27 जून 2026
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रामेश्वर तेली: दुलियाजन से दिल्ली और अब हिमंता कैबिनेट तक का सफर

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रामेश्वर तेली: दुलियाजन से दिल्ली और अब हिमंता कैबिनेट तक का सफर

सारांश

चाय बागान श्रमिक समुदाय से उठकर केंद्रीय राज्य मंत्री बने रामेश्वर तेली अब हिमंता बिस्वा सरमा की असम कैबिनेट में शामिल हो गए हैं। 2001 से दुलियाजन सीट पर पकड़ और डिब्रूगढ़ से दो बार सांसद रहे तेली का यह सफर असम की जमीनी राजनीति की जीवंत मिसाल है।

मुख्य बातें

रामेश्वर तेली ने 12 मई 2026 को हिमंता बिस्वा सरमा की कैबिनेट में मंत्री पद की शपथ ली।
उन्होंने दुलियाजन विधानसभा सीट से कांग्रेस के ध्रुबा गोगोई को हराकर जीत दर्ज की।
2014 और 2019 में डिब्रूगढ़ लोकसभा सीट से सांसद रहे; 2019 में केंद्र में राज्य मंत्री बने।
2024 में पूर्व मुख्यमंत्री सर्वानंद सोनोवाल के लिए डिब्रूगढ़ सीट छोड़ी।
चाय बागान श्रमिक समुदाय से आने वाले तेली का शामिल होना पिछड़े वर्गों के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता दर्शाता है।

भारतीय जनता पार्टी (BJP) के वरिष्ठ नेता रामेश्वर तेली ने 12 मई 2026 को असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा की नई कैबिनेट में मंत्री पद की शपथ ली। गुवाहाटी में आयोजित शपथ समारोह में सरमा के साथ रामेश्वर तेली, अजंता नियोग, अतुल बोरा और चरण बोरो ने भी मंत्री पद की शपथ ग्रहण की। चाय बागान श्रमिक समुदाय से आने वाले तेली का कैबिनेट में शामिल होना राज्य के पिछड़े वर्गों के लिए एक महत्वपूर्ण राजनीतिक संदेश माना जा रहा है।

रामेश्वर तेली का राजनीतिक परिचय

14 अगस्त 1970 को जन्मे रामेश्वर तेली ने अपने राजनीतिक जीवन की शुरुआत ऑल असम टी ट्राइब स्टूडेंट एसोसिएशन के साथ की थी। वर्ष 2001 में उन्होंने पहली बार दुलियाजन विधानसभा सीट से BJP के टिकट पर जीत दर्ज की और 2011 तक लगातार इसी सीट से विधायक रहे। 2006 में भी उन्होंने इस सीट पर जीत का सिलसिला जारी रखा, जिससे दुलियाजन BJP का अभेद्य गढ़ बन गया।

लोकसभा और केंद्रीय मंत्रिमंडल में भूमिका

वर्ष 2014 और 2019 के लोकसभा चुनावों में रामेश्वर तेली ने डिब्रूगढ़ सीट से जीत दर्ज कर संसद में कदम रखा। 2019 की जीत के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार में उन्हें खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्रालय तथा श्रम एवं रोजगार मंत्रालय में राज्य मंत्री की जिम्मेदारी सौंपी गई। इसके अतिरिक्त उन्हें पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय में भी राज्य मंत्री बनाया गया।

2024 में सीट छोड़ने का फैसला

वर्ष 2024 के लोकसभा चुनाव में रामेश्वर तेली ने पार्टी हित में डिब्रूगढ़ सीट पूर्व मुख्यमंत्री सर्वानंद सोनोवाल के लिए छोड़ दी। यह कदम पार्टी के भीतर उनकी परिपक्वता और अनुशासन का प्रमाण माना गया। इसके बाद उन्होंने विधानसभा चुनाव की ओर रुख किया और दुलियाजन सीट से कांग्रेस के ध्रुबा गोगोई को हराकर एक बार फिर विधायक बने।

