेपरलेस
  • डिजिटल लॉकर की सुविधा से दस्तावेजों की जरूरत कम होगी
  • एक समय में 10 लाख उपयोगकर्ताओं की क्षमता

गांधीनगर, २४ मार्च (राष्ट्र प्रेस)। गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने मंगलवार को ‘सुगम डिजिटल गुजरात’ परियोजना का उद्घाटन करते हुए कहा कि सरकारी डिजिटल सुधारों का मुख्य उद्देश्य नागरिकों के कार्यों को सरल बनाना है।

उन्होंने कहा, “जितनी आसानी से नागरिकों के कार्य होंगे, उतनी ही सरकार और प्रणाली को संतोष मिलेगा।”

यह पहल राज्य की प्रशासनिक प्रणाली को और अधिक आधुनिक और नागरिक-केंद्रित बनाने का एक महत्वपूर्ण कदम है। इसके अंतर्गत विभिन्न सरकारी सेवाओं को ऑफलाइन से ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर लाया जाएगा।

मुख्यमंत्री ने जानकारी दी कि गुजरात प्रशासनिक सुधार आयोग (जीएआरसी) की पांचवीं रिपोर्ट के आधार पर पांच प्रमुख विभागों की 20 उच्च-लेनदेन सेवाएं अब ऑनलाइन उपलब्ध रहेंगी।

इन सेवाओं में आय प्रमाण पत्र, जाति प्रमाण पत्र, राशन कार्ड और हलफनामा जैसी सुविधाएं शामिल हैं। अब ये सभी सेवाएं “फेसलेस, कैशलेस और पेपरलेस” होंगी, जिससे लोगों को बार-बार सरकारी दफ्तरों में जाने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकारी योजनाओं की जानकारी हर घर तक पहुँचनी चाहिए, ताकि योग्य नागरिक उनके लाभ उठा सकें।

उन्होंने गांव स्तर पर तलाटी और ग्राम कंप्यूटर उद्यमी (वीसीई) की भूमिका को महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि ये लोग नागरिकों को डिजिटल सेवाओं से जोड़ने में मदद करेंगे।

उन्होंने यह भी कहा कि जब नागरिक, जनप्रतिनिधि और सरकारी अधिकारी एक साथ मिलकर काम करते हैं, तो परिणाम प्रभावी और सटीक होते हैं।

मुख्यमंत्री ने प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा डिजिटल भुगतान को बढ़ावा देने का उल्लेख करते हुए कहा कि आज छोटे व्यापारी भी इसका बड़े पैमाने पर उपयोग कर रहे हैं और इसमें नागरिकों का सहयोग महत्वपूर्ण है।

मुख्य सचिव मनोज कुमार दास ने बताया कि इस प्लेटफॉर्म के माध्यम से नागरिक घर बैठे मोबाइल या व्हाट्सएप से आवेदन कर सकेंगे। आधार और बारकोड के जरिए सत्यापन होगा और एक समय में लगभग 10 लाख उपयोगकर्ता इस प्रणाली का लाभ उठा सकेंगे।

मुख्यमंत्री ने डिजिटल लॉकर की भी घोषणा की, जिससे नागरिकों को बार-बार दस्तावेज जमा करने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी।

अधिकारियों के अनुसार, इस पहल के जरिए राशन वितरण, छात्रवृत्ति, विधवा पेंशन समेत कई सेवाएं और अधिक पारदर्शी, तेज और पूरी तरह डिजिटल हो जाएंगी।

यह पहल राज्य में सुशासन को मजबूत करने और तकनीक के जरिए आम लोगों तक सरकारी सेवाओं को सरल तरीके से पहुँचाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।

Point of View

जो सरकारी प्रक्रियाओं को सरल और पारदर्शी बनाने का उद्देश्य रखता है। यह न केवल नागरिकों के जीवन को आसान बनाएगा, बल्कि प्रशासनिक प्रणाली में भी सुधार लाएगा।
NationPress
25/03/2026

Frequently Asked Questions

‘सुगम डिजिटल गुजरात’ क्या है?
यह एक पहल है जिसका उद्देश्य सरकारी सेवाओं को ऑनलाइन लाना और नागरिकों के कार्यों को सरल बनाना है।
इस पहल के तहत कौन-कौन सी सेवाएं उपलब्ध होंगी?
इसमें आय प्रमाण पत्र, जाति प्रमाण पत्र, राशन कार्ड, और हलफनामा जैसी सेवाएं शामिल हैं।
डिजिटल लॉकर का क्या फायदा है?
डिजिटल लॉकर से नागरिकों को बार-बार दस्तावेज जमा करने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी।
कितने उपयोगकर्ता एक समय में इस प्लेटफॉर्म का उपयोग कर सकते हैं?
एक समय में लगभग 10 लाख उपयोगकर्ता इस प्रणाली का लाभ उठा सकेंगे।
इस पहल का मुख्य उद्देश्य क्या है?
इसका मुख्य उद्देश्य नागरिकों के काम को सरल और सरकारी सेवाओं को अधिक पारदर्शी बनाना है।
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