18 अगस्त 2026
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गुरु नानक देव प्रकाश पर्व: पाकिस्तान जाने वाले 7,500 सिख श्रद्धालुओं के वीजा पर सहमति, एसजीपीसी संतुष्ट

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गुरु नानक देव प्रकाश पर्व: पाकिस्तान जाने वाले 7,500 सिख श्रद्धालुओं के वीजा पर सहमति, एसजीपीसी संतुष्ट

सारांश

गुरु नानक देव जी के प्रकाश पर्व पर पाकिस्तान जाने के इच्छुक करीब 7,500 सिख श्रद्धालुओं के लिए राहत की खबर — पाकिस्तानी राजदूत ने वीजा मंजूरी का आश्वासन दिया। लेकिन करतारपुर कॉरिडोर अभी भी बंद है और एसजीपीसी ने दोनों सरकारों से इसे तत्काल खोलने की अपील की है।

मुख्य बातें

एसजीपीसी अध्यक्ष एडवोकेट हरजिंदर सिंह धामी ने 18 अगस्त को बताया कि गुरु नानक देव प्रकाश पर्व के लिए पाकिस्तान जाने वाले श्रद्धालुओं के वीजा पर सकारात्मक प्रगति हुई है।
एसजीपीसी को करीब 7,500 पासपोर्ट प्राप्त हुए हैं; पाकिस्तानी राजदूत ने सभी वीजा आवेदनों को मंजूरी देने का प्रयास करने का आश्वासन दिया।
एसजीपीसी हर वर्ष चार बार सिख जत्थे ननकाना साहिब, पंजा साहिब, करतारपुर साहिब और लाहौर के गुरुद्वारों के दर्शन के लिए भेजती है।
इस वर्ष गुरु अर्जन देव जी के शहीदी दिवस पर तारीखों के टकराव के कारण जत्था पाकिस्तान नहीं जा सका था।
करतारपुर साहिब कॉरिडोर के बंद रहने पर एसजीपीसी ने चिंता जताई और भारत व पाकिस्तान दोनों सरकारों से इसे जल्द खोलने की अपील की।

शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (एसजीपीसी) के अध्यक्ष एडवोकेट हरजिंदर सिंह धामी ने 18 अगस्त को अमृतसर में जानकारी दी कि श्री गुरु नानक देव जी के प्रकाश गुरुपर्व पर पाकिस्तान जाने वाले सिख श्रद्धालुओं के जत्थे के लिए वीजा प्रक्रिया में सकारात्मक प्रगति हुई है। एसजीपीसी प्रतिनिधिमंडल और पाकिस्तानी राजदूत के बीच हुई महत्वपूर्ण बैठक में करीब 7,500 पासपोर्ट के आधार पर वीजा आवेदनों को मंजूरी देने का आश्वासन मिला है।

बैठक में क्या हुआ

एसजीपीसी के प्रतिनिधिमंडल ने पाकिस्तानी राजदूत के साथ बैठक कर श्रद्धालुओं के वीजा आवेदनों पर विस्तृत चर्चा की। धामी के अनुसार, पाकिस्तानी राजदूत ने भरोसा दिलाया कि शिरोमणि कमेटी की ओर से भेजे गए सभी वीजा आवेदनों को मंजूरी देने का प्रयास किया जाएगा। एसजीपीसी अध्यक्ष ने इस आश्वासन के लिए राजदूत का आभार व्यक्त किया।

सालाना जत्थों की व्यवस्था

एसजीपीसी हर वर्ष चार बार सिख श्रद्धालुओं के जत्थे पाकिस्तान स्थित पवित्र सिख धर्मस्थलों के दर्शन के लिए भेजती है। इनमें श्री ननकाना साहिब, श्री पंजा साहिब, श्री करतारपुर साहिब और लाहौर की चूना मंडी सहित अन्य ऐतिहासिक गुरुद्वारे शामिल हैं। गौरतलब है कि इस वर्ष श्री गुरु अर्जन देव जी के शहीदी दिवस पर कार्यक्रमों की तारीखों में टकराव के चलते जत्था पाकिस्तान नहीं जा सका था।

करतारपुर कॉरिडोर बंद होने पर चिंता

बैठक के दौरान धामी ने करतारपुर साहिब कॉरिडोर के बंद रहने पर गहरी चिंता जताई और भारत तथा पाकिस्तान दोनों सरकारों से इसे शीघ्र पुनः खोलने की अपील की। उन्होंने कहा कि हर सिख श्रद्धालु की यह गहरी इच्छा होती है कि वह उस पवित्र भूमि के दर्शन कर सके, जहाँ प्रथम सिख गुरु श्री गुरु नानक देव जी ने अपने जीवन का महत्वपूर्ण समय बिताया और मानवता की सेवा का संदेश दिया।

