क्या हरियाणा आईपीएस आत्महत्या मामले में पत्नी ने एफआईआर में आरोपियों के नाम शामिल करने की मांग की?
सारांश
मुख्य बातें
चंडीगढ़, 10 अक्टूबर (राष्ट्र प्रेस)। हरियाणा के एक प्रमुख आईपीएस अधिकारी एवं अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (एडीजीपी) वाई. पूरन कुमार की आत्महत्या के मामले में चंडीगढ़ पुलिस ने गुरुवार को एफआईआर दर्ज की है। लेकिन, उनकी पत्नी पी. अमनीत कुमार ने शुक्रवार को सेक्टर 11 पुलिस स्टेशन में पुनः आवेदन दिया।
उनका कहना है कि चंडीगढ़ पुलिस द्वारा दर्ज की गई एफआईआर में आरोपियों के नाम शामिल नहीं हैं।
आईपीएस अधिकारी वाई. पूरन कुमार की पत्नी पी. अमनीत कुमार ने अपने पति की आत्महत्या के मामले में पुनः आवेदन देने का कारण स्पष्ट करते हुए कहा कि चंडीगढ़ पुलिस द्वारा दर्ज की गई एफआईआर में आरोपियों के नाम शामिल नहीं किए गए हैं और उन्होंने उनके नाम जोड़ने की मांग की है।
उन्होंने यह भी कहा कि पुलिस ने वाई. पूरन कुमार के आत्महत्या नोट की प्रति भी उपलब्ध नहीं कराई है।
इससे पहले चंडीगढ़ पुलिस ने बताया था कि अभियुक्तों के खिलाफ धारा 108 आरडब्ल्यू 3(5) बीएनएस और 3(1)(आर) पीओए (एससी/एसटी) अधिनियम के तहत एफआईआर दर्ज की गई है। यह कार्रवाई चंडीगढ़ सेक्टर पुलिस ने की है। पुलिस ने कहा कि मामले की आगे की जांच जारी है।
हरियाणा के आईपीएस वाई. पूरन कुमार ने 7 अक्टूबर को चंडीगढ़ सेक्टर-11 स्थित अपने निवास पर आत्महत्या की। वह हरियाणा कैडर के वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी थे और वर्तमान में पुलिस प्रशिक्षण कॉलेज में तैनात थे। अपने लंबे कार्यकाल में उन्होंने राज्य पुलिस में कई महत्वपूर्ण पदों पर कार्य किया।
घटना के समय उनकी पत्नी अमनीत पी कुमार घर पर मौजूद नहीं थीं। वह हरियाणा कैडर की आईएएस अधिकारी हैं और उस समय प्रदेश के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के साथ जापान के दौरे पर थीं। वर्तमान में वह विदेश सहयोग विभाग की आयुक्त एवं सचिव के पद पर कार्यरत हैं।
जानकारी के अनुसार, पूरन कुमार की पत्नी और आईएएस अधिकारी अमनीत पी. कुमार ने चंडीगढ़ के सेक्टर-11 पुलिस स्टेशन के एसएचओ को पत्र लिखकर हरियाणा के DGP शत्रुजीत कपूर और रोहतक के SP नरेंद्र बिजरानिया पर गंभीर प्रताड़ना के आरोप लगाए थे।