दिल्ली पुलिस ने मलाणा चरस तस्करी नेटवर्क तोड़ा, हिमाचल से NCR तक फैले गिरोह के 5 गिरफ्तार

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दिल्ली पुलिस ने मलाणा चरस तस्करी नेटवर्क तोड़ा, हिमाचल से NCR तक फैले गिरोह के 5 गिरफ्तार

सारांश

दिल्ली पुलिस की पूर्वी जिला स्पेशल स्टाफ टीम ने मलाणा से NCR तक चरस पहुँचाने वाले अंतरराज्यीय सिंडिकेट को ध्वस्त कर दिया। 9 अप्रैल से शुरू हुई जाँच में 5 आरोपी गिरफ्तार और 480.4 ग्राम चरस जब्त — यह कार्रवाई खरीद से वितरण तक पूरी आपूर्ति श्रृंखला पर प्रहार है।

मुख्य बातें

दिल्ली पुलिस ने हिमाचल प्रदेश से NCR तक फैले चरस तस्करी नेटवर्क का भंडाफोड़ किया।
कुल 5 आरोपी गिरफ्तार — शुभम जैन , राहुल कुमार , विशाल भारद्वाज , उर्मेश (मुख्य सप्लायर) और हरदीप (कूरियर)।
कुल 480.4 ग्राम चरस और 7 मोबाइल फोन जब्त; गुरुग्राम ठिकाने से अकेले 264 ग्राम बरामद।
मुख्य सप्लायर उर्मेश कुल्लू जिले के मलाणा गाँव का निवासी; हिमाचल में 'आउट-स्टेशन ऑपरेशन' से गिरफ्तार।
आरोपी हरदीप पहले से NDPS के एक अन्य मामले में न्यायिक हिरासत में; इस मामले में भी औपचारिक गिरफ्तारी प्रक्रिया शुरू।
नेटवर्क के अन्य सदस्यों की तलाश में जाँच जारी।

नई दिल्ली में दिल्ली पुलिस की पूर्वी जिला स्पेशल स्टाफ टीम ने हिमाचल प्रदेश के मलाणा गाँव से NCR तक उच्च गुणवत्ता वाली चरस की तस्करी करने वाले एक अंतरराज्यीय सिंडिकेट का भंडाफोड़ किया है। इस कार्रवाई में 5 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया और कुल 480.4 ग्राम चरस के साथ 7 मोबाइल फोन जब्त किए गए। यह मामला थाना गाजीपुर में दर्ज एफआईआर के आधार पर चलाया गया।

मुख्य घटनाक्रम

9 अप्रैल को पूर्वी जिला पुलिस की स्पेशल स्टाफ टीम गाजीपुर के गाँव गढ़ौली स्थित शर्मानाथ बांध के पास गश्त कर रही थी। तभी दो युवक पुलिस को देखकर भागने की कोशिश करने लगे। संदेह होने पर पुलिस ने उन्हें पकड़ा और तलाशी में उनके पास से 115 ग्राम चरस बरामद हुई।

गिरफ्तार आरोपियों की पहचान शुभम जैन और राहुल कुमार के रूप में हुई। पूछताछ और तकनीकी जाँच के दौरान पूरे नेटवर्क के बारे में अहम सुराग मिले, जिसके आधार पर जाँच का दायरा बढ़ाया गया।

आरोपियों की गिरफ्तारी और बरामदगी

18 अप्रैल को पुलिस ने आरोपी विशाल भारद्वाज को गिरफ्तार किया। उसके पास से 101.4 ग्राम चरस बरामद हुई, जबकि गुरुग्राम स्थित उसके ठिकाने की तलाशी में 264 ग्राम और चरस जब्त की गई। इस प्रकार केवल एक आरोपी से जुड़े स्थानों पर कुल 365.4 ग्राम से अधिक चरस बरामद हुई।

जाँच में खुलासा हुआ कि इस नेटवर्क का मुख्य आपूर्तिकर्ता हिमाचल प्रदेश के कुल्लू जिले के मलाणा गाँव का निवासी उर्मेश था। पुलिस ने हिमाचल प्रदेश में 'आउट-स्टेशन ऑपरेशन' चलाकर उसे भी गिरफ्तार कर लिया।

