ग्वालियर: यूपीएससी छात्रा ने रिश्तेदार पर शादी का झांसा देकर 3 साल तक दुष्कर्म का आरोप लगाया, एफआईआर दर्ज
सारांश
मुख्य बातें
ग्वालियर में यूपीएससी की तैयारी कर रही 21 वर्षीय युवती ने अपने एक रिश्तेदार पर शादी का वादा कर करीब तीन साल तक दुष्कर्म करने का आरोप लगाया है। पीड़िता की शिकायत के आधार पर ग्वालियर के कंपू थाने में संबंधित धाराओं के तहत 3 जुलाई को मामला दर्ज कर लिया गया है और जाँच शुरू हो गई है।
मामले का पूरा घटनाक्रम
पुलिस के अनुसार, पीड़िता दतिया जिले के भांडेर की रहने वाली है और वर्ष 2023 से सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी के लिए ग्वालियर के अमखो इलाके में किराए के कमरे में रह रही थी। आरोपी दीपक, जो दतिया का निवासी है और पीड़िता का रिश्तेदार बताया जाता है, उसके परिवार के घर आता-जाता था। शिकायत के मुताबिक, उसने पहले पीड़िता से दोस्ती की और बाद में शादी का भरोसा दिलाया।
आरोप है कि दीपक ने युवती पर अपने कमरे में आने का दबाव बनाया और शादी के वादे की आड़ में उसके साथ दुष्कर्म किया। जब पीड़िता ने शादी का आग्रह किया, तो आरोपी उसे एक मंदिर ले गया, जहाँ दोनों ने एक-दूसरे को माला पहनाई और कथित तौर पर आरोपी ने उसकी माँग में सिंदूर भरकर खुद को उसका पति बताया। इसके बाद आरोपी ने भांडेर में भी उसके लिए किराए का कमरा लिया और वहाँ भी शारीरिक संबंध बनाता रहा।
शादी से इनकार और धमकी के बाद पीड़िता ने उठाया कदम
पीड़िता का आरोप है कि हाल ही में उसे जानकारी मिली कि आरोपी दीपक की शादी करैरा की एक अन्य युवती से तय हो गई है। जब उसने इसका विरोध किया, तो आरोपी ने शादी से साफ इनकार कर दिया और यह कहकर धमकाया कि पुलिस उसका कुछ नहीं बिगाड़ पाएगी।
इसके बाद पीड़िता ने सबसे पहले भांडेर थाने में शिकायत दर्ज कराई, जहाँ जीरो एफआईआर दर्ज की गई। बाद में केस डायरी ग्वालियर के कंपू थाने स्थानांतरित की गई, जहाँ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया।
पुलिस की जाँच में क्या देखा जा रहा है
कंपू थाना प्रभारी अमर सिंह सिकारवार ने बताया कि पीड़िता की शिकायत के आधार पर एफआईआर दर्ज कर ली गई है। पुलिस मंदिर में हुई कथित शादी, भांडेर के किराए के कमरे, सीसीटीवी फुटेज और परिचितों के बयानों की जाँच कर रही है। साथ ही आरोपी की हालिया सगाई की भी पड़ताल की जा रही है।
आम जनता और कानूनी पक्ष पर असर
यह मामला उन कानूनी प्रावधानों के तहत दर्ज किया गया है जो शादी का झांसा देकर किए गए यौन शोषण को दंडनीय अपराध मानते हैं। गौरतलब है कि इस तरह के मामलों में अदालतें 'वादे की नीयत' को अहम मानती हैं — यानी क्या वादा शुरू से ही झूठा था। पुलिस द्वारा एकत्र किए जा रहे साक्ष्य इसी बिंदु को स्थापित करने में निर्णायक होंगे।
फिलहाल आरोपी की गिरफ्तारी की जानकारी सामने नहीं आई है। जाँच जारी है और आगे की कार्रवाई साक्ष्यों पर निर्भर करेगी।