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हरियाणा CM नायब सिंह सैनी का बड़ा फैसला: सरकारी अस्पतालों को निजी से बेहतर बनाने की मुहिम

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हरियाणा CM नायब सिंह सैनी का बड़ा फैसला: सरकारी अस्पतालों को निजी से बेहतर बनाने की मुहिम

सारांश

हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने 12 जिलों के सरकारी अस्पतालों की समीक्षा की और निजी अस्पतालों से बेहतर सुविधाओं का संकल्प दोहराया। आयुष्मान भारत के तहत सरकारी अस्पतालों में उपचार लेने वाले लाभार्थी एक साल में 8.83% से बढ़कर 32% हो गए — यह बदलाव ज़मीनी असर का संकेत है।

मुख्य बातें

मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने 21 जून 2026 को चंडीगढ़ में स्वास्थ्य अवसंरचना पर उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की।
अंबाला, फरीदाबाद, हिसार, सोनीपत सहित 12 जिलों के सिविल अस्पतालों के जीर्णोद्धार कार्यों की समीक्षा हुई।
आयुष्मान भारत योजना के तहत सरकारी अस्पतालों में उपचार लेने वाले लाभार्थी 2024-25 में 8.83% से बढ़कर 2025-26 में 32% हो गए।
दावों का भुगतान ₹26 करोड़ से बढ़कर ₹126 करोड़ हुआ — एक वर्ष में चार गुना से अधिक की वृद्धि।
सरकार का लक्ष्य सरकारी अस्पतालों को निजी अस्पतालों की तुलना में अधिक सुविधाजनक और नागरिक-हितैषी बनाना है।

हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने 21 जून 2026 को चंडीगढ़ स्थित सिविल सचिवालय में राज्य की स्वास्थ्य सेवा अवसंरचना की व्यापक समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की और स्पष्ट किया कि सरकारी अस्पतालों को निजी अस्पतालों की तुलना में अधिक सुविधाजनक और नागरिक-हितैषी बनाना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि चिकित्सा अवसंरचना, निदान क्षमताओं और रोगी देखभाल सेवाओं में महत्वपूर्ण सुधार किए जा रहे हैं ताकि प्रत्येक नागरिक को गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवा सुलभ हो सके।

समीक्षा बैठक में कौन-कौन शामिल रहे

इस उच्चस्तरीय बैठक में स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव, मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी, अतिरिक्त मुख्य सचिव (स्वास्थ्य) सुमिता मिश्रा, अतिरिक्त मुख्य सचिव एके सिंह और राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के निदेशक आरएस ढिल्लों सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। बैठक में सरकारी अस्पतालों के आधुनिकीकरण और नए मेडिकल कॉलेजों के निर्माण की प्रगति पर विस्तृत चर्चा हुई।

किन जिलों के अस्पतालों की हुई समीक्षा

मुख्यमंत्री सैनी ने अंबाला, भिवानी, चरखी दादरी, फरीदाबाद, हिसार, कैथल, महेंद्रगढ़, पलवल, पंचकुला, रेवाड़ी, सोनीपत और नूह जिलों के सिविल अस्पतालों में जारी जीर्णोद्धार एवं नवीनीकरण कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश जारी करते हुए कहा कि इन अस्पतालों को इस स्तर तक उन्नत किया जाए कि आम नागरिक निजी अस्पतालों की बजाय सरकारी सुविधाओं को प्राथमिकता दे।

आयुष्मान भारत योजना में उल्लेखनीय उछाल

बैठक में सामने आए आँकड़ों के अनुसार, सरकारी अस्पतालों में सुविधाओं के विस्तार का सीधा असर आयुष्मान भारत योजना के उपयोग पर पड़ा है। 2024-25 में योजना के केवल 8.83 प्रतिशत लाभार्थियों ने सरकारी अस्पतालों में उपचार लिया, जिसके लिए सरकार ने ₹26 करोड़ के दावों का भुगतान किया। इसके विपरीत, 2025-26 में यह अनुपात बढ़कर 32 प्रतिशत हो गया और दावों का भुगतान ₹126 करोड़ तक पहुँच गया — यह एक वर्ष में चार गुना से अधिक की वृद्धि है।

