पैक्ड फूड में छिपी ऐडेड शुगर: केचप से प्रोटीन बार तक, इन 10 चीजों में होती है अनचाही चीनी
सारांश
मुख्य बातें
रोज़मर्रा के पैक्ड फूड में ऐडेड शुगर की मौजूदगी अक्सर उपभोक्ताओं की नज़र से ओझल रह जाती है, क्योंकि ये खाद्य पदार्थ स्वाद में मीठे नहीं लगते। केचप, पास्ता सॉस, प्रोटीन बार और फ्लेवर्ड योगर्ट जैसी आम चीजों में निर्माता अतिरिक्त चीनी मिलाते हैं — जो स्वाद, बनावट और शेल्फ लाइफ बढ़ाने के लिए इस्तेमाल होती है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, इस ऐडेड शुगर की अधिकता मोटापा, मधुमेह और हृदय रोग जैसी गंभीर समस्याओं का जोखिम बढ़ा सकती है।
नेचुरल शुगर और ऐडेड शुगर में फर्क
हर चीनी एक जैसी नहीं होती। फलों, दूध और दही में पाई जाने वाली चीनी को नेचुरल शुगर कहते हैं — इनके साथ फाइबर, विटामिन और मिनरल भी मौजूद होते हैं, इसलिए ये शरीर के लिए अपेक्षाकृत हानिरहित मानी जाती है। इसके विपरीत, प्रोसेस्ड और पैक्ड खाद्य पदार्थों में अलग से मिलाई जाने वाली चीनी को ऐडेड शुगर कहा जाता है। यही ऐडेड शुगर जरूरत से ज्यादा सेवन पर मोटापा, डायबिटीज और हृदय रोग का खतरा बढ़ाती है।
किन पैक्ड फूड में छिपी होती है चीनी
कई ऐसे खाद्य पदार्थ हैं जिनमें उपभोक्ता चीनी होने की उम्मीद नहीं करते, लेकिन इनमें ऐडेड शुगर की मात्रा उल्लेखनीय हो सकती है।
सॉस और ड्रेसिंग: केचप, बारबेक्यू सॉस, पास्ता सॉस और सलाद ड्रेसिंग में अक्सर स्वाद संतुलित करने के लिए चीनी मिलाई जाती है। डेयरी उत्पाद: चॉकलेट, वनीला या स्ट्रॉबेरी फ्लेवर वाले दूध, फ्लेवर्ड योगर्ट और कॉफी क्रीमर में भी अतिरिक्त चीनी हो सकती है। नाश्ते के खाद्य पदार्थ: ग्रेनोला, इंस्टेंट ओटमील और ब्रेकफास्ट सीरियल्स को मीठा बनाने के लिए चीनी या शहद मिलाया जाता है। पेय पदार्थ: सॉफ्ट ड्रिंक के अलावा स्पोर्ट्स ड्रिंक, एनर्जी ड्रिंक, बोतलबंद कॉफी, आइस्ड टी और पैक्ड जूस भी चीनी से भरपूर हो सकते हैं। प्रोटीन बार और नट बटर: प्रोटीन बार और पीनट बटर, बादाम बटर या काजू बटर में भी कई बार अतिरिक्त चीनी डाली जाती है।
लेबल पर चीनी को पहचानने के तरीके
न्यूट्रिशन लेबल पढ़ना सबसे सरल उपाय है। अधिकांश पैक्ड फूड पर 'टोटल शुगर' और 'ऐडेड शुगर' दोनों की जानकारी अलग-अलग दी जाती है। उदाहरण के तौर पर, यदि किसी पैकेट पर 20 ग्राम टोटल शुगर और 15 ग्राम ऐडेड शुगर लिखा है, तो केवल 5 ग्राम चीनी प्राकृतिक स्रोत से है।
गौरतलब है कि चीनी हमेशा 'शुगर' नाम से लेबल पर नहीं लिखी होती। निर्माता इसके लिए कई अलग-अलग नामों का उपयोग करते हैं — जैसे केन शुगर, कॉर्न सिरप, हाई फ्रक्टोज कॉर्न सिरप, राइस सिरप, मोलासेस, कैरेमल, हनी और अगावे। इसके अलावा जिन शब्दों के अंत में '-ओज' आता है — जैसे ग्लूकोज, फ्रक्टोज, सुक्रोज, डेक्सट्रोज, माल्टोज और लैक्टोज — वे भी किसी न किसी रूप में शुगर ही हैं। यदि पैकेट पर ग्लेज्ड, कैंडीड, कैरेमलाइज्ड या फ्रॉस्टेड जैसे शब्द हों, तो इनमें भी अतिरिक्त चीनी की संभावना अधिक होती है।
'शुगर फ्री' उत्पाद: पूरी तरह हेल्दी नहीं
बाज़ार में उपलब्ध 'शुगर फ्री' या 'जीरो शुगर' उत्पादों में अक्सर सुक्रालोज, एस्पार्टेम, सैकरीन या स्टीविया जैसे जीरो-कैलोरी स्वीटनर का उपयोग किया जाता है। ये ब्लड शुगर को बहुत कम प्रभावित करते हैं और सीमित मात्रा में इनका सेवन सुरक्षित माना जाता है। हालाँकि, इसका अर्थ यह नहीं कि ऐसे सभी उत्पाद पूरी तरह स्वास्थ्यकर हैं — कई शुगर-फ्री पैक्ड फूड में स्वाद और बनावट बनाए रखने के लिए दूसरी प्रोसेस्ड सामग्री मिलाई जाती है। कुछ लोगों में इन स्वीटनर के अधिक सेवन से पेट फूलना या दस्त जैसी समस्याएँ भी हो सकती हैं।
स्वस्थ विकल्प और सावधानियाँ
पेय पदार्थों में सादा पानी, बिना चीनी वाली चाय या कॉफी और बिना चीनी वाला स्पार्कलिंग वॉटर बेहतर विकल्प हैं। प्रोटीन बार और फ्लेवर्ड योगर्ट खरीदते समय यह सुनिश्चित करें कि उनमें प्रोटीन की मात्रा शुगर से अधिक हो। यदि पसंदीदा खाद्य पदार्थों में थोड़ी-बहुत ऐडेड शुगर है, तो उन्हें पूरी तरह छोड़ने की जरूरत नहीं — बस उनकी मात्रा पर नज़र रखना जरूरी है। जागरूक उपभोक्ता बनना और लेबल ध्यान से पढ़ना ही दीर्घकालिक स्वास्थ्य की पहली सीढ़ी है।