8 अगस्त 2026
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दिव्यांग बस पास डिजिलॉकर से जुड़े: गुजरात को मिला 'एक्सीलेंस इन सिटिजन-सेंट्रिक डिजिटल गवर्नेंस' अवॉर्ड

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दिव्यांग बस पास डिजिलॉकर से जुड़े: गुजरात को मिला 'एक्सीलेंस इन सिटिजन-सेंट्रिक डिजिटल गवर्नेंस' अवॉर्ड

सारांश

गुजरात ने दिव्यांग बस पास को डिजिलॉकर से जोड़कर 4.42 लाख से अधिक दिव्यांगजनों को फिजिकल दस्तावेज की झंझट से मुक्त किया। इस नवाचार के लिए भारत सरकार ने मई 2026 में राष्ट्रीय सम्मान दिया — पेपरलेस गवर्नेंस की दिशा में राज्य का यह कदम अन्य राज्यों के लिए मिसाल बन सकता है।

मुख्य बातें

गुजरात सरकार ने SEMT के सहयोग से सभी दिव्यांग बस पास को डिजिलॉकर से जोड़ा।
राज्यभर में अब तक 4.42 लाख से अधिक दिव्यांग बस पास जारी किए जा चुके हैं।
भारत सरकार ने मई 2026 में 'एक्सीलेंस इन सिटिजन-सेंट्रिक डिजिटल गवर्नेंस' अवॉर्ड प्रदान किया।
पास धारकों को GSRTC बसों में निःशुल्क यात्रा के साथ ₹4 लाख का दुर्घटना मृत्यु बीमा भी मिलता है।
अब दिव्यांग यात्री डिजिलॉकर ऐप से पास दिखाकर यात्रा कर सकते हैं — फिजिकल कार्ड अनिवार्य नहीं।

गुजरात सरकार के सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग ने स्टेट ई-गवर्नेंस मिशन टीम (SEMT) के सहयोग से राज्य के सभी दिव्यांग बस पास को डिजिलॉकर से जोड़ दिया है। इस नागरिक-केंद्रित डिजिटल पहल के लिए भारत सरकार ने गुजरात को प्रतिष्ठित 'एक्सीलेंस इन सिटिजन-सेंट्रिक डिजिटल गवर्नेंस' अवॉर्ड से सम्मानित किया है। यह सम्मान मई 2026 में आयोजित राष्ट्रीय परामर्श कार्यशाला के दौरान प्रदान किया गया।

क्या है दिव्यांग बस पास योजना

गुजरात सरकार का सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग पात्र दिव्यांगजनों को गुजरात राज्य सड़क परिवहन निगम (GSRTC) की बसों में निःशुल्क यात्रा के लिए 'दिव्यांग बस पास' जारी करता है। यह पास एक आधिकारिक दिव्यांगता पहचान पत्र के रूप में भी कार्य करता है। राज्यभर में अब तक 4.42 लाख से अधिक ऐसे पास जारी किए जा चुके हैं।

डिजिलॉकर से जुड़ने से क्या बदला

अब दिव्यांग यात्रियों को मूल फिजिकल पास साथ रखने की आवश्यकता नहीं है। वे बस यात्रा के दौरान कंडक्टर को अपने मोबाइल के डिजिलॉकर ऐप में सुरक्षित पास दिखाकर निःशुल्क यात्रा कर सकते हैं। पास के खोने या क्षतिग्रस्त होने की चिंता भी समाप्त हो गई है, क्योंकि यह डिजिटल रूप में हमेशा उपलब्ध रहता है।

अधिकारियों की प्रतिक्रिया

सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री डॉ. प्रद्युमन वाजा ने कहा, 'विभाग ने सभी पास को डिजिलॉकर से जोड़ दिया है। लाभार्थी डिजिलॉकर ऐप में रखे पास को दिखाकर GSRTC की बसों में निःशुल्क यात्रा कर सकते हैं।' विभाग के सचिव हर्षद पटेल (IAS) ने कहा, 'यह पहल पेपरलेस गवर्नेंस को बढ़ावा देती है और दिव्यांगजनों को किसी भी समय अपने दस्तावेज एक्सेस करने की सुविधा देती है।'

