हाजीपुर रेलवे स्टेशन पर भारी भीड़: गेट और फुटबोर्ड पर जान जोखिम में डालकर सफर करते मजदूर
सारांश
मुख्य बातें
हाजीपुर रेलवे स्टेशन पर 14 जून को यात्रियों की असाधारण भीड़ उमड़ी, जहाँ दर्जनों लोग ट्रेन के दरवाज़ों और फुटबोर्ड पर लटककर जान जोखिम में डालते हुए सफर करने को विवश नज़र आए। बिहार के इस प्रमुख रेलवे स्टेशन पर भीड़ का आलम यह था कि डिब्बों के भीतर खड़े होने तक की जगह नहीं बची, और यात्रियों ने रेलवे व्यवस्था के प्रति खुलकर रोष व्यक्त किया।
मजदूरों की दर्दभरी दास्तान
अंबाला जाने वाले यात्री दशरथ मंडल ने अपनी पीड़ा साझा करते हुए कहा, 'हम इसी तरह सफर करके आ रहे हैं। सीट नहीं मिली, इसलिए गेट पर बैठकर जा रहे हैं। यहाँ से अंबाला जाना है। हम मजदूर आदमी हैं, मजबूरी में ऐसे ही जाना पड़ता है। अंबाला में किसान के यहाँ काम करते हैं।' दशरथ मंडल जैसे अनेक प्रवासी मजदूर बेहतर रोज़गार की तलाश में दूसरे राज्यों की ओर पलायन कर रहे हैं, लेकिन ट्रेनों में अत्यधिक भीड़ उनकी यात्रा को जोखिम भरा बना रही है।
यात्रियों का रेलवे प्रशासन पर आरोप
एक अन्य यात्री मोहम्मद अमताभ ने रेलवे व्यवस्था पर कड़े सवाल उठाए। उन्होंने कहा, 'इतनी भीड़ है, लेकिन सरकार को यह परेशानी दिखाई नहीं दे रही है। ट्रेन के अंदर खड़े होने तक की जगह नहीं है। यात्रियों के लिए कोई सुविधा नहीं है।' एक तीसरे यात्री ने भी चिंता ज़ाहिर करते हुए कहा कि जिस स्टेशन से ट्रेन खुलती है, वहीं से यात्रियों की संख्या और भीड़ का सटीक आकलन किया जा सकता है।
प्रवासी मजदूरों की समस्या और व्यापक संदर्भ
यह ऐसे समय में आया है जब बिहार से प्रवासी मजदूरों का पलायन एक सतत सामाजिक-आर्थिक वास्तविकता बनी हुई है। गर्मियों के मौसम में रोज़गार की तलाश में पंजाब, हरियाणा और दिल्ली जाने वाले श्रमिकों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि होती है, जिससे इन मार्गों पर ट्रेनों में भीड़ चरम पर पहुँच जाती है। गौरतलब है कि फुटबोर्ड और दरवाज़ों पर यात्रा करना न केवल रेलवे नियमों का उल्लंघन है, बल्कि यह यात्रियों की जान के लिए गंभीर खतरा भी है।
यात्रियों की माँग
हाजीपुर रेलवे स्टेशन पर मौजूद यात्रियों ने माँग की कि भीड़ को देखते हुए अतिरिक्त कोच जोड़े जाएँ अथवा विशेष ट्रेनें चलाई जाएँ, ताकि प्रवासी श्रमिकों को सुरक्षित और सम्मानजनक यात्रा सुनिश्चित हो सके। रेलवे प्रशासन की ओर से इस संबंध में अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।