यूपी में आंधी-बारिश का कहर: हमीरपुर में ब्रिज गिरने से 6 मजदूरों की मौत, सीएम योगी ने 24 घंटे में मुआवजे का निर्देश दिया
सारांश
मुख्य बातें
उत्तर प्रदेश के दर्जनों जिलों में 28 मई की रात आई तेज आंधी और बारिश ने भारी तबाही मचाई। हमीरपुर में निर्माणाधीन पुल ढहने से 6 मजदूरों की मौत हो गई, जबकि कौशांबी में एक ही परिवार के तीन सदस्यों की जान चली गई। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने घटनाओं का संज्ञान लेते हुए अधिकारियों को 24 घंटे के भीतर प्रभावित परिवारों को मुआवजा उपलब्ध कराने का निर्देश दिया है।
मुख्य घटनाक्रम
हमीरपुर में निर्माणाधीन ब्रिज के अचानक ढह जाने से 6 मजदूरों की मौत हो गई — यह इस आंधी की सबसे बड़ी एकल दुर्घटना है। कौशांबी में एक घर पर पेड़ गिरने से सोते हुए माँ, बेटा और बेटी — तीनों की मृत्यु हो गई। रायबरेली में भी सोती हुई एक महिला की पेड़ गिरने से मौत की खबर है।
नोएडा के थाना सेक्टर-63 क्षेत्र में तेज आंधी के कारण दीवार गिरने से 15 साल के एक बच्चे के घायल होने की सूचना है। हाथरस, फिरोजाबाद, मथुरा समेत कई क्षेत्रों में बिजली के खंभे उखड़ने से विद्युत आपूर्ति बाधित रही और पेड़ व मकान गिरने से नुकसान हुआ।
सरकार की प्रतिक्रिया
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मृतकों के परिजनों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि अति वर्षा, आकाशीय बिजली और आंधी से हुई जनहानि, पशुहानि और आर्थिक नुकसान का आकलन कर प्रभावित परिवारों को 24 घंटे के भीतर मुआवजा दिया जाए।
मुख्यमंत्री ने सभी वरिष्ठ अधिकारियों को फील्ड में जाकर प्रभावित परिवारों की हर संभव सहायता सुनिश्चित करने और उनसे निरंतर संवाद बनाए रखने के निर्देश दिए हैं।
प्रभावित जिले और मौसम विभाग की चेतावनी
मौसम विभाग ने 28 मई से पहले ही आगरा, मथुरा, हाथरस, फिरोजाबाद, एटा, कासगंज, फर्रुखाबाद, मैनपुरी, कन्नौज, हरदोई, लखीमपुर खीरी, इटावा, औरैया, कानपुर, उन्नाव, रायबरेली, फतेहपुर, जालौन, झांसी, ललितपुर, महोबा, बांदा, हमीरपुर, चित्रकूट, कौशांबी, प्रतापगढ़, प्रयागराज, संत रविदास नगर, मिर्जापुर और सोनभद्र समेत तीस से अधिक जिलों के लिए अलर्ट जारी किया था।
यह ऐसे समय में आया है जब उत्तर भारत भीषण गर्मी और हीटवेव की चपेट में था — अचानक मौसम बदलाव ने राहत और तबाही दोनों एक साथ लाए। मौसम विभाग ने 31 मई 2025 तक प्रदेश के कई हिस्सों में आंधी-बारिश और तेज हवाओं को लेकर चेतावनी जारी रखी है।
आम जनता पर असर
बिजली के खंभे उखड़ने से दर्जनों जिलों में विद्युत आपूर्ति ठप रही, जिससे भीषण गर्मी के बीच आम जनता को दोहरी मार झेलनी पड़ी। पेड़ और मकान गिरने से संपत्ति को भी नुकसान पहुँचा है। गौरतलब है कि यह आंधी उन क्षेत्रों में अधिक विनाशकारी साबित हुई जहाँ पहले से बुनियादी ढाँचा कमज़ोर था।
क्या होगा आगे
अधिकारियों द्वारा नुकसान का आकलन जारी है और मुआवजे की प्रक्रिया 24 घंटे के भीतर पूरी करने का लक्ष्य रखा गया है। 31 मई तक और जिलों में आंधी-बारिश की संभावना को देखते हुए प्रशासन को सतर्क रहने के निर्देश हैं।