हिमंता बिस्वा सरमा की राहुल गांधी को चुनौती: चुनाव में खामी है तो 5 राज्यों की सरकारें छोड़ें
सारांश
मुख्य बातें
असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने 12 अक्टूबर 2026 को गुवाहाटी में कांग्रेस नेता राहुल गांधी को कड़ी चुनौती दी — यदि वे वाकई मानते हैं कि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के नेतृत्व में स्वतंत्र एवं निष्पक्ष चुनाव संभव नहीं, तो उन्हें विपक्ष-शासित राज्यों में अपनी सरकारें भंग करनी चाहिए और चुनाव बहिष्कार का ऐलान करना चाहिए। यह बयान ऐसे समय आया है जब कांग्रेस ने भारतीय चुनाव आयोग (ECI) के कामकाज को लेकर अपना अभियान तेज किया हुआ है।
सरमा की मुख्य चुनौती
सरमा ने तर्क दिया कि राहुल गांधी एक ओर चुनाव प्रक्रिया की विश्वसनीयता पर सवाल उठाते हैं, दूसरी ओर उसी प्रणाली के तहत जीते गए पदों और सरकारों पर काबिज बने रहते हैं। उन्होंने गांधी को सीधे कहा कि वे केरल, झारखंड, कर्नाटक, तेलंगाना और तमिलनाडु की अपने गठबंधन की सरकारों से इस्तीफा दिलाएँ।
सरमा ने यह भी कहा कि गांधी को घोषणा करनी चाहिए कि जब तक ज्ञानेश कुमार मुख्य चुनाव आयुक्त के पद पर बने रहेंगे, कांग्रेस उत्तर प्रदेश, पंजाब, गोवा, मणिपुर और उत्तराखंड में कोई चुनाव नहीं लड़ेगी।
चयनात्मक रवैये पर आरोप
असम के मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि कांग्रेस चुनावी परिणामों को लेकर दोहरा मापदंड अपना रही है। उनके अनुसार, जब परिणाम पक्ष में आते हैं तो पार्टी चुनाव आयोग और ईवीएम को सही मानती है, और जब नतीजे विपरीत जाते हैं तो पूरी प्रक्रिया को संदिग्ध बताने लगती है।
उन्होंने व्यंग्यात्मक लहजे में कहा, 'आप चुनाव जीतते हैं, तो ईवीएम ठीक हैं। मैं चुनाव जीतता हूँ, तो चुनाव गलत है।' यह असम और बंगाल के हालिया चुनाव नतीजों पर राहुल गांधी की टिप्पणियों के संदर्भ में कहा गया।
विपक्ष के नेता पद पर सवाल
सरमा ने यह भी इंगित किया कि राहुल गांधी को लोकसभा में विपक्ष के नेता का दर्जा उसी चुनावी प्रणाली के माध्यम से मिला है जिसकी वे अब आलोचना कर रहे हैं। उनका तर्क था कि संवैधानिक संस्थाओं को तभी चुनौती देना उचित नहीं, जब राजनीतिक परिणाम प्रतिकूल हों।
गौरतलब है कि यह पहली बार नहीं है जब भारतीय जनता पार्टी (BJP) नेताओं ने कांग्रेस के चुनाव आयोग-विरोधी अभियान पर इसी तरह का जवाबी तर्क दिया हो। विशेषज्ञों के अनुसार, चुनावी वैधता का यह विमर्श आगामी विधानसभा चुनावों से पहले और अधिक तीखा होने की संभावना है।
राजनीतिक पृष्ठभूमि
कांग्रेस पिछले कुछ हफ्तों से ECI के कामकाज और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार की नियुक्ति प्रक्रिया को लेकर सवाल उठा रही है। पार्टी का आरोप है कि चुनाव संचालन में पारदर्शिता की कमी है। सरमा ने इन आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि कांग्रेस राजनीतिक प्रदर्शन सुधारने के बजाय संस्थाओं को बदनाम करने की राह पर है।
आने वाले दिनों में कांग्रेस की ओर से इन आरोपों का जवाब अपेक्षित है, और यह विवाद देश के चुनावी विमर्श में केंद्रीय मुद्दा बना रहेगा।