5 नवंबर 2026
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हमीरपुर: नंगे पांव कलेक्ट्रेट पहुंचे बच्चों के हाथों हुआ सड़क का भूमि पूजन, ₹180.60 लाख मंजूर

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हमीरपुर: नंगे पांव कलेक्ट्रेट पहुंचे बच्चों के हाथों हुआ सड़क का भूमि पूजन, ₹180.60 लाख मंजूर

सारांश

तीन माह पहले नंगे पांव कलेक्ट्रेट पहुंचे हमीरपुर के बच्चों का संघर्ष रंग लाया। उन्हीं के हाथों हुआ 1.6 किमी सड़क का भूमि पूजन — आज़ादी के बाद से पक्की सड़क की राह देख रहे आधा दर्जन गांवों के लिए यह ऐतिहासिक पल है।

मुख्य बातें

हमीरपुर के बच्चों ने 11 अगस्त को नंगे पांव कलेक्ट्रेट तक मार्च कर छह घंटे धरना दिया था।
5 नवंबर 2026 को उन्हीं बच्चों के हाथों चंदूपुर से ब्रह्मा के डेरा तक 1.6 किलोमीटर सड़क का भूमि पूजन हुआ।
सड़क के लिए ₹180.60 लाख का बजट स्वीकृत; पहली किस्त ₹17.78 लाख जारी।
वन विभाग की एनओसी मिलने के बाद शासन ने सड़क निर्माण को मंजूरी दी।
मनोज कुमार प्रजापति ने भूमि पूजन में कहा — 'बच्चे ही इसके हकदार हैं।'

उत्तर प्रदेश के हमीरपुर जिले में एक भावुक कर देने वाला दृश्य देखने को मिला, जब चंदूपुर ग्राम पंचायत से ब्रह्मा के डेरा तक बनने वाली 1.6 किलोमीटर लंबी सड़क का भूमि पूजन उन्हीं बच्चों के हाथों कराया गया, जो तीन माह पहले नंगे पांव कलेक्ट्रेट तक मार्च करते हुए इस सड़क की मांग उठाने गए थे। 5 नवंबर 2026 को आयोजित इस भूमि पूजन में सदर विधायक डॉ. मनोज कुमार प्रजापति विशेष रूप से उपस्थित रहे।

संघर्ष की कहानी

बारिश के मौसम में चंदूपुर और आसपास के आधा दर्जन गांवों को जोड़ने वाला कच्चा रास्ता कीचड़ से भर जाता था, जिससे बच्चों का स्कूल पहुंचना दूभर हो जाता था। कइयों की पढ़ाई तक छूट जाती थी। इसी समस्या से तंग आकर 11 अगस्त को इन गांवों के बच्चे नंगे पांव पैदल चलते हुए जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचे और करीब छह घंटे तक धरने पर बैठे रहे। इस दौरान कलेक्ट्रेट का मुख्य द्वार भी बंद कर दिया गया था।

गौरतलब है कि आज़ादी के बाद से इन गांवों के लोग पक्की सड़क की राह देख रहे थे। बच्चों के इस अनूठे आंदोलन ने प्रशासन को तत्काल संज्ञान लेने पर मजबूर किया। जिलाधिकारी ने मौके पर बजरा और ईंटें डलवाकर अस्थायी आवागमन सुनिश्चित कराया।

प्रशासनिक कार्रवाई और बजट

सड़क निर्माण की राह में वन विभाग की ज़मीन बाधा बन रही थी। जिलाधिकारी के पत्राचार के बाद वन विभाग से एनओसी प्राप्त हुई और शासन ने 1.6 किलोमीटर सड़क निर्माण को स्वीकृति दे दी। इस सड़क के लिए ₹180.60 लाख का बजट मंजूर किया गया है, जिसमें से पहली किस्त के रूप में ₹17.78 लाख पहले ही जारी किए जा चुके हैं।

भूमि पूजन समारोह

गुरुवार को आयोजित भूमि पूजन में विद्वान आचार्य ने वेद मंत्रोच्चार के बीच विधिवत पूजन सम्पन्न कराया। समारोह में बच्चों के चेहरों पर अपने संघर्ष की जीत की खुशी साफ झलक रही थी। भाजपा विधायक डॉ. मनोज कुमार प्रजापति ने कहा, 'बच्चे ही इसके हकदार हैं।' उन्होंने यह भी कहा कि वे बच्चों के उज्ज्वल भविष्य के लिए निरंतर कार्यरत हैं।

