हमीरपुर पुल हादसा: तूफान में स्लैब गिरने से 6 मजदूरों की मौत, CM योगी ने ₹5 लाख मुआवजे का ऐलान किया
सारांश
मुख्य बातें
उत्तर प्रदेश के हमीरपुर में 28-29 मई 2026 की मध्यरात्रि भीषण तूफान के दौरान बेतवा नदी पर निर्माणाधीन पुल का स्लैब ढह गया, जिसके मलबे में दबकर 6 मजदूरों की मौत हो गई। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मृतकों के आश्रितों को ₹5-5 लाख और घायलों को ₹50,000 की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की है।
हादसे का घटनाक्रम
हमीरपुर के जिलाधिकारी अभिषेक गोयल ने बताया कि रात करीब 2 बजे सूचना मिली कि थाना लालपुर क्षेत्र के मोराकंदर और कुरारा की मवाईजार को जोड़ने वाले निर्माणाधीन पुल का स्लैब गिर गया है। बताया जा रहा है कि कुछ मजदूर बारिश से बचने के लिए पुल के नीचे रखी मशीन के पास खड़े थे, तभी यह हादसा हो गया। उल्लेखनीय है कि मौसम विभाग और जिला प्रशासन पहले ही खराब मौसम को लेकर एडवाइजरी जारी कर चुके थे।
राहत और बचाव कार्य
हमीरपुर के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अरविंद कुमार वर्मा ने बताया कि सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस और प्रशासन तत्काल मौके पर पहुँच गया। 6 लोगों के मलबे में दबे होने की पुष्टि हुई, जिनमें से 5 की पहचान कर ली गई है। मृतकों में बांदा और हमीरपुर जनपद के श्रमिक शामिल बताए जा रहे हैं। स्लैब हटाकर शवों को निकालने का काम जारी रहा। मुख्यमंत्री के निर्देश पर एसडीआरएफ के साथ मिलकर राहत-बचाव अभियान तेज किया गया।
मुख्यमंत्री की प्रतिक्रिया
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर पोस्ट कर लिखा, 'जनपद हमीरपुर में बेतवा नदी पर हुई जनहानि अत्यंत दुखद एवं हृदय विदारक है। मेरी संवेदनाएं शोक संतप्त परिजनों के साथ हैं। जिला प्रशासन को एसडीआरएफ के साथ मिलकर राहत और बचाव कार्य तेजी से संचालित करने के लिए निर्देश दिए हैं।' उन्होंने वरिष्ठ अधिकारियों को तत्काल घटनास्थल पर पहुँचने और पीड़ित परिजनों से संवाद बनाकर हरसंभव सहायता उपलब्ध कराने के भी निर्देश दिए।
पुल निर्माण की पृष्ठभूमि
बताया जा रहा है कि यह पुल राज्यसभा सदस्य बाबूराम निषाद के प्रयासों से बनवाया जा रहा था। हादसे के बाद निर्माण कार्य की गुणवत्ता और सुरक्षा मानकों पर सवाल उठ रहे हैं। यह ऐसे समय में हुआ है जब राज्य में प्री-मानसून तूफान की चेतावनियाँ जारी थीं और प्रशासन सतर्क था।
आगे की कार्रवाई
जिला प्रशासन ने मृतकों के परिजनों से संपर्क साधना शुरू कर दिया है। मुआवजे की राशि शीघ्र वितरित किए जाने की उम्मीद है। हादसे की जाँच और निर्माण एजेंसी की जवाबदेही तय किए जाने की माँग भी उठ रही है।