गौ माता सेवा कार्यक्रम में बोले CM नायब सिंह सैनी: हरियाणा में गौशालाओं का बजट ₹2 करोड़ से बढ़कर ₹600 करोड़ हुआ
सारांश
मुख्य बातें
हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने रविवार, 9 अगस्त 2026 को पंजाब के पटियाला जिले के समाना में आयोजित गौ कथा एवं गौ माता सेवा समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि यह पवित्र आयोजन भारत की महान आध्यात्मिक और सनातन परंपरा का जीवंत प्रमाण है। यह समारोह 'हिंद दी चादर' गुरु तेग बहादुर की 350वीं शहादत वर्षगांठ को समर्पित था, जो आस्था, सेवा और साझी सांस्कृतिक विरासत का अनूठा संगम बना।
गौशालाओं का विस्तार: संख्या और बजट में ऐतिहासिक वृद्धि
मुख्यमंत्री सैनी ने समारोह में बताया कि 2014 से पहले हरियाणा में मात्र 200 गौशालाएँ थीं और उनका वार्षिक बजट केवल ₹2 करोड़ था। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार के निरंतर प्रयासों के परिणामस्वरूप अब गौशालाओं की संख्या बढ़कर 650 हो गई है और बजट रिकॉर्ड ₹600 करोड़ तक पहुँच गया है। इन गौशालाओं में वर्तमान में 4 लाख से अधिक आवारा पशुओं की देखभाल की जा रही है।
बुनियादी ढाँचे में सुधार और स्टांप शुल्क में छूट
350 गौशालाओं में बड़े शेड और सौर ऊर्जा संयंत्र स्थापित किए गए हैं, ताकि पशुओं को बेहतर सुविधाएँ मिल सकें। इसके साथ ही, नई गौशालाओं की स्थापना को प्रोत्साहित करने के लिए भूमि पंजीकरण पर लगने वाला एक प्रतिशत स्टांप शुल्क पूरी तरह समाप्त कर दिया गया है। यह कदम गौ संरक्षण को ज़मीनी स्तर पर मज़बूत करने की दिशा में उठाया गया है।
नशामुक्ति अभियान और युवाओं को खेल से जोड़ने की पहल
सैनी ने कहा कि हरियाणा सरकार ने युवाओं को नशाखोरी जैसी सामाजिक बुराई से बचाने के लिए व्यापक अभियान चलाया है और नशा तस्करों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई जारी है। उन्होंने कहा कि राज्य में 2,000 खेल केंद्र स्थापित किए गए हैं, जहाँ प्रतिदिन लगभग 4 लाख युवा अभ्यास करते हैं। इस दौरान उन्होंने पंजाब सरकार पर परोक्ष निशाना साधते हुए कहा कि पड़ोसी राज्य में उपेक्षा के कारण युवा तेज़ी से नशे की गिरफ्त में आ रहे हैं।
राष्ट्रमंडल खेलों में हरियाणा की बेटियों का गौरव
मुख्यमंत्री ने गर्व के साथ बताया कि हाल ही में हुए राष्ट्रमंडल खेलों में भारत द्वारा जीते गए कुल 39 पदकों में से हरियाणा के खिलाड़ियों ने 7 स्वर्ण पदक जीते। इनमें से 5 स्वर्ण पदक हरियाणा की बेटियों ने अर्जित किए, जिससे राज्य और देश दोनों को विश्व मंच पर गौरव प्राप्त हुआ। यह उपलब्धि राज्य की खेल नीति की सफलता का प्रत्यक्ष प्रमाण बताई जा रही है।