अतिरिक्त लाभ और तकनीकी सहयोग

निःशुल्क बस यात्रा के अतिरिक्त, दिव्यांग बस पास धारक को ₹4 लाख का दुर्घटना मृत्यु बीमा कवच भी मिलता है। पास धारक की दुर्घटना में मृत्यु होने पर नॉमिनी या कानूनी उत्तराधिकारी निर्धारित दस्तावेज प्रस्तुत कर बीमा का लाभ उठा सकते हैं। इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के अंतर्गत राष्ट्रीय ई-गवर्नेंस डिविज़न (NeGD) ने राज्य के डिजिटल सर्विस प्लेटफॉर्म के साथ डिजिलॉकर के एकीकरण को सुगम बनाया।

आगे की राह

मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल के नेतृत्व में यह पहल डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर के ज़रिए दिव्यांगजनों के जीवन को सरल बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। यह ऐसे समय में आया है जब केंद्र सरकार 'डिजिटल इंडिया' के तहत पेपरलेस गवर्नेंस को राष्ट्रीय प्राथमिकता बना रही है। गुजरात का यह मॉडल अन्य राज्यों के लिए अनुकरणीय उदाहरण बन सकता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली परीक्षा ज़मीनी क्रियान्वयन में है — ग्रामीण और अर्ध-शहरी क्षेत्रों में जहाँ स्मार्टफोन की पहुँच और इंटरनेट कनेक्टिविटी अभी भी असमान है, वहाँ के दिव्यांगजनों को डिजिलॉकर-आधारित पास कितना सुलभ होगा, यह सवाल अनुत्तरित है। राष्ट्रीय पुरस्कार डिजिटल एकीकरण की पुष्टि करता है, पर लाभार्थी अनुभव की नहीं। सरकार को यह सुनिश्चित करना होगा कि डिजिटल विभाजन इस योजना का सबसे कमज़ोर कड़ी न बने।
RashtraPress
8 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

दिव्यांग बस पास को डिजिलॉकर से जोड़ने का क्या मतलब है?
इसका अर्थ है कि दिव्यांगजनों का बस पास अब उनके डिजिलॉकर ऐप में डिजिटल रूप में उपलब्ध है। उन्हें GSRTC बसों में यात्रा के दौरान फिजिकल पास साथ रखने की ज़रूरत नहीं — मोबाइल पर ऐप खोलकर कंडक्टर को दिखाना पर्याप्त है।
गुजरात को यह राष्ट्रीय अवॉर्ड कब और किसने दिया?
भारत सरकार ने मई 2026 में 'राज्यों के डेटा के लिए साइबर सुरक्षा ढाँचा मजबूत करना' विषय पर आयोजित राष्ट्रीय परामर्श कार्यशाला के दौरान गुजरात को 'एक्सीलेंस इन सिटिजन-सेंट्रिक डिजिटल गवर्नेंस' अवॉर्ड दिया।
इस योजना से गुजरात में कितने दिव्यांगजनों को फायदा होगा?
राज्यभर में अब तक 4.42 लाख से अधिक दिव्यांग बस पास जारी किए जा चुके हैं। ये सभी पासधारक अब डिजिलॉकर के माध्यम से अपने पास तक पहुँच सकते हैं।
दिव्यांग बस पास धारकों को बस यात्रा के अलावा और क्या लाभ मिलता है?
दिव्यांग बस पास धारकों को GSRTC बसों में निःशुल्क यात्रा के साथ-साथ ₹4 लाख का दुर्घटना मृत्यु बीमा कवच भी मिलता है। पास धारक की दुर्घटना में मृत्यु होने पर नॉमिनी या कानूनी उत्तराधिकारी निर्धारित दस्तावेज प्रस्तुत कर बीमा राशि पाने के पात्र होते हैं।
इस डिजिटल एकीकरण में केंद्र सरकार की क्या भूमिका रही?
इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के अंतर्गत राष्ट्रीय ई-गवर्नेंस डिविज़न (NeGD) ने गुजरात के राज्य डिजिटल सर्विस प्लेटफॉर्म के साथ डिजिलॉकर के एकीकरण को तकनीकी रूप से सुगम बनाया।
राष्ट्र प्रेस
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