15 अगस्त 2026
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स्वतंत्रता दिवस पर गुजरात BJP अध्यक्ष जगदीश विश्वकर्मा: 'अधिकारों के साथ कर्तव्य भी निभाएँ'

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स्वतंत्रता दिवस पर गुजरात BJP अध्यक्ष जगदीश विश्वकर्मा: 'अधिकारों के साथ कर्तव्य भी निभाएँ'

सारांश

80वें स्वतंत्रता दिवस पर गुजरात BJP अध्यक्ष जगदीश विश्वकर्मा ने गांधीनगर में ध्वजारोहण करते हुए कहा कि स्वतंत्रता का सही अर्थ अधिकारों के साथ कर्तव्यों का ईमानदार निर्वहन है। उन्होंने गांधी, पटेल और क्रांतिकारियों को श्रद्धांजलि देते हुए 'विकसित भारत' के लक्ष्य के लिए सामूहिक समर्पण का आह्वान किया।

मुख्य बातें

जगदीश विश्वकर्मा ने 15 अगस्त 2026 को गांधीनगर स्थित गुजरात BJP मुख्यालय में 80वें स्वतंत्रता दिवस पर ध्वजारोहण किया।
उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता का अर्थ केवल अधिकारों का उपभोग नहीं, बल्कि कर्तव्यों का अनुशासित निर्वहन भी है।
महात्मा गांधी, सरदार पटेल, श्यामजी कृष्ण वर्मा और सरदार सिंह राणा के स्वतंत्रता संग्राम में योगदान को याद किया।
नागरिकों से स्वदेशी उत्पाद अपनाने, जल-बिजली संरक्षण, नशामुक्ति और सामाजिक सेवा में योगदान का आग्रह किया।
स्वतंत्रता के 100 वर्ष पूरे होने पर भारत को विकसित, आत्मनिर्भर और समृद्ध राष्ट्र बनाने का संकल्प दोहराया।

गुजरात भारतीय जनता पार्टी (BJP) के अध्यक्ष जगदीश विश्वकर्मा ने 15 अगस्त 2026 को 80वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर स्पष्ट संदेश दिया कि स्वतंत्रता का अर्थ केवल अधिकारों का उपभोग करना नहीं, बल्कि उनका जिम्मेदारीपूर्ण प्रयोग और राष्ट्र के प्रति कर्तव्यों का ईमानदारी से निर्वहन करना है। गांधीनगर स्थित राज्य BJP मुख्यालय में आयोजित ध्वजारोहण समारोह में उन्होंने नागरिकों को 'राष्ट्र सर्वोपरि' की भावना से प्रेरित होकर सामूहिक प्रयास करने का आह्वान किया।

मुख्य संदेश: अधिकार और कर्तव्य साथ-साथ

विश्वकर्मा ने कहा कि संविधान ने प्रत्येक नागरिक को अधिकार तो दिए हैं, किंतु साथ ही देश की एकता, अखंडता और प्रगति में योगदान देने का दायित्व भी सौंपा है। उनके शब्दों में, 'स्वतंत्रता का अर्थ केवल अधिकारों का उपभोग करना नहीं है, बल्कि उन अधिकारों का जिम्मेदारीपूर्ण उपयोग करना और राष्ट्र एवं समाज के प्रति अपने कर्तव्यों का अनुशासन, ईमानदारी और समर्पण के साथ निर्वहन करना है।'

उन्होंने यह भी कहा कि स्वतंत्रता दिवस राष्ट्रीय गौरव के उत्सव के साथ-साथ उन वीरों को स्मरण करने का अवसर है जिन्होंने देश की आज़ादी के लिए सर्वोच्च बलिदान दिया।

गुजरात के स्वतंत्रता सेनानियों को श्रद्धांजलि

राज्य BJP अध्यक्ष ने गुजरात के ऐतिहासिक योगदान को रेखांकित किया। उन्होंने महात्मा गांधी द्वारा सत्य और अहिंसा का संदेश जन-जन तक पहुँचाने, सरदार वल्लभभाई पटेल की संगठनात्मक क्षमता और राष्ट्रीय एकता के प्रति उनकी अटूट प्रतिबद्धता, तथा श्यामजी कृष्ण वर्मा और सरदार सिंह राणा के स्वतंत्रता आंदोलन में दिए गए योगदान का विशेष उल्लेख किया।

उन्होंने स्वतंत्रता संग्राम के लिए अपना जीवन समर्पित करने वाले सभी क्रांतिकारियों और महान व्यक्तित्वों को श्रद्धांजलि अर्पित की।

विकसित भारत का लक्ष्य और नागरिकों की भूमिका

विश्वकर्मा ने कहा कि आज भारत विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी, अंतरिक्ष, रक्षा, कृषि, स्वास्थ्य सेवा, शिक्षा, डिजिटल प्रणालियों, स्टार्टअप, महिला सशक्तिकरण और अवसंरचना जैसे क्षेत्रों में उल्लेखनीय प्रगति कर रहा है। इस विकास यात्रा में प्रत्येक परिश्रमी नागरिक का योगदान रहा है।

