राहुल गांधी का सुप्रीम कोर्ट मार्च: BJP के हर्ष मल्होत्रा बोले — 'याचिका का नैतिक अधिकार खो दिया'
सारांश
मुख्य बातें
दिल्ली भाजपा अध्यक्ष हर्ष मल्होत्रा ने 12 अक्टूबर 2026 को आरोप लगाया कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने सोमवार को सर्वोच्च न्यायालय तक निकाले गए 'नाटकीय जुलूस' से देश की शीर्ष अदालत की गरिमा को ठेस पहुँचाई है और इस आचरण से उन्होंने वहाँ याचिका दायर करने का नैतिक अधिकार भी गँवा दिया है। मल्होत्रा ने राहुल गांधी को देश का 'सबसे अराजकतावादी नेता' करार दिया।
मार्च की पृष्ठभूमि
मल्होत्रा के अनुसार, कुछ दिन पहले राहुल गांधी ने सार्वजनिक रूप से घोषणा की थी कि उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के विरुद्ध शिकायत दर्ज कराने के लिए भारत के मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत से मिलने का समय माँगा है। उनका दावा था कि न्यायपालिका के प्रमुख से मुलाकात तय हो चुकी है।
हालाँकि, रविवार को मुख्य न्यायाधीश के कार्यालय ने स्थापित नियमों और प्रक्रियाओं का हवाला देते हुए इंडिया ब्लॉक के नेताओं से मिलने से इनकार कर दिया। इसके बावजूद, मल्होत्रा के मुताबिक, सोमवार शाम 6 बजे — अदालत का कार्यसमय समाप्त होने के बाद — राहुल गांधी के नेतृत्व में विपक्षी गठबंधन का एक जत्था सुप्रीम कोर्ट परिसर पहुँचा।
मुख्य आरोप
मल्होत्रा ने कहा कि समाजवादी पार्टी के अखिलेश यादव और राष्ट्रीय जनता दल के तेजस्वी यादव समेत कई विपक्षी नेता राहुल गांधी के साथ इस मार्च में शामिल हुए। उनका तर्क था कि बैठक से इनकार के बाद भी जुलूस निकालना न्यायालय की अवमानना के बराबर है।
उन्होंने यह भी जोड़ा कि इंडिया ब्लॉक ने मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ सर्वोच्च न्यायालय में याचिका दायर करने की घोषणा की है, लेकिन जिस तरीके से यह प्रदर्शन किया गया, उससे उस याचिका की साख पर भी सवाल उठता है।
संवैधानिक पदों का सवाल
मल्होत्रा ने संवैधानिक पदक्रम का उल्लेख करते हुए कहा कि भारत में राष्ट्रपति के पद से ऊँचा कोई संवैधानिक पद नहीं है। उनके अनुसार, राष्ट्रपति से मुलाकात के बाद मुख्य न्यायाधीश से समय माँगने के राहुल गांधी के तरीके ने दोनों उच्च संवैधानिक पदों का अनादर किया।
गौरतलब है कि यह पहली बार नहीं है जब किसी विपक्षी मार्च को लेकर सत्तापक्ष ने न्यायालय की मर्यादा का सवाल उठाया हो। यह विवाद ऐसे समय में सामने आया है जब मुख्य चुनाव आयुक्त की नियुक्ति प्रक्रिया को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तनाव चरम पर है।
BJP की चेतावनी
मल्होत्रा ने आगाह किया कि राहुल गांधी के 'अराजक आचरण' से यह संकेत मिलता है कि भविष्य में यदि कोई न्यायालयीन फैसला उन्हें अनुकूल नहीं लगा, तो वे सड़कों पर उतरने से भी नहीं हिचकेंगे। उन्होंने इसे लोकतांत्रिक संस्थाओं के प्रति गंभीर खतरा बताया।
यह ध्यान देने योग्य है कि इस मामले पर कांग्रेस या इंडिया ब्लॉक की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। आने वाले दिनों में इस राजनीतिक टकराव के और तेज होने के आसार हैं।