आम जनता पर असर

चंदूपुर ग्राम पंचायत से ब्रह्मा के डेरा तक के आधा दर्जन गांवों के लोगों को इस सड़क से सीधा लाभ मिलेगा। वर्षों की परेशानी के बाद पक्की सड़क मिलने से न केवल बच्चों की शिक्षा में बाधाएं दूर होंगी, बल्कि ग्रामीणों की दैनिक आवाजाही और आपात स्थितियों में चिकित्सा पहुँच भी सुगम होगी। यह मामला इसलिए भी उल्लेखनीय है क्योंकि बच्चों की सक्रिय नागरिक भागीदारी ने महज तीन माह में दशकों पुरानी समस्या का समाधान करा दिया।

आगे क्या होगा

पहली किस्त जारी होने के साथ सड़क निर्माण कार्य शीघ्र शुरू होने की उम्मीद है। स्थानीय प्रशासन और जनप्रतिनिधियों पर अब यह सुनिश्चित करने की जवाबदेही होगी कि स्वीकृत ₹180.60 लाख का उपयोग समयबद्ध तरीके से हो और गुणवत्तापूर्ण सड़क का निर्माण पूरा किया जाए।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि नागरिक सशक्तीकरण की है — जो बताती है कि जब वयस्क राजनीतिक रास्ते विफल हों, तो बच्चों की निर्दोष आवाज़ प्रशासन को हिला सकती है। लेकिन असली सवाल यह है कि यही गांव दशकों तक सड़क के बिना क्यों रहे — और क्या यह संघर्ष न होता, तो वन विभाग की एनओसी और शासन की मंजूरी इतनी जल्दी मिलती? भूमि पूजन उत्सव है, पर जवाबदेही की असली परीक्षा तब होगी जब ₹180.60 लाख की यह सड़क समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण तरीके से पूरी हो।
RashtraPress
5 नवंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

हमीरपुर में बच्चों ने नंगे पांव कलेक्ट्रेट मार्च क्यों किया था?
बारिश के मौसम में कच्चा रास्ता कीचड़ से भर जाने के कारण बच्चों का स्कूल पहुंचना मुश्किल हो जाता था और कइयों की पढ़ाई छूट जाती थी। इसी समस्या को लेकर 11 अगस्त को बच्चे नंगे पांव पैदल चलते हुए जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचे और करीब छह घंटे धरने पर बैठे।
हमीरपुर सड़क निर्माण के लिए कितना बजट स्वीकृत हुआ है?
चंदूपुर ग्राम पंचायत से ब्रह्मा के डेरा तक 1.6 किलोमीटर सड़क के लिए ₹180.60 लाख का बजट मंजूर किया गया है। इसमें से पहली किस्त के रूप में ₹17.78 लाख पहले ही जारी किए जा चुके हैं।
सड़क निर्माण में देरी क्यों हुई थी?
सड़क निर्माण के रास्ते में वन विभाग की ज़मीन बाधा बन रही थी। जिलाधिकारी के पत्राचार के बाद वन विभाग से एनओसी मिली, जिसके बाद शासन ने सड़क निर्माण को स्वीकृति दी।
भूमि पूजन समारोह में कौन उपस्थित थे?
5 नवंबर 2026 को हुए भूमि पूजन में सदर विधायक डॉ. मनोज कुमार प्रजापति मुख्य रूप से उपस्थित रहे। विद्वान आचार्य ने वेद मंत्रोच्चार के बीच पूजन सम्पन्न कराया और वही बच्चे मौजूद थे जिन्होंने सड़क की मांग उठाई थी।
इस सड़क से कितने गांवों को फायदा होगा?
चंदूपुर ग्राम पंचायत से ब्रह्मा के डेरा तक के आधा दर्जन गांवों के लोगों को इस 1.6 किलोमीटर सड़क से सीधा लाभ मिलेगा। आज़ादी के बाद से पक्की सड़क की प्रतीक्षा कर रहे इन गांवों के बच्चों की शिक्षा और ग्रामीणों की दैनिक आवाजाही दोनों सुगम होंगी।
राष्ट्र प्रेस
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