सिख संगत में रोष, एसजीपीसी का अगला कदम

धामी ने स्पष्ट किया कि एसजीपीसी पहले भी पासपोर्ट की अनिवार्यता समाप्त करने की माँग उठाती रही है, लेकिन कॉरिडोर के बंद रहने से सिख संगत में निराशा और रोष है। शिरोमणि कमेटी इस मुद्दे को भारत सरकार के समक्ष भी उठाएगी, ताकि दोनों देशों के बीच आवश्यक संवाद स्थापित हो और श्रद्धालुओं की धार्मिक भावनाओं को ध्यान में रखते हुए करतारपुर साहिब कॉरिडोर जल्द से जल्द फिर से खोला जा सके।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन यह कूटनीतिक सद्भावना और ज़मीनी हकीकत के बीच की खाई को नहीं पाटता — करतारपुर साहिब कॉरिडोर, जो धार्मिक पर्यटन का सबसे सुगम और प्रतीकात्मक माध्यम था, अभी भी बंद है। यह ऐसे समय में आया है जब भारत-पाकिस्तान संबंध नाजुक दौर में हैं और धार्मिक कूटनीति ही एकमात्र सक्रिय चैनल बची है। एसजीपीसी की पासपोर्ट अनिवार्यता हटाने की पुरानी माँग अभी भी अनसुनी है, जो दर्शाता है कि श्रद्धालुओं की सुविधा से ज़्यादा प्रशासनिक नियंत्रण को प्राथमिकता दी जा रही है। असली कसौटी यह होगी कि वीजा आश्वासन कागज़ पर रहता है या वास्तव में 7,500 श्रद्धालु गुरुपर्व पर पाकिस्तान पहुँच पाते हैं।
RashtraPress
18 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

गुरु नानक देव प्रकाश पर्व पर पाकिस्तान जाने वाले सिख श्रद्धालुओं के वीजा पर क्या सहमति बनी है?
पाकिस्तानी राजदूत ने एसजीपीसी प्रतिनिधिमंडल के साथ बैठक में भरोसा दिलाया कि शिरोमणि कमेटी की ओर से भेजे गए सभी वीजा आवेदनों को मंजूरी देने का प्रयास किया जाएगा। एसजीपीसी को करीब 7,500 पासपोर्ट प्राप्त हुए हैं जिनके आधार पर यात्रा की तैयारियाँ चल रही हैं।
एसजीपीसी हर साल पाकिस्तान में कितने जत्थे भेजती है और किन स्थलों के दर्शन होते हैं?
एसजीपीसी हर वर्ष चार बार सिख श्रद्धालुओं के जत्थे पाकिस्तान भेजती है। इनमें श्री ननकाना साहिब, श्री पंजा साहिब, श्री करतारपुर साहिब और लाहौर की चूना मंडी सहित अन्य ऐतिहासिक गुरुद्वारे शामिल हैं।
इस वर्ष गुरु अर्जन देव जी के शहीदी दिवस पर जत्था पाकिस्तान क्यों नहीं जा सका?
इस वर्ष गुरु अर्जन देव जी के शहीदी दिवस पर कार्यक्रमों की तारीखों में टकराव होने के कारण जत्था पाकिस्तान नहीं जा सका। अब गुरु नानक देव जी के प्रकाश पर्व के लिए यात्रा की तैयारियाँ की जा रही हैं।
करतारपुर साहिब कॉरिडोर को लेकर एसजीपीसी ने क्या माँग की है?
एसजीपीसी अध्यक्ष हरजिंदर सिंह धामी ने भारत और पाकिस्तान दोनों सरकारों से करतारपुर साहिब कॉरिडोर को जल्द से जल्द पुनः खोलने की अपील की है। उन्होंने कहा कि कॉरिडोर बंद रहने से सिख संगत में निराशा और रोष है।
एसजीपीसी पासपोर्ट की अनिवार्यता को लेकर क्या रुख रखती है?
एसजीपीसी पहले भी पाकिस्तान यात्रा के लिए पासपोर्ट की अनिवार्यता समाप्त करने की माँग उठाती रही है। शिरोमणि कमेटी इस मुद्दे को भारत सरकार के समक्ष भी उठाएगी ताकि दोनों देशों के बीच आवश्यक संवाद स्थापित हो सके।
राष्ट्र प्रेस
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