इबोला पर छत्तीसगढ़ सरकार सतर्क: दुर्ग में 3 विदेशी नागरिक 21 दिन आइसोलेशन में, स्वास्थ्य मंत्री जायसवाल ने दी जानकारी
सारांश
मुख्य बातें
छत्तीसगढ़ के स्वास्थ्य मंत्री श्यामबिहारी जायसवाल ने 6 जून 2026 को रायपुर में मीडिया से बातचीत के दौरान इबोला वायरस को लेकर राज्य सरकार की तैयारियों का विस्तृत ब्यौरा दिया। उन्होंने बताया कि दुर्ग में तीन विदेशी नागरिकों को एहतियातन 21 दिनों के लिए आइसोलेशन में रखा गया है और अब तक उनमें इबोला के कोई लक्षण नहीं पाए गए हैं।
इबोला को लेकर राज्य की तैयारियाँ
स्वास्थ्य मंत्री जायसवाल ने बताया कि राज्य सरकार ने लगभग एक महीने पहले ही सभी स्तरों पर आवश्यक तैयारियाँ शुरू कर दी थीं। उन्होंने जानकारी दी कि अफ्रीकी देशों में इबोला वायरस के मामले सामने आए हैं और वहाँ करीब ढाई से तीन सौ पॉजिटिव केस दर्ज किए गए हैं। दुर्ग में आइसोलेशन में रखे गए तीनों नागरिक कांगो, इथियोपिया और एक अन्य अफ्रीकी देश से आए थे।
जायसवाल ने स्पष्ट किया कि अब तक की जाँच में इन तीनों में इबोला के किसी भी लक्षण की पुष्टि नहीं हुई है और न ही कोई संदिग्ध संकेत मिले हैं। बावजूद इसके, सुरक्षा की दृष्टि से उन्हें निगरानी में रखा गया है।
भूपेश बघेल के बयान पर पलटवार
पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के उस बयान पर — जिसमें उन्होंने कहा था कि भाजपा नेताओं को उनके सपने आते हैं — स्वास्थ्य मंत्री ने तीखी प्रतिक्रिया दी। जायसवाल ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी (BJP) विकसित भारत-2047, भारत को विश्वगुरु बनाने और गरीब कल्याण की योजनाओं के सपने देखती है। उन्होंने व्यंग्यात्मक लहजे में कहा कि संभवतः बघेल दिन में सपने देखते हैं, इसलिए उन्हें ऐसा महसूस होता है।
कांग्रेस की कार्यशैली पर सवाल
कर्नाटक में मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार की कैबिनेट में विभागों को लेकर मंत्री के इस्तीफे के सवाल पर जायसवाल ने कांग्रेस की राजनीतिक संस्कृति पर निशाना साधा। उनके अनुसार, भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (कांग्रेस) और कुछ अन्य दलों की राजनीति केवल सत्ता प्राप्त करने तक सीमित है — इन दलों में न कोई स्पष्ट सिद्धांत है और न ही अनुशासन। यही कारण है कि मुख्यमंत्री पद, मंत्री पद या टिकट न मिलने पर बगावत की घटनाएँ सामने आती रहती हैं।
BJP संगठन और हेल्पलाइन पर बयान
BJP के नए राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ के नेताओं को बड़ी जिम्मेदारी मिलने की संभावना पर जायसवाल ने कहा कि यह पूरी तरह संगठन का विषय है और इस संबंध में निर्णय केंद्रीय नेतृत्व करता है। उन्होंने भरोसा जताया कि पार्टी नेतृत्व छत्तीसगढ़ पर लगातार ध्यान दे रहा है।
मुख्यमंत्री हेल्पलाइन नंबर जारी करने की योजना पर स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि सरकार का उद्देश्य जनता की समस्याओं को सीधे सुनना और उनका समाधान करना है। उन्होंने कहा कि टोल-फ्री हेल्पलाइन शुरू होने से आम लोगों को राहत मिलेगी और शासन के प्रति विश्वास बढ़ेगा।
कांग्रेस के प्रस्तावित प्रशिक्षण शिविर पर जायसवाल ने तंज कसते हुए कहा कि जिन राज्यों में कांग्रेस ने पदयात्राएँ कीं, वहाँ बाद में राजनीतिक नुकसान भी देखने को मिला। आने वाले दिनों में इबोला निगरानी की स्थिति और हेल्पलाइन के क्रियान्वयन पर राज्य सरकार की ओर से और जानकारी सामने आने की उम्मीद है।