कुंजम दर्रा सुरंग निर्माण का आश्वासन, CM सुक्खू ने स्पीति के लिए ₹500 करोड़ खर्च का ऐलान किया
सारांश
मुख्य बातें
हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सुक्खू ने 14 अक्टूबर 2026 को काजा में एक जनसभा को संबोधित करते हुए घोषणा की कि लाहौल-स्पीति जिले में कुंजम दर्रे के नीचे सुरंग बनाने के लिए सर्वेक्षण और विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार की जाएगी। इस सुरंग के बनने से स्थानीय निवासियों और पर्यटकों को पूरे वर्ष बेहतर सड़क संपर्क मिलने की उम्मीद है।
मुख्य घोषणाएँ
अपने दो दिवसीय दौरे के दौरान मुख्यमंत्री सुक्खू ने कहा कि राज्य सरकार आने वाले वर्षों में स्पीति के विकास पर ₹500 करोड़ खर्च करेगी। इसके अलावा, सुमदो-काजा ट्रांसमिशन लाइन को लगभग ₹350 करोड़ की अनुमानित लागत से तीन साल के भीतर पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।
मुख्यमंत्री ने यह भी घोषणा की कि स्पीति घाटी को प्राकृतिक कृषि क्षेत्र घोषित किया जाएगा और काजा कस्बे में एक कॉलेज खोलने की संभावना तलाशी जाएगी। काजा में स्त्री रोग विशेषज्ञों सहित चिकित्सा विशेषज्ञों की नियुक्ति का भी आश्वासन दिया गया।
इसके अतिरिक्त, काजा में एक हेलीपोर्ट के निर्माण के लिए सर्वेक्षण कराने की बात कही गई, जिससे पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा और स्थानीय लोगों को भी लाभ होगा।
विकास पर सरकार का फ़ोकस
सुक्खू ने बताया कि जब उन्होंने 15 अप्रैल 2023 को हिमाचल दिवस के अवसर पर पहली बार इस क्षेत्र का दौरा किया था, तब स्थानीय निवासियों ने बिजली की कमी का मुद्दा उठाया था। उन्होंने कहा कि इस समस्या के समाधान के प्रयास अब जमीनी स्तर पर परिणाम देने लगे हैं।
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि हिमाचल प्रदेश का लगभग 42 प्रतिशत भौगोलिक क्षेत्र शीत रेगिस्तानी क्षेत्रों में आता है। राज्य सरकार इन क्षेत्रों में रहने वाली आबादी के विकास पर विशेष ध्यान दे रही है और उनके कल्याण के लिए अतिरिक्त धनराशि आवंटित की जा रही है। सरकार का लक्ष्य स्पीति के लोगों की आय दोगुनी करना भी है।
कर्मचारी कल्याण और पुरानी पेंशन योजना
मुख्यमंत्री ने कर्मचारियों के कल्याण का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि सरकार दिवाली पर महंगाई भत्ते की एक किस्त जारी करने पर विचार करेगी। साथ ही, कर्मचारियों को सम्मान और सामाजिक सुरक्षा देने के लिए पुरानी पेंशन योजना (OPS) को बहाल किया जा चुका है और आने वाले वर्षों में और अधिक कर्मचारियों को इसके दायरे में लाने पर विचार किया जाएगा।
केंद्र-राज्य विवाद
सुक्खू ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार ने हिमाचल प्रदेश को हर साल मिलने वाले ₹1,600 करोड़ रोक रखे हैं, क्योंकि राज्य ने OPS लागू कर रखी है। यह तनाव राज्य की विकास योजनाओं पर वित्तीय दबाव का संकेत देता है।
क्या होगा आगे
कुंजम दर्रा सुरंग परियोजना के लिए डीपीआर तैयार होने के बाद ही निर्माण की समयसीमा स्पष्ट होगी। गौरतलब है कि स्पीति घाटी जैसे दुर्गम क्षेत्रों में बुनियादी ढाँचा परियोजनाएँ अक्सर कठिन भूगोल, अत्यधिक ठंड और सीमित संसाधनों के कारण देरी का सामना करती हैं। ₹500 करोड़ के खर्च का वितरण और समयसीमा इस योजना की वास्तविक प्रभावशीलता तय करेगी।