चाय समुदाय की आवाज़

रामेश्वर तेली चाय बागान श्रमिक समुदाय से आते हैं, जो असम की राजनीति में एक निर्णायक मतदाता वर्ग है। राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार उनका मंत्रिमंडल में शामिल होना राज्य सरकार की चाय श्रमिकों और पिछड़े वर्गों के प्रति प्रतिबद्धता को रेखांकित करता है। गौरतलब है कि असम में चाय बागान श्रमिकों की बड़ी आबादी चुनावी नतीजों को सीधे प्रभावित करती है।

आगे की राह

हिमंता कैबिनेट में रामेश्वर तेली की वापसी उनके दशकों लंबे राजनीतिक सफर का नया अध्याय है। केंद्र में राज्य मंत्री के रूप में अर्जित अनुभव और जमीनी जुड़ाव के साथ वे असम की नई सरकार में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाने की स्थिति में हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि BJP की असम में चाय बागान वोट बैंक को साधने की सोची-समझी रणनीति है। केंद्र में राज्य मंत्री रहने के बावजूद 2024 में सीट छोड़ना पार्टी के प्रति उनकी निष्ठा दर्शाता है, लेकिन यह सवाल भी उठता है कि क्या इस त्याग का पुरस्कार उन्हें उचित विभाग के रूप में मिलेगा। असम में चाय श्रमिकों के मुद्दे — न्यूनतम मजदूरी, स्वास्थ्य सुविधाएँ, भूमि अधिकार — दशकों से लंबित हैं; तेली की असली परीक्षा यही होगी कि वे प्रतीकात्मक प्रतिनिधित्व से आगे बढ़कर ठोस नीतिगत बदलाव ला पाते हैं या नहीं।
RashtraPress
27 जून 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

रामेश्वर तेली कौन हैं?
रामेश्वर तेली BJP के वरिष्ठ नेता हैं जो असम के दुलियाजन विधानसभा क्षेत्र से विधायक हैं। वे 2014 और 2019 में डिब्रूगढ़ से सांसद रहे और मोदी सरकार में राज्य मंत्री की जिम्मेदारी निभा चुके हैं।
हिमंता कैबिनेट में किन मंत्रियों ने शपथ ली?
12 मई 2026 को हिमंता बिस्वा सरमा के साथ रामेश्वर तेली, अजंता नियोग, अतुल बोरा और चरण बोरो ने मंत्री पद की शपथ ली। यह असम की नई कैबिनेट का शपथ समारोह था।
रामेश्वर तेली ने 2024 में डिब्रूगढ़ सीट क्यों छोड़ी?
2024 के लोकसभा चुनाव में रामेश्वर तेली ने पार्टी के निर्देश पर डिब्रूगढ़ सीट पूर्व मुख्यमंत्री सर्वानंद सोनोवाल के लिए छोड़ दी। इसके बाद उन्होंने दुलियाजन विधानसभा सीट से चुनाव लड़ा और जीत दर्ज की।
रामेश्वर तेली किस समुदाय से आते हैं और इसका क्या महत्व है?
रामेश्वर तेली चाय बागान श्रमिक समुदाय से आते हैं, जो असम में एक बड़ा और निर्णायक मतदाता वर्ग है। उनका मंत्रिमंडल में शामिल होना राज्य सरकार की चाय श्रमिकों और पिछड़े वर्गों के प्रति प्रतिबद्धता का संकेत माना जा रहा है।
दुलियाजन विधानसभा सीट का राजनीतिक इतिहास क्या है?
दुलियाजन को BJP का गढ़ माना जाता है। रामेश्वर तेली ने 2001 और 2006 में इस सीट से जीत दर्ज की थी और अब एक बार फिर यहाँ से विधायक बने हैं।
राष्ट्र प्रेस
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