पश्चिम बंगाल: दत्तापुकुर में विस्फोटकों से लदी कार जब्त, मालिक रकीबुल हिरासत में; NIA-NSG मौके पर
सारांश
मुख्य बातें
पश्चिम बंगाल के उत्तर 24 परगना जिले के दत्तापुकुर इलाके में 22 अक्टूबर 2026 को पुलिस ने जेसोर रोड पर विस्फोटक सामग्री से भरी एक कार जब्त की और उसके मालिक रकीबुल इस्लाम को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की। विजयादशमी की रात हुई इस बरामदगी के बाद इलाके में दहशत का माहौल है और केंद्रीय सुरक्षा एजेंसियाँ सक्रिय हो गई हैं।
मुख्य घटनाक्रम
अधिकारियों के अनुसार, बुधवार देर रात पुलिस को सूचना मिली और उसने जेसोर रोड से विस्फोटकों से लदी कार को रोककर जब्त कर लिया। कार के मालिक रकीबुल इस्लाम को तत्काल हिरासत में ले लिया गया। सूत्रों के मुताबिक, पूछताछ के दौरान इस्लाम ने विस्फोटक से लदी उस गाड़ी का मालिक होने से इनकार किया है।
जानकारी के अनुसार, वह कार कोलकाता की दिशा में आ रही थी। बरामद विस्फोटक सामग्री को फॉरेंसिक जाँच के लिए भेज दिया गया है। पुलिस ने इस्लाम के दो मोबाइल फोन और एक लैपटॉप भी जब्त किए हैं।
केंद्रीय एजेंसियों की तैनाती
मामले की गंभीरता को देखते हुए स्पेशल टास्क फोर्स (STF), नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (NIA), और बम डिस्पोजल स्क्वॉड के अधिकारी तुरंत मौके पर पहुँचे। इसके अलावा नेशनल सिक्योरिटी गार्ड (NSG) की एक टीम भी घटनास्थल पर तैनात है, जो रात से ही वहाँ मौजूद बताई जा रही है।
यह ऐसे समय में आया है जब देशभर में दुर्गा पूजा के त्योहार के बाद का माहौल है और सुरक्षा एजेंसियाँ पहले से ही सतर्क थीं। सूत्रों ने बताया कि जिस स्थान पर विस्फोटक मिले, वह भारत-बांग्लादेश सीमा के काफी नज़दीक है, जिसके चलते जाँचकर्ताओं को संभावित विदेशी कनेक्शन का संदेह है।
कार मालिक की पृष्ठभूमि
जाँच में सामने आया है कि रकीबुल इस्लाम पहले एक मोटर मैकेनिक के रूप में काम करता था। कथित तौर पर तृणमूल कांग्रेस (TMC) सरकार के कार्यकाल के दौरान उसने तेज़ी से आर्थिक तरक्की की — एक कार शोरूम खोला और दो आलीशान मकानों का मालिक बन गया। वह एक घर में परिवार के साथ रहता है जबकि दूसरा किराए पर दिया हुआ है। पुलिस ने उसके घर की तलाशी ली और परिवार के सदस्यों से भी पूछताछ की।
सरकार की प्रतिक्रिया
राज्य के पंचायत मामलों एवं ग्रामीण विकास मंत्री दिलीप घोष ने गुरुवार को मीडिया से बात करते हुए कहा कि पिछली तृणमूल कांग्रेस सरकार के दौरान अपराधी बेखौफ होकर राज्य के भीतर विस्फोटक लाते-ले जाते थे। उन्होंने कहा कि अब राज्य में एक राष्ट्रवादी सरकार है, इसलिए ऐसे तत्वों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा रही है। गौरतलब है कि राजनीतिक हिंसा और बम बरामदगी की घटनाएँ पश्चिम बंगाल में पहले भी सुर्खियाँ बन चुकी हैं, और यह बरामदगी राज्य की कानून-व्यवस्था की स्थिति पर एक बार फिर से सवाल खड़े करती है।
क्या होगा आगे
फॉरेंसिक रिपोर्ट और NIA की जाँच से स्पष्ट होगा कि विस्फोटक कहाँ से लाए गए और इनका इस्तेमाल किस मकसद के लिए था। सीमा पार कनेक्शन की आशंका को देखते हुए BSF को भी सतर्क किए जाने की संभावना है। त्योहारी सीज़न में इस बरामदगी ने राज्य और केंद्र दोनों की सुरक्षा एजेंसियों को हाई अलर्ट पर ला दिया है।