हरियाली तीज पर वृंदावन: बांके बिहारी हरे परिधान में, सोने-चांदी के झूले पर राधा संग विराजे ठाकुर जी
सारांश
मुख्य बातें
वृंदावन स्थित प्रसिद्ध बांके बिहारी मंदिर में हरियाली तीज के पावन अवसर पर 15 अगस्त 2026 को हजारों श्रद्धालु मंगला दर्शन के लिए उमड़ पड़े। इस विशेष पर्व पर ठाकुर जी को हरे रंग के वस्त्र धारण कराए गए और उन्हें सोने-चांदी के भव्य झूले पर राधा रानी के संग झुलाया गया। देश-विदेश से आए भक्तों ने इस अलौकिक दृश्य का आनंद लिया।
मंदिर की भव्य सजावट और श्रृंगार
मंदिर परिसर में उपस्थित एक भक्त ने बताया, 'आज हरियाली तीज के अवसर पर ठाकुर जी झूला झूल रहे हैं। हमारे ठाकुर जी ने हरे रंग के वस्त्र धारण किए हैं। स्वर्ण और चांदी के झूले में विराजमान ठाकुर जी के इर्द-गिर्द चार सखियाँ हैं।' यह झूला उत्सव सावन मास की परंपरा का अभिन्न हिस्सा है, जो वृंदावन की भक्ति संस्कृति को जीवंत करता है।
राधा-कृष्ण की दिव्य लीला का वर्णन
एक अन्य श्रद्धालु ने झूले की विशेषता बताते हुए कहा, 'इस झूले में राधा रानी और ठाकुर जी साथ में बैठकर झूल रहे हैं। जब राधा रानी थक जाती हैं और उनका शृंगार बिगड़ जाता है, तो पीछे सेज है जहाँ ठाकुर जी उनके केश संवारते हैं और पैर दबाते हैं।' इस परंपरागत लीला-वर्णन ने भक्तों को भावविभोर कर दिया।
छप्पन भोग और विशेष प्रसाद
इस पर्व पर ठाकुर जी को घेवर और छप्पन भोग का विशेष भोग लगाया गया। सावन के इस पावन मौसम में बांके बिहारी का बाल रूप में दर्शन देना भक्तों के लिए विशेष आध्यात्मिक अनुभव रहा। मंदिर में आई एक श्रद्धालु ने कहा, 'अपने नारायण को झूले में झूलते देखने से मन प्रसन्न हो जा रहा है।'
देश-विदेश से उमड़े श्रद्धालु
हरियाली तीज पर वृंदावन में असाधारण भीड़ देखी गई। एक भक्त ने कहा, 'यहाँ पर बहुत अच्छा लग रहा है — हरियाली तीज पर देश-विदेश से श्रद्धालु ठाकुर जी के दर्शन के लिए आए हैं।' भक्तों ने स्वयं भी हरे रंग के वस्त्र धारण किए, जो इस पर्व की रंगीन परंपरा को दर्शाता है। आगामी सावन पर्वों पर भी इसी प्रकार के आयोजन अपेक्षित हैं।