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गुजरात में सखी वन स्टॉप सेंटर: 2017 से 53,851 महिलाओं को मिली एकीकृत सहायता

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गुजरात में सखी वन स्टॉप सेंटर: 2017 से 53,851 महिलाओं को मिली एकीकृत सहायता

सारांश

गुजरात के 36 सखी वन स्टॉप सेंटर ने 2017 से सितंबर 2026 तक 53,851 हिंसा-प्रभावित महिलाओं को एक ही छत के नीचे आश्रय, चिकित्सा, कानूनी और पुलिस सहायता दी। आश्रय सबसे अधिक माँगी गई सेवा रही, जो महिला सुरक्षा की ज़मीनी ज़रूरत को रेखांकित करती है।

मुख्य बातें

गुजरात के 34 जिलों में 36 सखी वन स्टॉप सेंटर संचालित हैं।
2017 से सितंबर 2026 तक कुल 53,851 महिलाओं को सहायता प्रदान की गई।
सर्वाधिक 29,351 महिलाओं को आश्रय मिला; 8,527 को चिकित्सा, 7,617 को कानूनी और 4,706 को पुलिस सहायता दी गई।
केंद्र चौबीसों घंटे कार्यरत रहते हैं और वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग व आपातकालीन बचाव सेवाएँ भी उपलब्ध हैं।
यह योजना अगस्त 2016 में केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्रालय द्वारा शुरू की गई थी।

गुजरात के 34 जिलों में संचालित 36 सखी वन स्टॉप सेंटर के माध्यम से 2017 से सितंबर 2026 तक कुल 53,851 महिलाओं को एकीकृत सहायता प्रदान की गई है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार, हिंसा से प्रभावित महिलाओं को दी गई सेवाओं में आश्रय सबसे अधिक माँगी जाने वाली सुविधा रही है।

मुख्य आंकड़े और सेवाओं का विवरण

सरकारी आंकड़ों के अनुसार, सहायता प्राप्त 53,851 महिलाओं में से 29,351 को आश्रय प्रदान किया गया — जो कुल लाभार्थियों का सबसे बड़ा हिस्सा है। इसके अलावा, 8,527 महिलाओं को चिकित्सा सहायता, 7,617 को कानूनी सहायता और 4,706 को पुलिस सहायता उपलब्ध कराई गई।

इन केंद्रों में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग सुविधा, आपातकालीन प्रतिक्रिया और बचाव सेवाएँ भी उपलब्ध हैं। ये केंद्र चौबीसों घंटे कार्यरत रहते हैं, जिससे किसी भी समय संकटग्रस्त महिलाएँ और किशोरियाँ सहायता प्राप्त कर सकती हैं।

योजना की पृष्ठभूमि और उद्देश्य

सखी वन स्टॉप सेंटर योजना अगस्त 2016 में केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्रालय द्वारा शुरू की गई थी। इसका मुख्य उद्देश्य हिंसा से प्रभावित महिलाओं को एक ही छत के नीचे आश्रय, चिकित्सा उपचार, कानूनी सहायता, पुलिस सहायता और परामर्श जैसी सेवाएँ उपलब्ध कराना है, ताकि उन्हें अलग-अलग कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें।

गौरतलब है कि यह पहल घर, कार्यस्थल, समुदाय और सार्वजनिक स्थानों — सभी संदर्भों में हिंसा का सामना करने वाली महिलाओं की मदद करने के लिए तैयार की गई है।

गुजरात में क्रियान्वयन

गुजरात में इस योजना को राज्य सरकार के महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा कार्यान्वित किया जा रहा है। अधिकारियों के अनुसार, राज्य के 34 जिलों में फैले 36 केंद्र यह सुनिश्चित करते हैं कि पीड़ित महिलाएँ तत्काल सुरक्षा और आवश्यक सेवाएँ प्राप्त कर सकें।

