गुजरात में इबोला संदेह: अफ्रीका से लौटे व्यवसायी सहित 4 क्वारंटाइन, नमूने पुणे भेजे
सारांश
मुख्य बातें
गुजरात के स्वास्थ्य अधिकारियों ने 27 मई 2026 को अफ्रीका से लौटे 37 वर्षीय व्यवसायी अमोरी लोकोला सहित कुल चार लोगों को इबोला संक्रमण की आशंका के चलते क्वारंटाइन किया है। रक्त के नमूने जाँच के लिए पुणे स्थित प्रयोगशाला भेजे गए हैं। राज्य के स्वास्थ्य मंत्री प्रफुल पंशेरिया ने स्पष्ट किया कि गुजरात या भारत में इबोला का कोई पुष्ट मामला नहीं है और ये उपाय पूरी तरह एहतियाती हैं।
मामले का घटनाक्रम
अधिकारियों के अनुसार, व्यवसायी अमोरी लोकोला लगभग 5 से 7 दिन पहले मुंबई पहुँचे और वहाँ से वडोदरा गए। वडोदरा में बुखार आने पर उन्हें बैंकर अस्पताल में भर्ती कराया गया। स्वास्थ्य विभाग को सूचना मिलते ही उन्हें अहमदाबाद सिविल अस्पताल के विशेष इबोला आइसोलेशन वार्ड में स्थानांतरित किया गया।
यह ऐसे समय में आया है जब युगांडा और कांगो में इबोला के नए मामले सामने आ रहे हैं और विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने सभी देशों के लिए विशेष दिशानिर्देश जारी किए हैं।
क्वारंटाइन में कौन-कौन
मंत्री पंशेरिया के अनुसार, लोकोला के साथ यात्रा कर रहे पैट्रिक काजा और वैलेंटीन जोडल को अहमदाबाद के एसवीपी अस्पताल के अलग-अलग आइसोलेशन वार्डों में रखा गया है। इसके अतिरिक्त, लोकोला के पेशेवर संपर्क में आए डॉ. सुनील मुसाना को भी एहतियात के तौर पर क्वारंटाइन किया गया है। सभी मरीजों की स्थिति फिलहाल स्थिर बताई जा रही है।
सरकार की प्रतिक्रिया और निगरानी
स्वास्थ्य मंत्री पंशेरिया ने कहा, 'यह पुष्टि नहीं हुई है कि यह इबोला वायरस का मामला है, इसलिए घबराने की कोई ज़रूरत नहीं है।' उन्होंने बताया कि मरीज 10 से 11 दिन तक क्वारंटाइन में रहेंगे और रिपोर्ट आने के बाद स्थिति स्पष्ट होगी।
गौरतलब है कि इससे पहले भी गुजरात में एक संदिग्ध मामले में नमूने भेजे गए थे, जिनकी रिपोर्ट नकारात्मक आई थी। मंत्री ने कहा कि प्रभावित देशों से आने वाले किसी भी यात्री में हल्का बुखार, सर्दी या खाँसी होने पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है।
आम जनता पर असर और सावधानी
स्वास्थ्य विभाग ने आम जनता से अपील की है कि वे अफ्रीका के प्रभावित देशों से लौटे किसी भी व्यक्ति में बुखार या अन्य लक्षण दिखने पर तुरंत स्वास्थ्य अधिकारियों को सूचित करें। विशेषज्ञों के अनुसार, इबोला संक्रमित व्यक्ति के सीधे शारीरिक संपर्क से फैलता है और सामान्य जनसंपर्क से इसके फैलने की संभावना बेहद कम होती है।
आगे क्या होगा
पुणे प्रयोगशाला से रिपोर्ट आने के बाद अगला कदम तय किया जाएगा। यदि नमूने नकारात्मक आते हैं तो क्वारंटाइन समाप्त किया जा सकता है। राज्य सरकार WHO के दिशानिर्देशों के अनुरूप निगरानी जारी रखेगी और अंतरराष्ट्रीय यात्रियों की स्क्रीनिंग को सतर्कता से संचालित किया जाएगा।