3 अक्टूबर 2026
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काशा पाट में CM सुक्खू का ऐतिहासिक रात्रि प्रवास, स्कूल भवन के लिए ₹2 करोड़ की घोषणा

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काशा पाट में CM सुक्खू का ऐतिहासिक रात्रि प्रवास, स्कूल भवन के लिए ₹2 करोड़ की घोषणा

सारांश

हिमाचल के इतिहास में काशा पाट के लिए पहली बार — मुख्यमंत्री सुक्खू ने इस दुर्गम गाँव में रात गुज़ारी और ₹2 करोड़ के स्कूल भवन से लेकर बस सब्सिडी तक की झड़ी लगा दी। 'सरकार गाँव के द्वार' की यह यात्रा वादों की फेहरिस्त छोड़ गई — अब असल सवाल क्रियान्वयन का है।

मुख्य बातें

CM सुखविंदर सिंह सुक्खू ने 3 अक्टूबर 2026 को काशा पाट (रामपुर विधानसभा, शिमला) में रात्रि प्रवास किया — स्थानीयों के अनुसार यह पहली बार है।
नए स्कूल भवन के निर्माण के लिए ₹2 करोड़ और खेल मैदान विकसित करने की घोषणा।
काशा पाट–तकलेच–रामपुर बस सेवा हेतु 40% सब्सिडी और पाँच वर्षों तक ₹50,000 प्रतिमाह सहायता का प्रावधान।
बिना भवन वाले महिला मंडलों को ₹5 लाख , भवन युक्त को ₹1 लाख की सहायता।
'अपना परिवार, सुखी परिवार' योजना के तहत पात्र महिलाओं को ₹1,500 प्रतिमाह पेंशन देने की घोषणा।
होम स्टे के लिए पंजीकृत 4 स्थानीय लोगों को प्रमाण पत्र; सौर ऊर्जा पर 4–5% ब्याज सब्सिडी की नीति दोहराई।

हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने 3 अक्टूबर 2026 को शिमला जिले के रामपुर विधानसभा क्षेत्र के दुर्गम गाँव काशा पाट में रात्रि प्रवास किया — स्थानीय निवासियों के अनुसार यह पहली बार है जब किसी मुख्यमंत्री ने इस गाँव में रात गुज़ारी। इस दौरान उन्होंने नए स्कूल भवन निर्माण के लिए ₹2 करोड़, खेल मैदान विकास, बस सेवा और महिला मंडलों के लिए अनुदान सहित कई महत्त्वपूर्ण घोषणाएँ कीं।

मुख्य घोषणाएँ और विकास कार्य

मुख्यमंत्री ने काशा पाट में नए स्कूल भवन के निर्माण हेतु ₹2 करोड़ की राशि स्वीकृत की। साथ ही गाँव में एक खेल मैदान विकसित करने और काशा पाट से तकलेच होते हुए रामपुर तक बस सेवा शुरू करने का आश्वासन दिया। बस सेवा के लिए उन्होंने एक विशेष सब्सिडी योजना का भी ऐलान किया — यदि कोई स्थानीय व्यक्ति अधिकतम ₹30 लाख की लागत पर बस खरीदकर यह सेवा चलाता है, तो राज्य सरकार उसे 40 प्रतिशत सब्सिडी देगी और पाँच वर्षों तक प्रतिमाह ₹50,000 की सहायता राशि भी प्रदान की जाएगी। रोहड़ू क्षेत्र में भी यही 40 प्रतिशत सब्सिडी का प्रावधान लागू होगा।

महिला सशक्तिकरण और सामाजिक योजनाएँ

सुक्खू ने महिला मंडलों के लिए दो श्रेणियों में अनुदान की घोषणा की — जिन मंडलों के पास अपना भवन नहीं है, उन्हें ₹5-5 लाख भवन निर्माण के लिए दिए जाएँगे, जबकि जिनके पास पहले से भवन है, उन्हें आवश्यक सामग्री खरीदने हेतु ₹1-1 लाख की सहायता मिलेगी। इसके अतिरिक्त, सरकार शीघ्र ही 'अपना परिवार, सुखी परिवार' योजना लागू करने जा रही है, जिसके तहत पात्र महिलाओं को ₹1,500 प्रतिमाह पेंशन दी जाएगी। सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत करने वाली बच्चियों के उत्साहवर्धन के लिए भी ₹1 लाख की घोषणा की गई।

पर्यटन और सौर ऊर्जा को बढ़ावा

मुख्यमंत्री ने काशा पाट में होम स्टे के लिए पंजीकरण कराने वाले चार स्थानीय लोगों को प्रमाण पत्र प्रदान किए। उन्होंने कहा कि होम स्टे से दूरदराज क्षेत्रों में पर्यटन को प्रोत्साहन मिलेगा और स्थानीय लोगों के लिए रोज़गार के नए अवसर सृजित होंगे। सौर ऊर्जा परियोजनाओं के लिए सामान्य क्षेत्रों में 4 प्रतिशत और जनजातीय क्षेत्रों में 5 प्रतिशत ब्याज सब्सिडी देने की नीति का भी उल्लेख किया गया। विश्व पर्यटन सप्ताह के उपलक्ष्य में आयोजित चित्रकला प्रदर्शनी के विजेताओं को भी पुरस्कार राशि प्रदान की गई।

