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हरियाणा की 820 गौशालाओं को मिलेंगे ई-रिक्शा, CM सैनी ने ₹10.25 करोड़ की खरीद को दी मंजूरी

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हरियाणा की 820 गौशालाओं को मिलेंगे ई-रिक्शा, CM सैनी ने ₹10.25 करोड़ की खरीद को दी मंजूरी

सारांश

हरियाणा सरकार ने गौशालाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में ठोस कदम उठाते हुए 820 ई-रिक्शा और ₹10.25 करोड़ की मंजूरी दी। साथ ही कैथल, फरीदाबाद और गुरुग्राम में ₹350 करोड़ से अधिक की बुनियादी ढाँचा परियोजनाओं को भी हरी झंडी मिली।

मुख्य बातें

मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने 20 जुलाई को चंडीगढ़ में खरीद समिति की बैठक में 820 ई-रिक्शा गौशालाओं को देने की घोषणा की।
ई-रिक्शा खरीद की अनुमानित लागत ₹10.25 करोड़ ; 1,000 तक पशुओं वाली गौशाला को 1 और अधिक वाली को 2 ई-रिक्शा मिलेंगे।
हरियाणा में कुल 770 गौशालाएं हैं, जिनमें से 553 में 1,000 से कम मवेशी हैं।
कैथल में ₹12.87 करोड़ की सीवर लाइन और खेदर में ₹27.70 करोड़ के सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट को मंजूरी।
फरीदाबाद में यमुना किनारे ₹164.75 करोड़ के 5 रैनी कुओं और गुरुग्राम में ₹149 करोड़ की 1,000 एमएलडी जल परियोजना स्वीकृत।
निविदा प्रक्रिया में ₹16.58 करोड़ की बचत दर्ज की गई।

हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने सोमवार, 20 जुलाई को चंडीगढ़ में उच्चस्तरीय खरीद समिति की बैठक की अध्यक्षता करते हुए राज्य की गौशालाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए 820 ई-रिक्शा उपलब्ध कराने की घोषणा की। समिति ने इस योजना के तहत ₹10.25 करोड़ की लागत से ई-रिक्शा खरीद को स्वीकृति दी।

ई-रिक्शा वितरण की योजना

मुख्यमंत्री सैनी ने बताया कि यह वितरण पशुधन संख्या के आधार पर किया जाएगा। 1,000 तक पशुओं वाली गौशालाओं को एक ई-रिक्शा दिया जाएगा, जबकि 1,000 से अधिक पशुओं वाली गौशालाओं को दो ई-रिक्शा मिलेंगे। इन ई-रिक्शाओं का उपयोग पशुधन की देखभाल और प्रबंधन में किया जाएगा।

हरियाणा में कुल 770 गौशालाएं हैं। इनमें से 553 में 1,000 से कम मवेशी हैं, 79 में 2,000 तक, 20 में 3,000 तक, 8 में 4,000 तक मवेशी हैं, जबकि एक-एक गौशाला में क्रमशः 5,000 और 6,000 तक मवेशी हैं।

बुनियादी ढाँचे के लिए बड़े फैसले

उसी बैठक में मुख्यमंत्री ने कैथल शहर की विभिन्न कॉलोनियों में ₹12.87 करोड़ की अनुमानित लागत से सीवर लाइन बिछाने को भी मंजूरी दी। यह परियोजना वर्ष 2042 तक की अनुमानित आवश्यकताओं को ध्यान में रखकर डिज़ाइन की गई है और शहर की बड़ी आबादी को सीवरेज सुविधा प्रदान करेगी।

इसके अलावा, खेदर में जल सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट के उन्नयन और एक आरसीसी टैंक के निर्माण को ₹27.70 करोड़ की अनुमानित लागत से मंजूरी दी गई।

फरीदाबाद और गुरुग्राम में जल परियोजनाएं

फरीदाबाद के जलभराव वाले क्षेत्रों में यमुना नदी के किनारे मंझावली और मोथुका गांवों के पास 10 एमएलडी क्षमता वाले पाँच रैनी कुओं की स्थापना को ₹164.75 करोड़ की अनुमानित लागत से मंजूरी दी गई। सरकार ने स्पष्ट किया कि इन रैनी कुओं से प्राप्त जल की पीने के पानी के स्रोत के रूप में उपयुक्तता की जाँच की जाएगी।

