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CEC विरोध के पीछे विदेशी साजिश, सत्ता परिवर्तन की कोशिश: असम CM हिमंता बिस्वा सरमा

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CEC विरोध के पीछे विदेशी साजिश, सत्ता परिवर्तन की कोशिश: असम CM हिमंता बिस्वा सरमा

सारांश

असम CM हिमंता बिस्वा सरमा ने CEC ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विरोध प्रदर्शनों को विदेशी समर्थित सत्ता परिवर्तन की कोशिश करार दिया — बिना ठोस सबूत पेश किए। नक्सलवाद, पूर्वोत्तर और पाकिस्तान ऑपरेशन से जोड़ते हुए उन्होंने BJP की सुरक्षा उपलब्धियों का बचाव किया और विपक्ष पर निशाना साधा।

मुख्य बातें

असम CM हिमंता बिस्वा सरमा ने 12 अक्टूबर 2026 को गुवाहाटी में आरोप लगाया कि भारत में सत्ता परिवर्तन की कोशिश की जा रही है।
उन्होंने दावा किया कि CEC ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विरोध प्रदर्शनों को विदेशी ताकतों का समर्थन मिल रहा है।
सरमा ने इस कथित अभियान को नक्सलवाद विरोधी कार्रवाई , पूर्वोत्तर में शांति प्रयास और पाकिस्तान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई से जोड़ा।
सरमा ने पत्रकारों के सामने विदेशी संलिप्तता का कोई विशिष्ट सबूत नहीं प्रस्तुत किया।
BJP और कांग्रेस के बीच चुनाव आयोग की स्वायत्तता को लेकर राजनीतिक तनाव और गहरा होने की संभावना।

असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने 12 अक्टूबर 2026 को गुवाहाटी में पत्रकारों से बातचीत में आरोप लगाया कि कुछ राजनीतिक ताकतें जनता के समर्थन के बिना भारत में सत्ता परिवर्तन लाने की कोशिश कर रही हैं। उनके अनुसार, इस कथित अभियान को उन विदेशी ताकतों का प्रत्यक्ष समर्थन प्राप्त है जो भारत को एक शक्तिशाली और विकसित राष्ट्र के रूप में उभरते नहीं देखना चाहतीं।

सीएम सरमा के मुख्य आरोप

सरमा ने मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के खिलाफ हाल ही में हुए विरोध प्रदर्शनों को विशेष रूप से निशाने पर लिया। उन्होंने दावा किया कि ये प्रदर्शन किसी वास्तविक लोकतांत्रिक चिंता से उपजे नहीं हैं, बल्कि इनके पीछे एक सुनियोजित राजनीतिक एजेंडा है। उन्होंने कहा कि इस आंदोलन को वे तत्व हवा दे रहे हैं जिनके हित भारत की प्रगति के विपरीत हैं।

उल्लेखनीय है कि सरमा ने अपने बयान में विदेशी ताकतों का उल्लेख किया, परंतु पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने इस कथित समर्थन का कोई विशिष्ट सबूत या पहचान सार्वजनिक नहीं की।

नक्सलवाद, पूर्वोत्तर और पाकिस्तान से कनेक्शन

असम के मुख्यमंत्री ने CEC विरोध को नरेंद्र मोदी सरकार की तीन बड़ी उपलब्धियों से जोड़ा — नक्सलवाद के खिलाफ कड़ी कार्रवाई, पूर्वोत्तर में सुरक्षा और शांति की बहाली, और पाकिस्तान के अंदर की गई सैन्य कार्रवाई। सरमा का तर्क था कि इन निर्णायक कदमों ने उन ताकतों को नाराज कर दिया जो भारत की बढ़ती सामरिक शक्ति से असहज हैं।

उन्होंने आरोप लगाया कि इन घटनाक्रमों से निराश हुए राजनेता और संगठन मिलकर सरकार को अस्थिर करने की कोशिश कर रहे हैं। गौरतलब है कि सरमा अपने अनेक पूर्व बयानों में भी केंद्र की सुरक्षा नीतियों का सक्रिय बचाव करते रहे हैं।