यह ऐसे समय में महत्वपूर्ण है जब देश भर में महिलाओं के विरुद्ध हिंसा के मामलों में जागरूकता और रिपोर्टिंग दोनों में वृद्धि देखी जा रही है। एक ही स्थान पर एकीकृत सेवाओं का यह मॉडल अन्य राज्यों के लिए भी अनुकरणीय माना जाता है।

आम जनता पर असर

इन केंद्रों की सेवाएँ अस्थायी आश्रय और तत्काल चिकित्सा सहायता से लेकर दीर्घकालिक कानूनी और पुलिस सहायता तक फैली हैं। अधिकारियों ने बताया कि केंद्रों में उपलब्ध परामर्श सेवाएँ महिलाओं को मानसिक और भावनात्मक पुनर्बलन में भी सहायक होती हैं।

नवीनतम आंकड़े 2017 से शुरू होकर सितंबर 2026 तक की अवधि को कवर करते हैं। आगे जाकर इन केंद्रों के विस्तार और डिजिटल सेवाओं के समावेश पर विचार किए जाने की संभावना है।

संपादकीय दृष्टिकोण

851 का यह आँकड़ा उपलब्धि के साथ-साथ एक गहरी सच्चाई भी उजागर करता है — गुजरात में हिंसा से पीड़ित महिलाओं की माँग लगातार बनी हुई है। यह ध्यान देने योग्य है कि सहायता प्राप्त महिलाओं में आश्रय की माँग सबसे अधिक रही, जो दर्शाती है कि घरेलू हिंसा और विस्थापन अभी भी प्रमुख समस्याएँ हैं। केंद्रों की संख्या और लाभार्थियों के अनुपात पर स्वतंत्र मूल्यांकन की आवश्यकता है, ताकि यह जाना जा सके कि क्या 36 केंद्र 34 जिलों की पूरी जरूरत को पूरा कर पा रहे हैं।
RashtraPress
18 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

सखी वन स्टॉप सेंटर क्या है?
सखी वन स्टॉप सेंटर, केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्रालय की अगस्त 2016 में शुरू की गई योजना है, जो हिंसा-प्रभावित महिलाओं को एक ही स्थान पर आश्रय, चिकित्सा, कानूनी, पुलिस सहायता और परामर्श उपलब्ध कराती है। इससे पीड़ित महिलाओं को अलग-अलग विभागों के चक्कर नहीं लगाने पड़ते।
गुजरात में सखी सेंटर से कितनी महिलाओं को फायदा हुआ?
सरकारी आंकड़ों के अनुसार, 2017 से सितंबर 2026 तक गुजरात के 36 केंद्रों से 53,851 महिलाओं को सहायता मिली है। इनमें 29,351 को आश्रय, 8,527 को चिकित्सा और 7,617 को कानूनी सहायता प्रदान की गई।
गुजरात में कितने सखी केंद्र हैं और कहाँ हैं?
गुजरात के 34 जिलों में कुल 36 सखी वन स्टॉप सेंटर संचालित हैं। ये केंद्र राज्य सरकार के महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा चौबीसों घंटे चलाए जाते हैं।
इन केंद्रों में कौन-कौन सी सेवाएँ मिलती हैं?
इन केंद्रों में आश्रय, चिकित्सा उपचार, कानूनी सहायता, पुलिस सहायता, मनोवैज्ञानिक परामर्श, वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग सुविधा और आपातकालीन बचाव सेवाएँ शामिल हैं। ये सेवाएँ घर, कार्यस्थल, समुदाय या सार्वजनिक स्थान — किसी भी जगह हिंसा का सामना करने वाली महिलाओं के लिए उपलब्ध हैं।
क्या ये केंद्र 24 घंटे उपलब्ध हैं?
हाँ, गुजरात के सखी वन स्टॉप सेंटर चौबीसों घंटे और सातों दिन कार्यरत रहते हैं। संकटग्रस्त महिलाएँ किसी भी समय इन केंद्रों से तत्काल सहायता प्राप्त कर सकती हैं।
राष्ट्र प्रेस
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