ग्वालियर की जुड़वा बहनों ने मोबाइल स्नैचर को दबोचा, SSP धर्मवीर सिंह यादव ने किया सम्मानित
सारांश
मुख्य बातें
मध्य प्रदेश के ग्वालियर में 8 अगस्त को दो जुड़वा बहनों — राशिता अग्रवाल और आशिता अग्रवाल — ने असाधारण साहस का परिचय देते हुए मोबाइल छीनकर भाग रहे एक स्नैचर का पीछा किया, उसे दबोचा और पुलिस के हवाले कर दिया। लॉ की इन छात्राओं की बहादुरी से प्रभावित होकर ग्वालियर के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) धर्मवीर सिंह यादव ने उन्हें विशेष रूप से बुलाकर सम्मानित किया।
घटनाक्रम: कैसे हुई स्नैचिंग
शनिवार की सुबह दोनों बहनें स्कूटी से कॉलेज जा रही थीं। जब वे फूलबाग चौराहे के पास नए पुल से गुजर रहीं थीं, तभी एक बाइक सवार युवक ने अचानक राशिता के हाथ से मोबाइल फोन झपट लिया और तेज़ी से भागने लगा। घटना इतनी अचानक हुई कि आसपास के लोग कुछ समझ पाते, इससे पहले ही दोनों बहनें हरकत में आ गईं।
पीछा और गिरफ्तारी
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, दोनों बहनों ने बिना एक पल गँवाए आरोपी का पीछा शुरू कर दिया। कुछ ही दूरी पर उन्होंने युवक को घेर लिया। आरोपी ने मौके से निकलने की भरसक कोशिश की, लेकिन दोनों के सामने उसकी एक नहीं चली। बहनों ने अपना मोबाइल वापस लिया और आरोपी की जमकर पिटाई की। आरोपी ने कई बार माफी माँगी, परंतु बहनों ने डायल-112 पर सूचना देकर उसे पुलिस के हवाले कर दिया।
आरोपी की पहचान और जाँच
पुलिस के अनुसार, हिरासत में लिए गए आरोपी की पहचान मनप्रीत के रूप में हुई है, जो पंजाब का रहने वाला है और काम के सिलसिले में ग्वालियर आया था। पड़ाव थाना पुलिस उससे पूछताछ कर रही है और यह भी जाँचा जा रहा है कि वह पहले भी मोबाइल स्नैचिंग या किसी अन्य आपराधिक गतिविधि में संलिप्त रहा है या नहीं।
पुलिस का सम्मान और संदेश
SSP धर्मवीर सिंह यादव ने दोनों बहनों को बुलाकर उनके साहस की सराहना की और उन्हें सम्मानित किया। उन्होंने कहा कि जागरूक और साहसी नागरिक समाज की सुरक्षा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं और ऐसे लोगों को प्रोत्साहित किया जाना चाहिए। यह घटना ऐसे समय में सामने आई है जब शहरी क्षेत्रों में स्नैचिंग की वारदातें चिंता का विषय बनी हुई हैं।
सोशल मीडिया पर वायरल
आरोपी को पकड़ने का वीडियो सोशल मीडिया पर तेज़ी से वायरल हो रहा है और लोग दोनों बहनों के साहस की भूरि-भूरि प्रशंसा कर रहे हैं। गौरतलब है कि यह घटना महिला सुरक्षा और नागरिक सतर्कता की दिशा में एक सकारात्मक उदाहरण के रूप में देखी जा रही है। आने वाले दिनों में पुलिस की जाँच से यह स्पष्ट होगा कि आरोपी का आपराधिक इतिहास क्या है।