कूरियर नेटवर्क और न्यायिक हिरासत

जाँच में एक और आरोपी हरदीप की भूमिका सामने आई, जो मलाणा से दिल्ली तक चरस की खेप पहुँचाने वाले 'कूरियर' के रूप में काम करता था। अधिकारियों के अनुसार, हरदीप पहले से ही NDPS अधिनियम के एक अन्य मामले में न्यायिक हिरासत में है और अब इस मामले में भी उसे औपचारिक रूप से गिरफ्तार करने की कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।

गौरतलब है कि मलाणा गाँव लंबे समय से उच्च गुणवत्ता वाली चरस के उत्पादन के लिए कुख्यात रहा है और यह पहला मौका नहीं है जब NCR में इस क्षेत्र से जुड़े तस्करी नेटवर्क का भंडाफोड़ हुआ हो।

नेटवर्क की संरचना

पुलिस के अनुसार, इस सिंडिकेट ने खरीद और वितरण, दोनों चैनलों को व्यवस्थित रूप से संचालित किया था। मलाणा से चरस की आपूर्ति होती थी, जिसे कूरियर के ज़रिये दिल्ली-NCR तक पहुँचाया जाता था और स्थानीय वितरकों के माध्यम से बेचा जाता था। यह ऐसे समय में आया है जब दिल्ली पुलिस नशा तस्करी के खिलाफ विशेष अभियान चला रही है।

आगे की जाँच

अधिकारियों ने बताया कि नेटवर्क के अन्य सदस्यों की पहचान करने और इसे पूरी तरह समाप्त करने के लिए जाँच अभी जारी है। पुलिस तकनीकी साक्ष्यों और जब्त मोबाइल फोन के डेटा की मदद से अन्य संभावित सहयोगियों का पता लगाने में जुटी है।

संपादकीय दृष्टिकोण

जो पिछली कार्रवाइयों से एक कदम आगे है। लेकिन असली सवाल यह है कि हिमाचल में मलाणा जैसे क्षेत्रों में उत्पादन पर अंकुश लगाने के लिए दीर्घकालिक नीति क्या है — क्योंकि बिना स्रोत को सुखाए, वितरण नेटवर्क दोबारा खड़े हो जाते हैं।
RashtraPress
13 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

दिल्ली पुलिस ने किस तस्करी नेटवर्क का भंडाफोड़ किया?
दिल्ली पुलिस ने हिमाचल प्रदेश के कुल्लू जिले के मलाणा गाँव से NCR तक उच्च गुणवत्ता वाली चरस की तस्करी करने वाले एक अंतरराज्यीय सिंडिकेट का भंडाफोड़ किया। इस नेटवर्क में सप्लायर, कूरियर और स्थानीय वितरक सभी शामिल थे।
कितनी चरस जब्त की गई और कितने आरोपी पकड़े गए?
कुल 480.4 ग्राम चरस जब्त की गई और 5 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। इसके अलावा तस्करी में इस्तेमाल किए गए 7 मोबाइल फोन भी बरामद किए गए।
इस नेटवर्क का मुख्य सप्लायर कौन था और उसे कहाँ से पकड़ा गया?
मुख्य सप्लायर हिमाचल प्रदेश के कुल्लू जिले के मलाणा गाँव का निवासी उर्मेश था। दिल्ली पुलिस ने हिमाचल प्रदेश में 'आउट-स्टेशन ऑपरेशन' चलाकर उसे गिरफ्तार किया।
आरोपी हरदीप की इस मामले में क्या भूमिका थी?
हरदीप मलाणा से दिल्ली तक चरस की खेप पहुँचाने वाले 'कूरियर' के रूप में काम करता था। वह पहले से ही NDPS अधिनियम के एक अन्य मामले में न्यायिक हिरासत में है और अब इस मामले में भी औपचारिक गिरफ्तारी की कानूनी प्रक्रिया शुरू की गई है।
क्या इस नेटवर्क की जाँच पूरी हो गई है?
नहीं, अधिकारियों के अनुसार नेटवर्क के अन्य सदस्यों की पहचान के लिए जाँच अभी जारी है। पुलिस जब्त मोबाइल फोन के डेटा और तकनीकी साक्ष्यों की मदद से अन्य संभावित सहयोगियों का पता लगाने में जुटी है।
राष्ट्र प्रेस
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