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ग्वालियर लूटकांड का 24 घंटे में खुलासा: गर्भवती पिंकी ने ननद के घर ₹50 लाख की लूट रची

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ग्वालियर लूटकांड का 24 घंटे में खुलासा: गर्भवती पिंकी ने ननद के घर ₹50 लाख की लूट रची

सारांश

ग्वालियर में ₹50 लाख की दिनदहाड़े लूट की शिकायत करने वाली गर्भवती पिंकी श्रीवास्तव ही साजिश की सूत्रधार निकली — उसने अपनी ननद के घर रहते हुए उसी की अलमारी लुटवाई। पुलिस ने 24 घंटे में चार आरोपियों को गिरफ्तार कर माल बरामद किया।

मुख्य बातें

4 जून 2026 को ग्वालियर के डबरा थाना क्षेत्र में ₹50 लाख (नगद व जेवरात) की दिनदहाड़े लूट हुई।
शिकायतकर्ता पिंकी श्रीवास्तव (गर्भवती) ने खुद साजिश रची — ननद मोनिका श्रीवास्तव की अनुपस्थिति में वारदात करवाई।
पुलिस ने 24 घंटे के भीतर सीसीटीवी फुटेज के आधार पर पिंकी, शुभम श्रीवास्तव, सोनू कौशिक और आसिफ को गिरफ्तार किया।
लूट में ₹3-4 लाख नगद और ₹46 लाख के सोने-चाँदी के जेवर शामिल थे; पूरा माल बरामद।
पुलिस अधीक्षक धर्मवीर सिंह यादव ने मामले के खुलासे की पुष्टि की।

मध्य प्रदेश के ग्वालियर जिले में 4 जून 2026 को हुई ₹50 लाख की दिनदहाड़े लूट का पुलिस ने महज 24 घंटे के भीतर पर्दाफाश कर दिया। चौंकाने वाली बात यह रही कि इस वारदात की शिकायतकर्ता खुद — गर्भवती पिंकी श्रीवास्तव — ही साजिश की मुख्य सूत्रधार निकली। उसने अपने पति शुभम श्रीवास्तव और दो अन्य साथियों के साथ मिलकर अपनी ही ननद के घर यह वारदात अंजाम दी।

वारदात का घटनाक्रम

डबरा थाना क्षेत्र के सचदेवा कॉलोनी स्थित मोनिका श्रीवास्तव (उर्फ रानू) के घर उस दिन पिंकी अपने छोटे बेटे के साथ मौजूद थी, जबकि मोनिका अपनी ड्यूटी पर गई हुई थी। बाइक पर आए दो युवकों — जिनमें एक ने गमछे से चेहरा ढका था और दूसरे ने हेलमेट पहन रखा था — ने एयर कंडीशनर सुधारने का बहाना बनाकर घर में प्रवेश किया। पुलिस के अनुसार, उन्होंने पिंकी की कनपटी पर हथियार सटाया, हाथ-पैर और मुँह बाँधकर मारपीट की और ₹3 से 4 लाख नगद तथा ₹46 लाख के सोने-चाँदी के जेवर लेकर फरार हो गए।

झूठी कहानी और असली साजिश

वारदात के बाद पिंकी ने शोर मचाकर पड़ोसियों और पुलिस को लूट की कहानी सुनाई। पुलिस के अनुसार, असल में पिंकी ने एक दिन पहले अपनी ननद मोनिका को घर की अलमारी में नगदी और जेवरात रखते देख लिया था। आर्थिक तंगी से जूझ रहे पिंकी और शुभम उसी घर में रह रहे थे। इसी लालच में पिंकी ने साजिश रची कि जब मोनिका काम पर जाएगी, तब शुभम और उसके दोस्त सोनू कौशिक को बुलाकर वारदात करवाई जाए और खुद पीड़िता बनकर पुलिस को भटकाया जाए।

