गुरु नानक देव प्रकाश पर्व: पाकिस्तान जाने वाले 7,500 सिख श्रद्धालुओं के वीजा पर सहमति, एसजीपीसी संतुष्ट
सारांश
मुख्य बातें
शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (एसजीपीसी) के अध्यक्ष एडवोकेट हरजिंदर सिंह धामी ने 18 अगस्त को अमृतसर में जानकारी दी कि श्री गुरु नानक देव जी के प्रकाश गुरुपर्व पर पाकिस्तान जाने वाले सिख श्रद्धालुओं के जत्थे के लिए वीजा प्रक्रिया में सकारात्मक प्रगति हुई है। एसजीपीसी प्रतिनिधिमंडल और पाकिस्तानी राजदूत के बीच हुई महत्वपूर्ण बैठक में करीब 7,500 पासपोर्ट के आधार पर वीजा आवेदनों को मंजूरी देने का आश्वासन मिला है।
बैठक में क्या हुआ
एसजीपीसी के प्रतिनिधिमंडल ने पाकिस्तानी राजदूत के साथ बैठक कर श्रद्धालुओं के वीजा आवेदनों पर विस्तृत चर्चा की। धामी के अनुसार, पाकिस्तानी राजदूत ने भरोसा दिलाया कि शिरोमणि कमेटी की ओर से भेजे गए सभी वीजा आवेदनों को मंजूरी देने का प्रयास किया जाएगा। एसजीपीसी अध्यक्ष ने इस आश्वासन के लिए राजदूत का आभार व्यक्त किया।
सालाना जत्थों की व्यवस्था
एसजीपीसी हर वर्ष चार बार सिख श्रद्धालुओं के जत्थे पाकिस्तान स्थित पवित्र सिख धर्मस्थलों के दर्शन के लिए भेजती है। इनमें श्री ननकाना साहिब, श्री पंजा साहिब, श्री करतारपुर साहिब और लाहौर की चूना मंडी सहित अन्य ऐतिहासिक गुरुद्वारे शामिल हैं। गौरतलब है कि इस वर्ष श्री गुरु अर्जन देव जी के शहीदी दिवस पर कार्यक्रमों की तारीखों में टकराव के चलते जत्था पाकिस्तान नहीं जा सका था।
करतारपुर कॉरिडोर बंद होने पर चिंता
बैठक के दौरान धामी ने करतारपुर साहिब कॉरिडोर के बंद रहने पर गहरी चिंता जताई और भारत तथा पाकिस्तान दोनों सरकारों से इसे शीघ्र पुनः खोलने की अपील की। उन्होंने कहा कि हर सिख श्रद्धालु की यह गहरी इच्छा होती है कि वह उस पवित्र भूमि के दर्शन कर सके, जहाँ प्रथम सिख गुरु श्री गुरु नानक देव जी ने अपने जीवन का महत्वपूर्ण समय बिताया और मानवता की सेवा का संदेश दिया।
सिख संगत में रोष, एसजीपीसी का अगला कदम
धामी ने स्पष्ट किया कि एसजीपीसी पहले भी पासपोर्ट की अनिवार्यता समाप्त करने की माँग उठाती रही है, लेकिन कॉरिडोर के बंद रहने से सिख संगत में निराशा और रोष है। शिरोमणि कमेटी इस मुद्दे को भारत सरकार के समक्ष भी उठाएगी, ताकि दोनों देशों के बीच आवश्यक संवाद स्थापित हो और श्रद्धालुओं की धार्मिक भावनाओं को ध्यान में रखते हुए करतारपुर साहिब कॉरिडोर जल्द से जल्द फिर से खोला जा सके।