हमीरपुर पुल हादसा: 6 श्रमिकों की मौत, मृतकों के परिजनों को ₹5 लाख और घायलों को ₹50,000 मुआवजा
सारांश
मुख्य बातें
उत्तर प्रदेश के हमीरपुर जिले में 28-29 मई 2025 की मध्यरात्रि भीषण तूफान के कारण बेतवा नदी पर निर्माणाधीन पुल का स्लैब ढह गया, जिससे मलबे में दबकर 6 श्रमिकों की मौत हो गई। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मृतकों के आश्रितों को ₹5-5 लाख और घायलों को ₹50,000 की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की है।
हादसे का घटनाक्रम
हमीरपुर के जिलाधिकारी अभिषेक गोयल ने बताया कि रात करीब 2 बजे सूचना मिली कि थाना लालपुर क्षेत्र के मोराकंदर और कुरारा की मवाईजार को जोड़ने वाले निर्माणाधीन पुल का स्लैब गिर गया है। सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी तत्काल घटनास्थल पर पहुँचे। उन्होंने यह भी बताया कि मौसम विभाग और प्रशासन की ओर से पहले ही एडवाइजरी जारी की जा चुकी थी।
बताया जा रहा है कि कुछ मजदूर बारिश से बचने के लिए पुल के नीचे रखी मशीन के पास खड़े थे, तभी स्लैब अचानक गिर पड़ा और वे मलबे में दब गए।
राहत एवं बचाव कार्य
हमीरपुर के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अरविंद कुमार वर्मा ने बताया कि 6 लोगों के मलबे में दबे होने की पुष्टि हुई है, जिनमें से 5 की पहचान कर ली गई है। स्लैब हटाकर शवों को निकालने का कार्य जारी रहा। मृतकों में बांदा और हमीरपुर जनपद के श्रमिक शामिल बताए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री के निर्देश पर वरिष्ठ अधिकारियों को तत्काल मौके पर पहुँचने और SDRF के साथ मिलकर राहत-बचाव कार्य तेज करने के आदेश दिए गए।
मुख्यमंत्री की प्रतिक्रिया
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर पोस्ट कर कहा, 'जनपद हमीरपुर में बेतवा नदी पर हुई जनहानि अत्यंत दुखद एवं हृदय विदारक है। मेरी संवेदनाएं शोक संतप्त परिजनों के साथ हैं। जिला प्रशासन को SDRF के साथ मिलकर राहत और बचाव कार्य तेजी से संचालित करने के लिए निर्देश दिए हैं।' उन्होंने अधिकारियों को पीड़ित परिजनों से संवाद बनाकर हरसंभव सहायता उपलब्ध कराने के भी निर्देश दिए।
पुल निर्माण की पृष्ठभूमि
बताया जा रहा है कि यह पुल राज्यसभा सदस्य बाबूराम निषाद के प्रयासों से बनवाया जा रहा था। हादसे के बाद निर्माण कार्य की गुणवत्ता और सुरक्षा मानकों को लेकर सवाल उठने स्वाभाविक हैं, हालाँकि अभी तक कोई आधिकारिक जाँच आदेश सामने नहीं आया है।
आगे की स्थिति
प्रशासन ने मुआवजा वितरण की प्रक्रिया शुरू करने के संकेत दिए हैं। राहत एवं बचाव कार्य जारी रहने की सूचना है और घायलों का उपचार स्थानीय अस्पतालों में चल रहा है। यह हादसा ऐसे समय में सामने आया है जब उत्तर प्रदेश में मानसून-पूर्व तूफानी मौसम ने कई जिलों में तबाही मचाई है।