हिमाचल CM सुक्खू ने रंगरिक में PHC अपग्रेड और ₹2 करोड़ छात्रावास की घोषणा की
सारांश
मुख्य बातें
हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने 15 अक्टूबर 2026 को राज्य सरकार के 'सरकार गांव के द्वार' कार्यक्रम के तहत स्पीति घाटी के सुदूर रंगरिक गांव में एक रात बिताई और स्थानीय निवासियों की समस्याएं सुनकर कई अहम घोषणाएं कीं। इनमें सबसे महत्वपूर्ण रंगरिक के मौजूदा उप-स्वास्थ्य केंद्र को प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (PHC) में अपग्रेड करना और सरकारी सीनियर सेकेंडरी स्कूल में ₹2 करोड़ की लागत से नए लड़कियों के छात्रावास का निर्माण शामिल है।
मुख्यमंत्री का रंगरिक दौरा और जन-संवाद
मुख्यमंत्री सुक्खू मंजुश्री में आयोजित जन-शिकायत बैठक में शामिल हुए, जहाँ उन्होंने स्थानीय नागरिकों की व्यक्तिगत समस्याएं सुनीं और संबंधित अधिकारियों को त्वरित समाधान के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि दूरस्थ गांवों में रात्रि प्रवास से उन्हें जमीनी जरूरतों की प्रत्यक्ष जानकारी मिली है। उन्होंने यह भी बताया कि स्थानीय चिंताओं के समाधान के लिए राज्य बजट में योजनाएं शामिल की जा रही हैं।
अपने प्रवास के दौरान, मुख्यमंत्री सोनम फुंसुक के आवास पर ठहरे, जहाँ ग्रामीणों ने उनका पारंपरिक तरीके से स्वागत किया और स्थानीय व्यंजन परोसे। यह पहल ऐसे समय में आई है जब दूर-दराज के पहाड़ी क्षेत्रों में सरकारी उपस्थिति और बुनियादी सेवाओं की पहुंच को लेकर सवाल उठते रहे हैं।
स्वास्थ्य सुविधाओं का विस्तार
सबसे बड़ी घोषणा रंगरिक उप-स्वास्थ्य केंद्र को प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (PHC) में अपग्रेड करने की रही। स्पीति घाटी जैसे दुर्गम इलाकों में चिकित्सा सुविधाओं तक पहुंच एक पुरानी समस्या रही है, जहाँ भौगोलिक चुनौतियाँ और मौसमी अवरोध स्वास्थ्य सेवाओं को और भी जटिल बना देते हैं। PHC का दर्जा मिलने से क्षेत्र में डॉक्टर, पैरामेडिक स्टाफ और बुनियादी चिकित्सा उपकरणों की उपलब्धता सुनिश्चित होगी।
छात्राओं के लिए ₹2 करोड़ का छात्रावास और अन्य सुविधाएं
रंगरिक सरकारी सीनियर सेकेंडरी स्कूल के लड़कियों के छात्रावास के अचानक निरीक्षण के दौरान सुक्खू ने छात्राओं से सीधी बातचीत की। छात्राओं ने रहने की स्थिति और बुनियादी सुविधाओं को लेकर अपनी चिंताएं साझा कीं, जिसके बाद मुख्यमंत्री ने ₹2 करोड़ की लागत से नए छात्रावास भवन के निर्माण की घोषणा की।
इसके अलावा, मुख्यमंत्री ने निम्नलिखित सुविधाएं देने का आश्वासन दिया: चारदीवारी का निर्माण, दो बहु-कार्यकारी कर्मचारियों और एक महिला वार्डन की तैनाती, तथा छात्रावास में पानी की कमी का स्थायी समाधान। इन घोषणाओं से परिवारों से दूर रहकर शिक्षा प्राप्त कर रही छात्राओं के लिए सुरक्षित और बेहतर वातावरण बनाने में मदद मिलने की उम्मीद है।
वृद्धाश्रम निरीक्षण और विधायक की उपस्थिति
अपने दौरे के दौरान सुक्खू ने रंगरिक स्थित वृद्धाश्रम का भी निरीक्षण किया, जहाँ उन्होंने बुजुर्ग निवासियों से मुलाकात कर उपलब्ध सुविधाओं का जायजा लिया। इस पूरे दौरे में विधायक अनुराधा राणा भी उनके साथ मौजूद रहीं।
'सरकार गांव के द्वार' — आगे की राह
मुख्यमंत्री सुक्खू ने स्पष्ट किया कि 'सरकार गांव के द्वार' कार्यक्रम के तहत जन-शिकायतों का निपटारा और दूरस्थ क्षेत्रों में विकास पहुंचाना राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। गौरतलब है कि स्पीति घाटी जैसे इलाके समुद्र तल से काफी ऊंचाई पर स्थित हैं और वहाँ वर्ष के कई महीने सड़क संपर्क बाधित रहता है, जिससे सरकारी योजनाओं का लाभ इन क्षेत्रों तक समय पर पहुंचाना हमेशा से चुनौतीपूर्ण रहा है। इन घोषणाओं के क्रियान्वयन की दिशा में ठोस कदम उठाए जाने की प्रतीक्षा रहेगी।