सरकार की प्राथमिकता और आगे की राह

मुख्यमंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि हरियाणा की सार्वजनिक स्वास्थ्य प्रणाली को अधिक कुशल, सुलभ और रोगी-केंद्रित बनाना सरकार का मूल लक्ष्य है। राज्य भर में स्वास्थ्य सुविधाओं को मजबूत करने और सेवा वितरण में सुधार के लिए निरंतर पहल जारी रहेगी। यह समीक्षा ऐसे समय में हुई है जब देश भर में सार्वजनिक स्वास्थ्य ढाँचे की गुणवत्ता को लेकर बहस तेज है और राज्य सरकारें जवाबदेही के दबाव में हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन यह आँकड़ा अकेले पर्याप्त नहीं है। असली सवाल यह है कि क्या यह वृद्धि बेहतर सुविधाओं की वजह से है या निजी अस्पतालों में आयुष्मान दावों की अस्वीकृति के कारण — जो एक अलग समस्या है। 12 जिलों में जीर्णोद्धार की समीक्षा सराहनीय है, परंतु बिना समयसीमा और गुणवत्ता मानकों के सार्वजनिक खुलासे के, यह घोषणाएँ नीतिगत इरादे से अधिक कुछ नहीं बनतीं। हरियाणा को चाहिए कि वह जिलेवार उपचार परिणामों और मरीज़ संतुष्टि सर्वेक्षणों को सार्वजनिक करे, ताकि जवाबदेही सुनिश्चित हो।
RashtraPress
24 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

हरियाणा में सरकारी अस्पतालों के आधुनिकीकरण की समीक्षा बैठक में क्या हुआ?
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने 21 जून 2026 को चंडीगढ़ में 12 जिलों के सरकारी अस्पतालों के जीर्णोद्धार और नवीनीकरण कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सरकारी अस्पतालों को निजी अस्पतालों से अधिक सुविधाजनक बनाया जाए।
आयुष्मान भारत योजना में हरियाणा के सरकारी अस्पतालों की हिस्सेदारी कितनी बढ़ी?
2024-25 में केवल 8.83% आयुष्मान भारत लाभार्थियों ने सरकारी अस्पतालों में उपचार लिया, जो 2025-26 में बढ़कर 32% हो गया। इसी अवधि में दावों का भुगतान ₹26 करोड़ से बढ़कर ₹126 करोड़ हो गया।
किन जिलों के अस्पतालों का जीर्णोद्धार हो रहा है?
अंबाला, भिवानी, चरखी दादरी, फरीदाबाद, हिसार, कैथल, महेंद्रगढ़, पलवल, पंचकुला, रेवाड़ी, सोनीपत और नूह — इन 12 जिलों के सिविल अस्पतालों में जीर्णोद्धार एवं नवीनीकरण कार्य चल रहे हैं।
हरियाणा सरकार की स्वास्थ्य सेवा सुधार की प्राथमिकता क्या है?
सरकार का लक्ष्य सार्वजनिक स्वास्थ्य प्रणाली को अधिक कुशल, सुलभ और रोगी-केंद्रित बनाना है। इसके लिए चिकित्सा अवसंरचना, निदान क्षमताओं और रोगी देखभाल सेवाओं में सुधार के साथ-साथ नए मेडिकल कॉलेजों का निर्माण भी किया जा रहा है।
इस समीक्षा बैठक में कौन-कौन से वरिष्ठ अधिकारी शामिल थे?
बैठक में स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव, मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी, अतिरिक्त मुख्य सचिव (स्वास्थ्य) सुमिता मिश्रा, अतिरिक्त मुख्य सचिव एके सिंह और राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के निदेशक आरएस ढिल्लों सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
राष्ट्र प्रेस
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