पुलिस की जाँच और गिरफ्तारी

पुलिस अधीक्षक धर्मवीर सिंह यादव ने बताया कि जाँच के दौरान सीसीटीवी फुटेज से शुभम श्रीवास्तव और सोनू की गतिविधियाँ संदिग्ध लगीं। कड़ी पूछताछ में दोनों ने वारदात कबूल कर ली। इसके बाद पुलिस ने पिंकी श्रीवास्तव, शुभम श्रीवास्तव, सोनू कौशिक और आसिफ — चारों को गिरफ्तार कर लूट का माल बरामद कर लिया।

मामले का व्यापक संदर्भ

यह ऐसे समय में आया है जब मध्य प्रदेश पुलिस त्वरित खुलासे को लेकर दबाव में है। गौरतलब है कि परिजन या परिचित द्वारा स्वयं को पीड़ित दर्शाकर की गई ऐसी 'इनसाइडर लूट' की घटनाएँ राज्य में पहले भी सामने आ चुकी हैं। इस मामले में गर्भवती महिला का मुख्य आरोपी होना जाँच एजेंसियों के लिए भी अतिरिक्त चुनौती रही।

आगे की कार्रवाई

चारों आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेजा जा रहा है। पुलिस के अनुसार बरामद माल में नगदी और जेवरात दोनों शामिल हैं। मामले में आगे की विधिक प्रक्रिया जारी है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि 'इनसाइडर फ्रॉड' का पाठ्यपुस्तक उदाहरण है — जहाँ पीड़ित और अपराधी एक ही व्यक्ति है। पुलिस का 24 घंटे में खुलासा सराहनीय है, लेकिन असली सवाल यह है कि आर्थिक तंगी से उपजा यह अपराध परिवार के भीतर किस हद तक विश्वासघात को सामान्य बना रहा है। गर्भवती महिला का मुख्य साजिशकर्ता होना सामाजिक दबाव और आर्थिक असुरक्षा की गहरी परतें उजागर करता है, जिन पर कानूनी कार्रवाई के साथ-साथ व्यापक ध्यान देने की ज़रूरत है।
RashtraPress
5 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

ग्वालियर ₹50 लाख लूटकांड में क्या हुआ?
4 जून 2026 को ग्वालियर के डबरा थाना क्षेत्र में मोनिका श्रीवास्तव के घर से ₹50 लाख की नगदी और जेवरात लूटे गए। जाँच में सामने आया कि शिकायतकर्ता पिंकी श्रीवास्तव ने खुद अपने पति और दोस्तों के साथ मिलकर यह वारदात रची थी।
पिंकी श्रीवास्तव ने अपनी ननद के घर लूट क्यों करवाई?
पुलिस के अनुसार पिंकी और उसके पति शुभम आर्थिक तंगी के कारण ननद मोनिका के घर रह रहे थे। एक दिन पिंकी ने मोनिका को अलमारी में नगदी और जेवरात रखते देख लिया, जिसके बाद उसने लालच में लूट की साजिश रची।
पुलिस ने आरोपियों को कैसे पकड़ा?
पुलिस अधीक्षक धर्मवीर सिंह यादव के अनुसार, सीसीटीवी फुटेज से शुभम और सोनू की गतिविधियाँ संदिग्ध लगीं। कड़ी पूछताछ में दोनों ने वारदात कबूल की और 24 घंटे के भीतर चारों आरोपियों — पिंकी, शुभम, सोनू कौशिक और आसिफ — को गिरफ्तार कर लूट का माल बरामद कर लिया गया।
लूट में कितनी राशि और सामान शामिल था?
आरोपी ₹3 से 4 लाख नगद और लगभग ₹46 लाख के सोने-चाँदी के जेवरात लेकर फरार हुए थे। पुलिस ने गिरफ्तारी के साथ पूरा माल बरामद कर लिया है।
इस मामले में अब आगे क्या होगा?
चारों गिरफ्तार आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेजा जा रहा है और मामले में आगे की विधिक प्रक्रिया जारी है। बरामद माल संबंधित न्यायालय में पेश किया जाएगा।
राष्ट्र प्रेस
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