बरेली तूफान में 25 वर्षीय युवक की मौत, परिवार को ₹4 लाख मुआवजा; DM अविनाश सिंह ने दिए सख्त निर्देश
सारांश
मुख्य बातें
उत्तर प्रदेश के बरेली जिले में 12 जून 2026 को आई भीषण आंधी और मूसलाधार बारिश ने व्यापक तबाही मचाई, जिसमें एक 25 वर्षीय युवक की जान चली गई। जिलाधिकारी अविनाश सिंह ने पुष्टि की कि मृतक के परिवार को ₹4 लाख का मुआवजा प्रदान कर दिया गया है। पूरे जिले में बिजली व्यवस्था बुरी तरह प्रभावित हुई और जगह-जगह पेड़ व खंभे गिरने से भारी क्षति दर्ज की गई।
तूफान की तीव्रता और नुकसान का आकलन
जिलाधिकारी अविनाश सिंह के अनुसार, पिछले दो दिनों में बरेली में 80 से 90 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से आंधी चली। गुरुवार को तेज बारिश ने स्थिति और गंभीर कर दी। जिले भर में 250 से अधिक बिजली खंभे और लाइनें धराशायी हो गईं, जिनमें अकेले शहरी क्षेत्र में करीब 100 खंभे गिरे। इससे शहर से लेकर ग्रामीण इलाकों तक घंटों बिजली आपूर्ति ठप रही।
प्रशासन की तैयारी और राहत कार्य
जिलाधिकारी ने बताया कि 'सचेत' ऐप के माध्यम से पहले ही खराब मौसम की चेतावनी मिल जाने से प्रशासन ने अग्रिम तैयारी कर ली थी और तूफान के दौरान हाई अलर्ट पर रहा। बिजली विभाग ने भी शुरुआत में ही आपातकालीन व्यवस्था सक्रिय कर दी थी, जिससे कई इलाकों में समय रहते बिजली बहाल की जा सकी।
अविनाश सिंह ने सभी अधिकारियों को फील्ड में उतरकर राहत कार्यों की निगरानी करने और नुकसान का आकलन कर 24 घंटे के भीतर मुआवजा वितरित करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि राहत कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
किसानों पर असर: आम को नुकसान, धान को राहत
तूफान और बारिश का असर कृषि क्षेत्र पर भी पड़ा। पकने के लिए तैयार आम की फसल टूटकर गिर पड़ी, जिससे किसानों की आमदनी पर सीधी चोट पड़ी। वहीं, दूसरी ओर धान की रोपाई के लिए तैयार खेतों में पानी भर जाने से सिंचाई की जरूरत खत्म हो गई — प्रगतिशील किसान इस बारिश को धान की फसल के लिए फायदेमंद मान रहे हैं। पेड़ और खंभे गिरने से यातायात भी कई घंटों तक बाधित रहा।
आगे की स्थिति
प्रशासन की ओर से नुकसान का व्यापक सर्वेक्षण जारी है और प्रभावित परिवारों को राहत पहुँचाने की प्रक्रिया चल रही है। यह ऐसे समय में आया है जब उत्तर प्रदेश के कई जिले मानसून-पूर्व की तेज आंधियों की चपेट में हैं और आपदा प्रबंधन तंत्र की तत्परता पर सवाल उठ रहे हैं।