14 जुलाई 2026
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हमीरपुर पुल हादसा: 6 श्रमिकों की मौत, मृतकों के परिजनों को ₹5 लाख और घायलों को ₹50,000 मुआवजा

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हमीरपुर पुल हादसा: 6 श्रमिकों की मौत, मृतकों के परिजनों को ₹5 लाख और घायलों को ₹50,000 मुआवजा

सारांश

उत्तर प्रदेश के हमीरपुर में तूफान की रात निर्माणाधीन पुल का स्लैब गिरा और 6 मजदूर मलबे में दब गए। CM योगी ने ₹5 लाख और ₹50,000 के मुआवजे की घोषणा की — लेकिन निर्माण की गुणवत्ता और सुरक्षा मानकों पर सवाल अभी बाकी हैं।

मुख्य बातें

हमीरपुर में बेतवा नदी पर निर्माणाधीन पुल का स्लैब 28-29 मई की मध्यरात्रि तूफान के कारण ढहा।
मलबे में दबने से 6 श्रमिकों की मौत ; मृतकों में बांदा और हमीरपुर जनपद के मजदूर शामिल।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मृतकों के आश्रितों को ₹5-5 लाख और घायलों को ₹50,000 मुआवजे की घोषणा की।
SDRF के साथ राहत-बचाव कार्य जारी; 5 मृतकों की पहचान की जा चुकी है।
पुल राज्यसभा सदस्य बाबूराम निषाद के प्रयासों से बनवाया जा रहा था।

उत्तर प्रदेश के हमीरपुर जिले में 28-29 मई 2025 की मध्यरात्रि भीषण तूफान के कारण बेतवा नदी पर निर्माणाधीन पुल का स्लैब ढह गया, जिससे मलबे में दबकर 6 श्रमिकों की मौत हो गई। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मृतकों के आश्रितों को ₹5-5 लाख और घायलों को ₹50,000 की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की है।

हादसे का घटनाक्रम

हमीरपुर के जिलाधिकारी अभिषेक गोयल ने बताया कि रात करीब 2 बजे सूचना मिली कि थाना लालपुर क्षेत्र के मोराकंदर और कुरारा की मवाईजार को जोड़ने वाले निर्माणाधीन पुल का स्लैब गिर गया है। सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी तत्काल घटनास्थल पर पहुँचे। उन्होंने यह भी बताया कि मौसम विभाग और प्रशासन की ओर से पहले ही एडवाइजरी जारी की जा चुकी थी।

बताया जा रहा है कि कुछ मजदूर बारिश से बचने के लिए पुल के नीचे रखी मशीन के पास खड़े थे, तभी स्लैब अचानक गिर पड़ा और वे मलबे में दब गए।

राहत एवं बचाव कार्य

हमीरपुर के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अरविंद कुमार वर्मा ने बताया कि 6 लोगों के मलबे में दबे होने की पुष्टि हुई है, जिनमें से 5 की पहचान कर ली गई है। स्लैब हटाकर शवों को निकालने का कार्य जारी रहा। मृतकों में बांदा और हमीरपुर जनपद के श्रमिक शामिल बताए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री के निर्देश पर वरिष्ठ अधिकारियों को तत्काल मौके पर पहुँचने और SDRF के साथ मिलकर राहत-बचाव कार्य तेज करने के आदेश दिए गए।

मुख्यमंत्री की प्रतिक्रिया

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर पोस्ट कर कहा, 'जनपद हमीरपुर में बेतवा नदी पर हुई जनहानि अत्यंत दुखद एवं हृदय विदारक है। मेरी संवेदनाएं शोक संतप्त परिजनों के साथ हैं। जिला प्रशासन को SDRF के साथ मिलकर राहत और बचाव कार्य तेजी से संचालित करने के लिए निर्देश दिए हैं।' उन्होंने अधिकारियों को पीड़ित परिजनों से संवाद बनाकर हरसंभव सहायता उपलब्ध कराने के भी निर्देश दिए।

पुल निर्माण की पृष्ठभूमि

बताया जा रहा है कि यह पुल राज्यसभा सदस्य बाबूराम निषाद के प्रयासों से बनवाया जा रहा था। हादसे के बाद निर्माण कार्य की गुणवत्ता और सुरक्षा मानकों को लेकर सवाल उठने स्वाभाविक हैं, हालाँकि अभी तक कोई आधिकारिक जाँच आदेश सामने नहीं आया है।

आगे की स्थिति

प्रशासन ने मुआवजा वितरण की प्रक्रिया शुरू करने के संकेत दिए हैं। राहत एवं बचाव कार्य जारी रहने की सूचना है और घायलों का उपचार स्थानीय अस्पतालों में चल रहा है। यह हादसा ऐसे समय में सामने आया है जब उत्तर प्रदेश में मानसून-पूर्व तूफानी मौसम ने कई जिलों में तबाही मचाई है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन यह नहीं बताती कि तूफान की आशंका के बावजूद मजदूर निर्माणस्थल पर क्यों मौजूद थे। राज्यसभा सांसद के प्रयासों से बन रहे इस पुल की निर्माण गुणवत्ता और ठेकेदार की जवाबदेही की स्वतंत्र जाँच आवश्यक है, अन्यथा मुआवजा महज एक खानापूर्ति बनकर रह जाएगा।
RashtraPress
14 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

हमीरपुर पुल हादसे में क्या हुआ?
28-29 मई 2025 की मध्यरात्रि भीषण तूफान के कारण हमीरपुर में बेतवा नदी पर निर्माणाधीन पुल का स्लैब ढह गया। मलबे में दबने से 6 श्रमिकों की मौत हो गई और कई घायल हुए।
CM योगी ने हादसे के पीड़ितों को कितना मुआवजा दिया?
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मृतकों के आश्रितों को ₹5-5 लाख और घायलों को ₹50,000 की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की है।
हादसे में कौन से जिलों के मजदूर प्रभावित हुए?
मृतकों में बांदा और हमीरपुर जनपद के श्रमिक शामिल बताए जा रहे हैं। ASP अरविंद कुमार वर्मा के अनुसार 6 में से 5 मृतकों की पहचान कर ली गई है।
यह पुल किसके प्रयासों से बनाया जा रहा था?
बताया जा रहा है कि मोराकंदर और कुरारा की मवाईजार को जोड़ने वाला यह पुल राज्यसभा सदस्य बाबूराम निषाद के प्रयासों से निर्मित कराया जा रहा था।
राहत-बचाव के लिए क्या कदम उठाए गए?
CM योगी के निर्देश पर SDRF के साथ मिलकर राहत-बचाव कार्य तेज किया गया। वरिष्ठ अधिकारियों को तत्काल घटनास्थल पर पहुँचने और पीड़ित परिजनों से संवाद बनाकर हरसंभव सहायता उपलब्ध कराने के आदेश दिए गए।
राष्ट्र प्रेस
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