गुजरात: मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने 5,676 दिव्यांगों को प्रदान की मोटराइज्ड ट्राइसाइकिल और जॉयस्टिक व्हीलचेयर

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गुजरात: मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने 5,676 दिव्यांगों को प्रदान की मोटराइज्ड ट्राइसाइकिल और जॉयस्टिक व्हीलचेयर

सारांश

गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने 5,676 दिव्यांग व्यक्तियों को मोटराइज्ड ट्राइसाइकिल और जॉयस्टिक व्हीलचेयर वितरित की, जिससे उनकी यात्रा सुगम हो सकेगी। यह पहल दिव्यांगों के लिए स्वतंत्रता और सुविधा को बढ़ावा देने के लिए की गई है।

Key Takeaways

  • मुख्यमंत्री ने 5,676 दिव्यांगों को सहायक उपकरण वितरित किए।
  • इस योजना से दिव्यांगों की आवाजाही में सुधार होगा।
  • 60 करोड़ रुपए का बजट इस योजना के लिए निर्धारित किया गया है।
  • लाभार्थियों की आयु में बदलाव किया गया है।
  • सहायक उपकरणों के माध्यम से दिव्यांगों को स्वतंत्रता मिलेगी।

गांधीनगर, 13 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने शुक्रवार को राज्य के दिव्यांग व्यक्तियों की सुविधा और उनकी यात्रा को सुगम बनाने के लिए 5,676 लोगों को 36.7 करोड़ रुपए की लागत की मोटराइज्ड ट्राइसाइकिल और जॉयस्टिक संचालित व्हीलचेयर वितरित की।

इन सहायक उपकरणों का मुख्य उद्देश्य दिव्यांग लोगों को स्वतंत्रता से यात्रा करने में मदद करना और दैनिक गतिविधियों के दौरान होने वाले शारीरिक तनाव को कम करना है।

मुख्यमंत्री ने गांधीनगर में आयोजित एक समारोह में प्रतीकात्मक रूप से लगभग 40 लाभार्थियों को ये उपकरण दिए, जबकि राज्य के अन्य 34 जिलों में रहने वाले लाभार्थियों को भी इसी योजना के तहत मोटराइज्ड ट्राइसाइकिल और जॉयस्टिक व्हीलचेयर मिलेंगी।

इस वितरण योजना के अंतर्गत 4,000 दिव्यांग व्यक्तियों को मोटराइज्ड ट्राइसाइकिल और 1,676 लाभार्थियों को जॉयस्टिक संचालित व्हीलचेयर प्रदान की जा रही हैं।

यह पहल राज्य के सामाजिक न्याय और अधिकारिता विभाग द्वारा दिव्यांग व्यक्तियों के लिए चलाए जा रहे ‘दिव्यांग सहायक उपकरण सहायता’ कार्यक्रम के अंतर्गत है।

राज्य सरकार ने 2025-26 के बजट में इस योजना के लिए 60 करोड़ रुपए का प्रावधान किया था, जिसके तहत दिव्यांगजनों को उन्नत सहायक उपकरण उपलब्ध कराए जा रहे हैं।

कार्यक्रम के दौरान, लाभार्थियों से बातचीत करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि मोटराइज्ड ट्राइसाइकिल और जॉयस्टिक व्हीलचेयर मिलने से दिव्यांगजन अपनी दैनिक गतिविधियों को अधिक स्वतंत्रता के साथ कर सकेंगे और एक स्थान से दूसरे स्थान तक आसानी से पहुंच सकेंगे।

उन्होंने कहा कि इन आधुनिक उपकरणों के उपयोग से हाथ से संचालित गतिशीलता उपकरणों को चलाने में लगने वाला शारीरिक परिश्रम काफी कम होगा।

मुख्यमंत्री ने बताया कि इससे पहले ‘दिव्यांग सहायक उपकरण सहायता’ योजना के तहत लाभार्थियों को हाथ से चलने वाली ट्राइसाइकिल और सामान्य व्हीलचेयर दी जाती थीं।

अधिकारियों के अनुसार, इन उपकरणों को चलाने में अधिक शारीरिक मेहनत लगती थी और लंबी दूरी तय करने में कई बार कठिनाई होती थी।

सीएम ने जॉयस्टिक व्हीलचेयर योजना के तहत वित्तीय सहायता में भी बदलाव की घोषणा की। चलने-फिरने में असमर्थता, सेरेब्रल पाल्सी, मस्कुलर डिस्ट्रॉफी और अन्य कई प्रकार की बीमारियों से ग्रस्त लाभार्थियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए साधारण जॉयस्टिक व्हीलचेयर के स्थान पर फोल्डिंग जॉयस्टिक व्हीलचेयर के लिए सहायता राशि बढ़ाकर 1.10 लाख रुपए कर दी गई है।

इसके साथ ही राज्य सरकार ने मस्कुलर डिस्ट्रॉफी जैसी गंभीर बीमारी से पीड़ित लाभार्थियों के लिए सहायता प्राप्त करने की पात्रता आयु को 18 वर्ष से घटाकर 10 वर्ष कर दिया है, ताकि कम उम्र में ही मरीजों को आवश्यक सहायक उपकरण मिल सकें।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी पात्र दिव्यांग सरकारी सहायता से वंचित न रहे। उन्होंने सामाजिक न्याय और अधिकारिता विभाग को निर्देश दिया कि इस योजना को व्यापक स्तर पर लागू किया जाए और राज्य के सभी पात्रों तक सहायक उपकरणों की पहुंच सुनिश्चित की जाए।

Point of View

बल्कि यह समाज में उनकी स्वतंत्रता और आत्मनिर्भरता को भी बढ़ावा दे रही है। यह कदम सामाजिक न्याय और अधिकारिता के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण प्रगति है।
NationPress
19/03/2026

Frequently Asked Questions

मुख्यमंत्री ने कितने दिव्यांग व्यक्तियों को उपकरण वितरित किए?
मुख्यमंत्री ने कुल 5,676 दिव्यांग व्यक्तियों को उपकरण वितरित किए।
इस योजना का मुख्य उद्देश्य क्या है?
इस योजना का मुख्य उद्देश्य दिव्यांग व्यक्तियों की आवाजाही को बेहतर बनाना और उन्हें स्वतंत्रता प्रदान करना है।
इस योजना के अंतर्गत कितनी राशि का प्रावधान किया गया है?
इस योजना के लिए 60 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है।
क्या लाभार्थियों की आयु में बदलाव किया गया है?
हाँ, मस्कुलर डिस्ट्रॉफी जैसी बीमारियों वाले लाभार्थियों के लिए सहायता प्राप्त करने की पात्रता आयु को 18 वर्ष से घटाकर 10 वर्ष कर दिया गया है।
इन सहायक उपकरणों का क्या लाभ है?
इन सहायक उपकरणों से दिव्यांग लोग अपनी दैनिक गतिविधियों को अधिक स्वतंत्रता और आसानी से कर सकेंगे।
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