राजनीतिक पृष्ठभूमि और विपक्ष की स्थिति

सरमा के ये बयान ऐसे समय में आए हैं जब भारतीय जनता पार्टी (BJP) और भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (कांग्रेस) के बीच राजनीतिक टकराव तेज हो रहा है। विपक्ष लोकतांत्रिक संस्थाओं के कामकाज और चुनाव प्रक्रिया पर सवाल उठाता रहा है, जबकि BJP ने इन्हें सत्ता को बाहरी समर्थन से हथियाने की कोशिश करार दिया है।

यह ऐसे समय में आया है जब CEC पद और चुनाव आयोग की स्वायत्तता पहले से ही राष्ट्रीय बहस के केंद्र में है। आलोचकों का कहना है कि विपक्ष की चिंताओं को विदेशी साजिश से जोड़ना एक राजनीतिक रणनीति है, जबकि सत्ता पक्ष का मानना है कि यह राष्ट्रीय सुरक्षा का गंभीर मसला है।

आगे क्या होगा

सरमा के इन आरोपों के बाद BJP और विपक्षी दलों के बीच टकराव और गहरा होने की संभावना है। कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों के नेता कथित सत्ता परिवर्तन षड्यंत्र के वर्णन का खंडन करने की स्थिति में होंगे। यह राजनीतिक बहस आने वाले दिनों में संसद और सड़क — दोनों स्तरों पर तीखी होती दिखेगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन यह नहीं पूछती कि 'विदेशी ताकत' के बिना साक्ष्य दावे लोकतांत्रिक विमर्श को किस दिशा में ले जाते हैं।
RashtraPress
12 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

हिमंता बिस्वा सरमा ने CEC विरोध के बारे में क्या कहा?
असम CM हिमंता बिस्वा सरमा ने 12 अक्टूबर 2026 को आरोप लगाया कि CEC ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विरोध प्रदर्शनों को विदेशी ताकतों का समर्थन मिल रहा है और इनके जरिए भारत में सत्ता परिवर्तन की कोशिश की जा रही है। हालाँकि उन्होंने पत्रकारों के सामने इस दावे का कोई विशिष्ट सबूत नहीं दिया।
सरमा ने सत्ता परिवर्तन की साजिश को किन घटनाओं से जोड़ा?
सरमा ने इस कथित षड्यंत्र को मोदी सरकार की तीन प्रमुख नीतिगत कार्रवाइयों से जोड़ा — नक्सलवाद के खिलाफ अभियान, पूर्वोत्तर में सुरक्षा की बहाली, और पाकिस्तान के अंदर की गई सैन्य कार्रवाई। उनका दावा है कि इन कदमों से नाराज ताकतें ही इस अभियान के पीछे हैं।
मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को लेकर विवाद क्या है?
विपक्षी दल CEC ज्ञानेश कुमार की नियुक्ति प्रक्रिया और चुनाव आयोग की स्वायत्तता पर सवाल उठा रहे हैं। इसी को लेकर हाल ही में विरोध प्रदर्शन हुए, जिन्हें सरमा ने विदेशी समर्थित सत्ता परिवर्तन की कोशिश करार दिया है।
क्या सरमा ने विदेशी हस्तक्षेप का कोई सबूत दिया?
नहीं। सरमा ने गुवाहाटी में पत्रकारों से बातचीत में विदेशी ताकतों का उल्लेख किया, लेकिन उन्होंने इस कथित समर्थन का कोई विशिष्ट सबूत या पहचान सार्वजनिक नहीं की। यह एक महत्वपूर्ण तथ्य है जो उनके बयान की विश्वसनीयता पर सवाल खड़ा करता है।
इस बयान का भारतीय राजनीति पर क्या असर होगा?
सरमा के आरोपों के बाद BJP और विपक्षी दलों — विशेषकर कांग्रेस — के बीच तनाव और बढ़ने की संभावना है। विपक्ष इन आरोपों का खंडन करेगा और चुनाव आयोग की स्वायत्तता का मुद्दा आने वाले दिनों में और भी तीखा हो सकता है।
राष्ट्र प्रेस
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