21 अगस्त 2026
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गुजरात में दिव्यांगों के लिए साइडकार मोटरसाइकिल रजिस्ट्रेशन को मंजूरी, 40 km/h की स्पीड सीमा तय

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गुजरात में दिव्यांगों के लिए साइडकार मोटरसाइकिल रजिस्ट्रेशन को मंजूरी, 40 km/h की स्पीड सीमा तय

सारांश

गुजरात सरकार ने दिव्यांगजनों — मानसिक रूप से दिव्यांग सहित — के लिए साइडकार मोटरसाइकिल के रजिस्ट्रेशन और संशोधन को मंजूरी दी है। 40 km/h की गति सीमा, हेलमेट और थर्ड-पार्टी बीमा अनिवार्य। यह कदम दिव्यांगजनों को स्वतंत्र आवागमन का सुरक्षित विकल्प देने की दिशा में राज्य की नीतिगत पहल है।

मुख्य बातें

गुजरात सरकार ने 21 अगस्त 2026 को दिव्यांगजनों के लिए साइडकार युक्त मोटरसाइकिल के रजिस्ट्रेशन और तकनीकी बदलाव को मंजूरी दी।
इस नियम में मानसिक रूप से दिव्यांग व्यक्ति भी शामिल; उनके लिए कानूनी अभिभावक की सहमति और अधिकृत चालक अनिवार्य।
वाहन की अधिकतम गति सीमा 40 किलोमीटर प्रति घंटा निर्धारित; चालक और यात्री दोनों के लिए हेलमेट अनिवार्य।
साइडकार में सीट बेल्ट या समकक्ष सुरक्षा प्रणाली और थर्ड-पार्टी बीमा अनिवार्य।
रजिस्ट्रेशन से पहले भौतिक जाँच होगी; मोटर व्हीकल एक्ट, 1988 के सभी प्रावधान लागू।
प्रदेश के सभी आरटीओ और एआरटीओ कार्यालय केंद्र सरकार की गाइडलाइंस के अनुसार नियम लागू करेंगे।

गुजरात सरकार ने 21 अगस्त 2026 को दिव्यांग व्यक्तियों — जिनमें मानसिक रूप से दिव्यांग भी शामिल हैं — के लिए साइडकार युक्त मोटरसाइकिलों के रजिस्ट्रेशन और उनमें तकनीकी बदलाव की अनुमति दे दी है। राज्य के ट्रांसपोर्ट कमिश्नर ने इस संबंध में एक आधिकारिक सर्कुलर जारी करते हुए प्रदेशभर के सभी आरटीओ (RTO) और एआरटीओ (ARTO) कार्यालयों को केंद्र सरकार की निर्धारित गाइडलाइंस का पालन करने का निर्देश दिया है। इस निर्णय का उद्देश्य दिव्यांगजनों को आवागमन का एक सुरक्षित और स्वतंत्र विकल्प उपलब्ध कराना है।

सर्कुलर में क्या है

ट्रांसपोर्ट कमिश्नर के सर्कुलर के अनुसार, साइडकार वाली मोटरसाइकिल का रजिस्ट्रेशन या उसमें बदलाव तभी स्वीकृत किया जाएगा जब वाहन निर्धारित तकनीकी, कानूनी और सुरक्षा मानकों को पूरा करे। रजिस्ट्रेशन या बदलाव की मंजूरी से पहले वाहन की भौतिक जाँच (physical inspection) अनिवार्य होगी ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि साइडकार या अन्य संशोधन से चालक, दिव्यांग यात्री या सड़क पर मौजूद किसी अन्य व्यक्ति को कोई सुरक्षा जोखिम न हो।

वाहन के पास कम से कम थर्ड-पार्टी बीमा कवर वाली वैध बीमा पॉलिसी होना अनिवार्य है। इसके अलावा मोटर व्हीकल एक्ट, 1988 के सभी लागू प्रावधानों और संबंधित नियमों का पालन करना होगा।

मानसिक रूप से दिव्यांगों के लिए विशेष प्रावधान

सर्कुलर में मानसिक रूप से दिव्यांग व्यक्तियों के लिए अलग से शर्तें निर्धारित की गई हैं। ऐसे मामलों में वाहन की ओनरशिप, देखरेख और संचालन से जुड़े दायित्व स्पष्ट किए गए हैं। मोटरसाइकिल को कानूनी अभिभावक (legal guardian) या उनकी जानकारी और सहमति से किसी अधिकृत व्यक्ति द्वारा ही चलाया जाना चाहिए। वाहन चालक के पास संबंधित श्रेणी का वैध ड्राइविंग लाइसेंस होना अनिवार्य है।