सरकार की गांव-केंद्रित नीति

सुक्खू ने कहा कि वे स्वयं ग्रामीण पृष्ठभूमि से आते हैं और उनका दृढ़ विश्वास है कि गाँवों की आर्थिक समृद्धि के बिना प्रदेश की वास्तविक खुशहाली सम्भव नहीं है। उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि हिमाचल की लगभग 68 प्रतिशत भूमि वन क्षेत्र में होने के कारण सड़क निर्माण में वन विभाग की अनुमतियाँ लेना अनिवार्य होता है, जिससे दुर्गम क्षेत्रों में विकास कार्यों में बाधाएँ आती हैं। गाँव के निवासी सुपन दास के घर रात्रि विश्राम करने वाले सुक्खू ने रोहड़ू में 'सरकार गाँव के द्वार' कार्यक्रम के बाद काशा पाट की यात्रा की, जहाँ स्थानीय लोगों ने पारंपरिक वाद्य यंत्रों और नाटी के साथ उनका स्वागत किया।

स्थानीय जनता की प्रतिक्रिया

काशा पाट निवासी सुपन दास ने कहा कि किसी मुख्यमंत्री का यहाँ रात्रि प्रवास करना पहली बार हुआ है और इससे ग्रामीणों में खासा उत्साह है। महिला मंडल काशा पाट की सदस्य वीना देवी ने विभिन्न घोषणाओं के लिए मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया और कहा कि स्कूल भवन एवं महिला मंडल सहायता से क्षेत्र के लोगों को सीधा लाभ मिलेगा। कार्यक्रम में नशा निवारण और भ्रूण हत्या जैसे सामाजिक मुद्दों पर भी जागरूकता प्रस्तुतियाँ दी गईं। इस अवसर पर महाधिवक्ता अनूप रतन, हिमकोन अध्यक्ष विकेश चौहान और ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष लालचंद शर्मा सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे। इन घोषणाओं के क्रियान्वयन पर अब स्थानीय समुदाय की नज़रें टिकी रहेंगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

बस सेवा, महिला मंडल अनुदान, पेंशन योजना और सौर सब्सिडी जैसी घोषणाओं की लंबी सूची चिंता भी पैदा करती है — क्या राज्य का वित्तीय ढाँचा इतनी योजनाओं को एक साथ बहन कर सकता है? हिमाचल प्रदेश पहले से भारी ऋण बोझ तले दबा है और ऐसे में हर 'सरकार गाँव के द्वार' कार्यक्रम में घोषणाओं की बाढ़ जवाबदेही की जगह उत्साह को प्राथमिकता देती दिखती है। क्रियान्वयन की समयसीमा और बजट आवंटन का खुलासा न होना इन वादों की विश्वसनीयता पर सवाल खड़ा करता है।
RashtraPress
3 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

CM सुक्खू ने काशा पाट में क्या-क्या घोषणाएँ कीं?
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने काशा पाट में नए स्कूल भवन के लिए ₹2 करोड़, खेल मैदान विकास, काशा पाट–रामपुर बस सेवा के लिए 40% सब्सिडी, महिला मंडलों को ₹5 लाख/₹1 लाख अनुदान और 'अपना परिवार, सुखी परिवार' योजना के तहत ₹1,500 प्रतिमाह पेंशन की घोषणा की।
काशा पाट में रात्रि प्रवास का क्या महत्त्व है?
स्थानीय निवासी सुपन दास के अनुसार यह पहली बार है जब किसी मुख्यमंत्री ने काशा पाट में रात्रि प्रवास किया। यह 'सरकार गाँव के द्वार' कार्यक्रम के तहत दुर्गम क्षेत्रों तक सीधी पहुँच बनाने की नीति का हिस्सा है।
बस सेवा सब्सिडी योजना कैसे काम करेगी?
यदि काशा पाट या रोहड़ू क्षेत्र का कोई स्थानीय व्यक्ति अधिकतम ₹30 लाख में बस खरीदकर यह सेवा चलाता है, तो राज्य सरकार उसे 40% सब्सिडी देगी और पाँच वर्षों तक हर महीने ₹50,000 की अतिरिक्त सहायता भी प्रदान की जाएगी।
'अपना परिवार, सुखी परिवार' योजना क्या है?
यह हिमाचल प्रदेश सरकार की शीघ्र आने वाली पेंशन योजना है, जिसके तहत पात्र महिलाओं को ₹1,500 प्रतिमाह पेंशन दी जाएगी। इस योजना का ऐलान CM सुक्खू ने 3 अक्टूबर 2026 को काशा पाट में किया।
हिमाचल में दुर्गम क्षेत्रों के विकास की सबसे बड़ी चुनौती क्या है?
CM सुक्खू ने बताया कि हिमाचल की लगभग 68% भूमि वन क्षेत्र में होने के कारण सड़क निर्माण के लिए बार-बार वन विभाग की अनुमति लेनी पड़ती है, जिससे दूरदराज इलाकों में बुनियादी ढाँचे का विकास धीमा पड़ जाता है।
राष्ट्र प्रेस
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