हरदोई में ₹1.29 करोड़ की चोरी का खुलासा: तीन नौकरों ने खाने में मिलाई नींद की गोलियाँ, 14 गिरफ्तार
सारांश
मुख्य बातें
उत्तर प्रदेश के हरदोई में रेलवेगंज निवासी कारोबारी पंकज अग्रवाल के घर से हुई ₹1.29 करोड़ की नकद चोरी का पुलिस ने 25 जुलाई 2026 को सफलतापूर्वक पर्दाफाश कर दिया। इस मामले में 14 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है और दो बाल अपचारियों को पुलिस अभिरक्षा में लिया गया है।
मुख्य घटनाक्रम
16 और 17 जुलाई 2026 की मध्यरात्रि को कारोबारी पंकज अग्रवाल के घर से नकदी से भरे बैग चोरी होने की सूचना पुलिस को मिली थी। कारोबारी ने अपने तीन नौकरों के खिलाफ नामजद तहरीर दर्ज कराई, जिसके आधार पर कोतवाली शहर में मुकदमा दर्ज किया गया। इसके बाद एसओजी, स्वाट और स्थानीय पुलिस की तीन संयुक्त टीमें गठित की गईं।
कैसे हुई चोरी की साजिश
जाँच में सामने आया कि तीनों नौकरों ने सुनियोजित तरीके से इस वारदात को अंजाम दिया। उन्होंने घर के सदस्यों के खाने में नींद की गोलियाँ मिला दीं, जिससे सभी गहरी नींद में सो गए। इसके बाद उन्होंने अपने साथियों को बुलाया, जो एक वाहन और छोटा हाथी (मिनी ट्रक) लेकर पहुँचे और नकदी से भरे बैग लेकर फरार हो गए। यह ऐसे समय में आया है जब घरेलू नौकरों द्वारा नियोक्ताओं के साथ विश्वासघात की घटनाएँ उत्तर प्रदेश में चिंता का विषय बन रही हैं।
गिरफ्तार आरोपियों की सूची
अपर पुलिस अधीक्षक (पूर्वी) सुबोध गौतम ने शनिवार देर रात खुलासा करते हुए बताया कि पुलिस ने बेलाहा निवासी अजय शुक्ला और विशाल उर्फ गोलू, ग्रामेडा निवासी शोभित, नगेटा पूर्वी निवासी बदन, केशव, शिवम और नीरज, सुरसा क्षेत्र के बर्रा डाल सिंह निवासी परम किशोर, जमादार कॉलोनी निवासी सनी वाल्मीकि, बेहटागोकुल के कोडरा सरैया निवासी प्रिंस, लखनऊ के मड़ियाव निवासी दीपक साहू, सनी गुप्ता और अमान तथा बाराबंकी निवासी महफूज उर्फ लाली को गिरफ्तार किया है।
बरामदगी और जाँच की स्थिति
पुलिस ने आरोपियों के पास से ₹1.29 करोड़ नकद बरामद किए हैं। पुलिस की लगातार कार्रवाई में एक-एक कर पूरे गिरोह का खुलासा हुआ। गौरतलब है कि शुरुआती नामजद तहरीर के बाद टीमों ने व्यापक नेटवर्क का पर्दाफाश किया जो कई जिलों — हरदोई, लखनऊ और बाराबंकी — तक फैला हुआ था।
आगे की कार्रवाई
दोनों बाल अपचारियों को संबंधित कानूनी प्रावधानों के तहत पुलिस अभिरक्षा में लिया गया है। सभी 14 गिरफ्तार आरोपियों पर कोतवाली शहर में दर्ज मुकदमे के तहत आगे की विधिक कार्रवाई जारी है। पुलिस यह भी जाँच कर रही है कि क्या गिरोह के और सदस्य अभी भी फरार हैं।