गुरुग्राम महानगर विकास प्राधिकरण (GMDA) के अंतर्गत बसाई गांव में 1,000 एमएलडी क्षमता वाली दूसरी जल परियोजना के निर्माण को भी ₹149 करोड़ की अनुमानित लागत से स्वीकृति दी गई।

बचत और जवाबदेही

बैठक में यह भी बताया गया कि ₹380.40 करोड़ के विकास कार्यों के लिए ₹363.82 करोड़ की निविदा जारी की गई, जिससे लगभग ₹16.58 करोड़ की बचत हुई। मुख्यमंत्री सैनी ने स्पष्ट निर्देश दिए कि विकास कार्यों में किसी भी प्रकार की देरी या लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और सभी परियोजनाएं निर्धारित समय सीमा के भीतर पूरी होनी चाहिए। यह बैठक राज्य सरकार के उस व्यापक एजेंडे का हिस्सा है जिसमें ग्रामीण पशुपालन से लेकर शहरी बुनियादी ढाँचे तक एक साथ निवेश किया जा रहा है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली सवाल यह है कि क्या 820 वाहन 770 गौशालाओं की दीर्घकालिक आर्थिक आत्मनिर्भरता सुनिश्चित करने के लिए पर्याप्त हैं। हरियाणा में आवारा पशुओं की समस्या वर्षों से किसानों और स्थानीय प्रशासन के लिए चुनौती रही है — ई-रिक्शा प्रबंधन में सहायक हो सकते हैं, लेकिन गौशालाओं की वित्तीय स्थिरता के लिए राजस्व मॉडल की ज़रूरत है जो इस घोषणा में स्पष्ट नहीं है। एक ही बैठक में ₹350 करोड़ से अधिक की परियोजनाओं को मंजूरी देना सरकार की गति दर्शाता है, परंतु क्रियान्वयन की समयसीमा और जवाबदेही तंत्र पर मुख्यमंत्री के सख्त निर्देशों की परीक्षा ज़मीन पर होगी।
RashtraPress
4 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

हरियाणा गौशालाओं को ई-रिक्शा देने की योजना क्या है?
हरियाणा सरकार ने राज्य की 770 गौशालाओं को पशुधन प्रबंधन में सहायता के लिए कुल 820 ई-रिक्शा उपलब्ध कराने की योजना बनाई है। इसके लिए ₹10.25 करोड़ की खरीद को उच्चस्तरीय समिति ने 20 जुलाई को मंजूरी दी।
किस गौशाला को कितने ई-रिक्शा मिलेंगे?
1,000 तक पशुओं वाली गौशाला को एक ई-रिक्शा और 1,000 से अधिक पशुओं वाली गौशाला को दो ई-रिक्शा दिए जाएंगे। यह वितरण पशुधन संख्या पर आधारित है।
हरियाणा में कितनी गौशालाएं हैं और उनमें कितने मवेशी हैं?
हरियाणा में कुल 770 गौशालाएं हैं। इनमें 553 में 1,000 से कम, 79 में 2,000 तक, 20 में 3,000 तक, 8 में 4,000 तक मवेशी हैं, जबकि एक-एक गौशाला में 5,000 और 6,000 तक मवेशी हैं।
20 जुलाई की बैठक में और कौन-सी परियोजनाओं को मंजूरी मिली?
कैथल में ₹12.87 करोड़ की सीवर लाइन, खेदर में ₹27.70 करोड़ का सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट, फरीदाबाद में ₹164.75 करोड़ के पाँच रैनी कुएं और गुरुग्राम के बसाई गांव में ₹149 करोड़ की 1,000 एमएलडी जल परियोजना को मंजूरी दी गई।
खरीद प्रक्रिया में कितनी बचत हुई?
₹380.40 करोड़ के विकास कार्यों के लिए ₹363.82 करोड़ की निविदा जारी की गई, जिससे लगभग ₹16.58 करोड़ की बचत दर्ज की गई।
राष्ट्र प्रेस
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