सुरक्षा शर्तें और गति सीमा

सर्कुलर में वाहन संचालन के लिए कड़ी सुरक्षा शर्तें तय की गई हैं। किसी भी परिस्थिति में वाहन की गति 40 किलोमीटर प्रति घंटे से अधिक नहीं होनी चाहिए। चालक और साइडकार में बैठे यात्री — जिनमें मानसिक रूप से दिव्यांग यात्री भी शामिल हैं — दोनों के लिए हेलमेट पहनना अनिवार्य होगा। साइडकार में उचित सीट बेल्ट या समकक्ष सुरक्षा प्रणाली भी लगाई जानी चाहिए।

आम जनता पर असर

यह ऐसे समय में आया है जब देशभर में दिव्यांगजनों की गतिशीलता (mobility) और समावेशन को लेकर नीतिगत चर्चा तेज हो रही है। गुजरात का यह कदम उन दिव्यांग व्यक्तियों के लिए विशेष रूप से महत्वपूर्ण है जिन्हें सामान्य दोपहिया वाहनों या सार्वजनिक परिवहन के उपयोग में कठिनाई होती है। गौरतलब है कि साइडकार युक्त वाहन उन्हें बिना किसी पर निर्भर हुए दैनिक जीवन में आवागमन की स्वतंत्रता देता है।

राज्य सरकार ने स्पष्ट किया है कि इस नियम को गुजरात के सभी आरटीओ और एआरटीओ कार्यालयों में केंद्र सरकार के मानकों के अनुरूप लागू किया जाएगा, जिससे प्रदेश के हर जिले में दिव्यांगजन इस सुविधा का लाभ उठा सकें।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली परीक्षा ज़मीनी क्रियान्वयन में होगी — राज्य के सैकड़ों आरटीओ कार्यालयों में प्रशिक्षित कर्मचारियों और मानकीकृत निरीक्षण प्रक्रिया के बिना यह नीति कागज़ों तक सिमट सकती है। मानसिक रूप से दिव्यांग व्यक्तियों के लिए अभिभावक-आधारित शर्तें व्यावहारिक हैं, पर यह भी देखना होगा कि क्या आरटीओ अधिकारी इन जटिल मामलों को सुचारू रूप से निपटाने के लिए तैयार हैं। दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम, 2016 की भावना के अनुरूप यह कदम सही दिशा में है, लेकिन समयबद्ध समीक्षा तंत्र के बिना इसका प्रभाव सीमित रह सकता है।
RashtraPress
21 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

गुजरात में दिव्यांगों के लिए साइडकार मोटरसाइकिल रजिस्ट्रेशन की नई नीति क्या है?
गुजरात सरकार ने 21 अगस्त 2026 को दिव्यांग व्यक्तियों — मानसिक रूप से दिव्यांग सहित — के लिए साइडकार युक्त मोटरसाइकिलों के रजिस्ट्रेशन और संशोधन को मंजूरी दी है। ट्रांसपोर्ट कमिश्नर के सर्कुलर के तहत यह सुविधा तकनीकी, कानूनी और सुरक्षा मानकों की पूर्ति पर उपलब्ध होगी।
साइडकार मोटरसाइकिल चलाने के लिए क्या-क्या शर्तें हैं?
वाहन की अधिकतम गति 40 किलोमीटर प्रति घंटे से अधिक नहीं होनी चाहिए। चालक और साइडकार में बैठे यात्री दोनों के लिए हेलमेट अनिवार्य है, साइडकार में सीट बेल्ट या समकक्ष सुरक्षा प्रणाली लगानी होगी, और वाहन के पास वैध थर्ड-पार्टी बीमा होना चाहिए।
मानसिक रूप से दिव्यांग व्यक्तियों के लिए क्या विशेष प्रावधान हैं?
मानसिक रूप से दिव्यांग व्यक्तियों के मामले में मोटरसाइकिल को उनके कानूनी अभिभावक या अभिभावक की जानकारी और सहमति से किसी अधिकृत व्यक्ति द्वारा ही चलाया जाना चाहिए। वाहन चालक के पास संबंधित श्रेणी का वैध ड्राइविंग लाइसेंस होना अनिवार्य है।
रजिस्ट्रेशन से पहले कौन-सी प्रक्रिया पूरी करनी होगी?
रजिस्ट्रेशन या बदलाव की मंजूरी से पहले वाहन की भौतिक जाँच अनिवार्य है ताकि यह सुनिश्चित हो कि साइडकार और अन्य संशोधन किसी के लिए सुरक्षा जोखिम नहीं बनाते। इसके साथ ही मोटर व्हीकल एक्ट, 1988 के सभी प्रावधानों का पालन करना होगा।
यह नीति गुजरात में कहाँ-कहाँ लागू होगी?
गुजरात के सभी आरटीओ और एआरटीओ कार्यालयों में यह नीति केंद्र सरकार के मानकों और गाइडलाइंस के अनुसार लागू की जाएगी। इससे राज्य के हर जिले में दिव्यांगजन इस सुविधा का लाभ उठा सकेंगे।
राष्ट्र प्रेस
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