'विकसित भारत' के राष्ट्रीय लक्ष्य का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि सामूहिक आकांक्षा यही है कि स्वतंत्रता के 100 वर्ष पूरे होने पर भारत एक विकसित, आत्मनिर्भर और समृद्ध राष्ट्र बने — जो विश्व का मार्गदर्शन करने में सक्षम हो।

नागरिकों से व्यावहारिक आह्वान

BJP अध्यक्ष ने नागरिकों से राष्ट्रीय हित को सर्वोपरि रखने, सामाजिक सद्भाव को मजबूत करने और ईमानदारी से अपने दायित्वों का निर्वहन करने का अनुरोध किया। उन्होंने विशेष रूप से स्वदेशी उत्पादों को प्राथमिकता देने, जल और बिजली का संरक्षण करने, प्राकृतिक संसाधनों एवं पर्यावरण की रक्षा करने, सार्वजनिक संपत्ति की सुरक्षा करने, स्वच्छता और शिक्षा को बढ़ावा देने तथा नशामुक्ति और सामाजिक सेवा में योगदान देने का आग्रह किया।

उन्होंने अपने संबोधन का समापन करते हुए कहा, 'हमारा जीवन, हमारी प्रतिभा और हमारा परिश्रम — सब कुछ देश के प्रति समर्पित होना चाहिए।' यह संदेश ऐसे समय में आया है जब देश अपनी आज़ादी के आठ दशक पूरे कर अगले 25 वर्षों के 'अमृत काल' में प्रवेश कर चुका है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन राजनीतिक संदर्भ में इसकी व्याख्या हमेशा सर्वसम्मत नहीं रही। गौरतलब है कि 'विकसित भारत 2047' का लक्ष्य तब तक अर्थपूर्ण नहीं होगा जब तक नागरिक भागीदारी केवल भाषणों तक सीमित न रहे। स्वतंत्रता दिवस के मंच से दिए गए ऐसे संदेश प्रेरणादायक होते हैं, परंतु उनकी असली कसौटी नीति-स्तर पर जवाबदेही और ज़मीनी क्रियान्वयन में है।
RashtraPress
15 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

जगदीश विश्वकर्मा ने स्वतंत्रता दिवस पर क्या कहा?
गुजरात BJP अध्यक्ष जगदीश विश्वकर्मा ने 15 अगस्त 2026 को गांधीनगर में कहा कि स्वतंत्रता का अर्थ केवल अधिकारों का उपभोग नहीं, बल्कि उनका जिम्मेदारीपूर्ण प्रयोग और राष्ट्र के प्रति कर्तव्यों का अनुशासित निर्वहन भी है। उन्होंने 'राष्ट्र सर्वोपरि' की भावना से सामूहिक प्रयास का आह्वान किया।
80वें स्वतंत्रता दिवस पर गुजरात BJP का कार्यक्रम कहाँ हुआ?
यह कार्यक्रम गांधीनगर स्थित राज्य BJP मुख्यालय में आयोजित ध्वजारोहण समारोह के रूप में हुआ, जहाँ जगदीश विश्वकर्मा ने ध्वजारोहण किया और उपस्थित कार्यकर्ताओं व नागरिकों को संबोधित किया।
विश्वकर्मा ने किन स्वतंत्रता सेनानियों का उल्लेख किया?
उन्होंने महात्मा गांधी, सरदार वल्लभभाई पटेल, श्यामजी कृष्ण वर्मा और सरदार सिंह राणा का विशेष उल्लेख किया। उन्होंने गुजरात के इन महान व्यक्तित्वों के स्वतंत्रता संग्राम में दिए गए योगदान को याद करते हुए उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की।
'विकसित भारत' लक्ष्य से BJP अध्यक्ष का क्या आशय था?
विश्वकर्मा ने कहा कि सामूहिक आकांक्षा यह है कि स्वतंत्रता के 100 वर्ष पूरे होने पर भारत एक विकसित, आत्मनिर्भर और समृद्ध राष्ट्र बने जो विश्व का मार्गदर्शन करने में सक्षम हो। यह 'विकसित भारत 2047' के केंद्र सरकार के राष्ट्रीय लक्ष्य के अनुरूप है।
विश्वकर्मा ने नागरिकों से व्यावहारिक रूप से क्या करने को कहा?
उन्होंने नागरिकों से स्वदेशी उत्पादों को प्राथमिकता देने, जल और बिजली का संरक्षण करने, पर्यावरण की रक्षा करने, सार्वजनिक संपत्ति सुरक्षित रखने, स्वच्छता और शिक्षा को बढ़ावा देने तथा नशामुक्ति एवं सामाजिक सेवा में योगदान देने का आग्रह किया।
राष्ट्र प्रेस
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