हरियाणा महिला आयोग अध्यक्ष रेनू भाटिया का इस्तीफा, कुरुक्षेत्र अस्पताल विवाद के बाद नर्सों की हड़ताल
सारांश
मुख्य बातें
हरियाणा राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष रेनू भाटिया ने 9 जून 2026 को अपने पद से इस्तीफा दे दिया। उन्होंने मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी को संबोधित त्यागपत्र भेजा, हालाँकि इस्तीफे में पद छोड़ने का कोई स्पष्ट कारण नहीं बताया गया। यह घटनाक्रम कुरुक्षेत्र के एक सरकारी अस्पताल में बच्ची के साथ कथित दुर्व्यवहार के मामले में उनकी विवादास्पद भूमिका के बाद सामने आया है।
इस्तीफे में क्या लिखा
रेनू भाटिया ने अपने त्यागपत्र में लिखा कि उन्होंने पिछले लगभग साढ़े चार वर्षों के कार्यकाल में पूरी निष्ठा और ईमानदारी से महिला आयोग की अध्यक्षता की। उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री मनोहर लाल और वर्तमान मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के प्रति आभार व्यक्त किया। भाटिया ने यह भी कहा कि वे भविष्य में भी महिलाओं के अधिकारों और सम्मान के लिए संघर्ष जारी रखेंगी और यदि किसी अन्य पद पर नियुक्त किया गया तो उसे भी पूरी निष्ठा से निभाएँगी।
कुरुक्षेत्र अस्पताल विवाद की पृष्ठभूमि
गौरतलब है कि हाल ही में कुरुक्षेत्र के एलएनजीपी सरकारी अस्पताल में एक बच्ची के साथ कथित दुर्व्यवहार का मामला सामने आया था, जिसमें अस्पताल के एक डॉक्टर पर आरोप लगे। पुलिस ने आरोपी डॉक्टर को गिरफ्तार कर लिया है। इस मामले में रेनू भाटिया अस्पताल पहुँचीं और वहाँ मौजूद नर्सों को फटकार लगाई। उन्होंने नर्सों से सवाल किया कि वे घटना के दौरान मौके पर क्यों नहीं थीं और उन्होंने बच्ची को अकेले डॉक्टर के पास क्यों रहने दिया।
नर्सों की हड़ताल और बर्खास्तगी की माँग
भाटिया के इस रवैये के विरोध में करनाल के जिला नागरिक अस्पताल की स्टाफ नर्सों ने मंगलवार को 2 घंटे की प्रतीकात्मक हड़ताल की। नर्सों ने महिला आयोग अध्यक्ष को बर्खास्त करने की माँग के साथ-साथ आरोपी डॉक्टर के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की भी माँग की। करनाल नागरिक अस्पताल की स्टाफ नर्स भारती ने कहा, 'आज हमने सिर्फ 2 घंटे की स्ट्राइक की है। अगर सरकार ने हमारी माँगों को गंभीरता से नहीं लिया तो हम लंबी हड़ताल करेंगे।'
राजनीतिक और सामाजिक असर
यह मामला हरियाणा में महिला सुरक्षा, स्वास्थ्य तंत्र की जवाबदेही और संस्थागत जिम्मेदारी के सवालों को एक साथ उठाता है। यह ऐसे समय में आया है जब राज्य में महिला सुरक्षा को लेकर राजनीतिक बहस पहले से तेज है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के कार्यालय की ओर से इस्तीफे पर अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है।
आगे क्या होगा
अब सरकार के सामने महिला आयोग की अध्यक्षता के लिए नई नियुक्ति का सवाल है। कुरुक्षेत्र अस्पताल मामले में पुलिस जाँच जारी है और आरोपी डॉक्टर हिरासत में है। नर्स संगठनों ने स्पष्ट किया है कि माँगें पूरी न होने पर आंदोलन और तेज किया जाएगा।