हमीरपुर में निर्माणाधीन पुल ढहा, 6 श्रमिकों की मौत; CM योगी ने SDRF को राहत तेज करने के निर्देश दिए
सारांश
मुख्य बातें
उत्तर प्रदेश के हमीरपुर जिले में 29 मई की तड़के भीषण तूफान के बाद बेतवा नदी पर निर्माणाधीन पुल का एक बड़ा हिस्सा ढह गया, जिससे नीचे सो रहे 6 श्रमिकों की मौत हो गई और कई अन्य मलबे में दब गए। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हादसे का संज्ञान लेते हुए जिला प्रशासन को SDRF के साथ मिलकर राहत एवं बचाव अभियान तत्काल तेज करने के निर्देश दिए हैं।
हादसे का घटनाक्रम
28 और 29 मई की मध्यरात्रि लगभग 2 बजे पुलिस को सूचना मिली कि थाना लालपुर क्षेत्र के मोराकंदर और कुरारा की मवाईजार को जोड़ने वाले निर्माणाधीन पुल का स्लैब गिर गया है। स्लैब के नीचे उस समय कई मज़दूर सो रहे थे। सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस और वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुँच गए।
हमीरपुर के एएसपी अरविंद कुमार वर्मा ने बताया कि 6 लोगों के मलबे में दबे होने की पुष्टि हुई है, जिनमें से 5 की पहचान कर ली गई है। इसके अलावा 3 लोग खंभे पर फंसे हुए हैं, जिन्हें बचाने के लिए SDRF और पुलिस टीम लगातार प्रयास कर रही है। स्लैब हटाकर दबे हुए लोगों को बाहर निकालने का कार्य जारी है।
मृतकों की पहचान और पृष्ठभूमि
मृतकों में बांदा और हमीरपुर जनपद के श्रमिक शामिल बताए जा रहे हैं। यह पुल राज्यसभा सांसद बाबूराम निषाद के प्रयासों से बनवाया जा रहा था। यह ऐसे समय में हुआ जब मज़दूर रात की पाली के बाद पुल के नीचे आराम कर रहे थे, जिससे जनहानि और अधिक हुई।
मुख्यमंत्री की प्रतिक्रिया
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एक्स पर पोस्ट करते हुए लिखा: 'जनपद हमीरपुर में बेतवा नदी पर एक दुर्भाग्यपूर्ण दुर्घटना में हुई जनहानि अत्यंत दुःखद एवं हृदय विदारक है। मेरी संवेदनाएं शोक संतप्त परिजनों के साथ हैं। जिला प्रशासन को SDRF के साथ मिलकर राहत और बचाव कार्य तेजी से संचालित करने हेतु निर्देश दिए हैं।' उन्होंने दिवंगत आत्माओं की शांति और घायलों के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना भी की।
सीएम ने वरिष्ठ अधिकारियों को तत्काल घटनास्थल पर पहुँचने और मृतकों के परिजनों से संवाद बनाकर हर संभव सहायता उपलब्ध कराने के भी निर्देश दिए।
राहत एवं बचाव अभियान
SDRF की टीमें मलबा हटाने में जुटी हैं। खंभे पर फंसे तीन लोगों को सुरक्षित निकालने के लिए विशेष उपकरण लगाए गए हैं। प्रशासन के अनुसार बचाव अभियान युद्धस्तर पर जारी है और स्थिति पर लगातार नज़र रखी जा रही है।
आगे क्या होगा
अधिकारियों के अनुसार मलबे में दबे सभी लोगों को निकालने के बाद पुल निर्माण में हुई लापरवाही की जाँच की जाएगी। पीड़ित परिवारों को सरकारी सहायता दिलाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। यह हादसा एक बार फिर निर्माण स्थलों पर श्रमिकों की सुरक्षा के सवाल को केंद्र में ला देता है।