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विहिप के 6,500+ सेवा प्रकल्प, 3,000 पाकिस्तानी हिंदुओं को नागरिकता — मिलिंद परांडे का जोधपुर में खुलासा

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विहिप के 6,500+ सेवा प्रकल्प, 3,000 पाकिस्तानी हिंदुओं को नागरिकता — मिलिंद परांडे का जोधपुर में खुलासा

सारांश

विहिप महासचिव मिलिंद परांडे ने जोधपुर में संगठन का पूरा खाका खींचा — 6,500 से अधिक दैनिक सेवा प्रकल्प, 3,000 पाकिस्तानी हिंदुओं को नागरिकता, नेपाल के 1,000 गाँवों में संस्कार शालाएँ और जून में उत्तर प्रदेश में होने वाली अखिल भारतीय बैठक। यह विहिप के विस्तार की दिशा में एक महत्वपूर्ण संकेत है।

मुख्य बातें

विहिप राष्ट्रीय महासचिव मिलिंद परांडे ने 12 जून 2026 को जोधपुर में संगठन की गतिविधियों का विस्तृत ब्यौरा दिया।
संगठन देशभर में प्रतिदिन साढ़े छह हजार से अधिक सेवा प्रकल्प संचालित कर रहा है — शिक्षा, स्वास्थ्य और रोज़गार के क्षेत्र में।
विहिप के प्रयासों से अब तक 3,000 से अधिक पाकिस्तानी हिंदुओं को भारतीय नागरिकता दिलाई गई है।
100 से अधिक पाकिस्तानी हिंदू डॉक्टरों को भारत में चिकित्सा अभ्यास का अधिकार दिलाने में संगठन ने सहयोग किया।
विहिप भारत के बाहर लगभग 30 देशों में सक्रिय है; नेपाल के 1,000 से अधिक गाँवों में संस्कार शालाएँ चल रही हैं।
जून 2026 में उत्तर प्रदेश में विहिप की अखिल भारतीय बैठक प्रस्तावित है।

विश्व हिंदू परिषद (विहिप) के राष्ट्रीय महासचिव मिलिंद परांडे ने 12 जून 2026 को जोधपुर दौरे के दौरान मीडिया से बातचीत में संगठन की व्यापक सेवा गतिविधियों और भविष्य की रणनीतियों का विस्तृत ब्यौरा दिया। उन्होंने कहा कि विहिप देश और विदेश में हिंदू समाज के कल्याण, सशक्तीकरण और उत्थान के लिए निरंतर काम कर रही है।

सेवा प्रकल्पों का विस्तार

परांडे ने बताया कि संगठन वर्तमान में देशभर में प्रतिदिन संचालित होने वाले साढ़े छह हजार से अधिक सेवा प्रकल्पों के माध्यम से शिक्षा, स्वास्थ्य और रोज़गार के क्षेत्रों में काम कर रहा है। उन्होंने कहा कि इन परियोजनाओं का मूल उद्देश्य समाज के जरूरतमंद वर्गों को मुख्यधारा से जोड़ना और उन्हें आत्मनिर्भर बनाना है।

यह ऐसे समय में आया है जब संगठन अपनी स्थापना के बाद से सामाजिक, सांस्कृतिक, शैक्षणिक और सेवा-केंद्रित कार्यक्रमों के ज़रिए कमज़ोर वर्गों तक पहुँचने का दावा करता रहा है।

पाकिस्तानी हिंदुओं का पुनर्वास

परांडे ने विशेष रूप से पाकिस्तान से भारत आए हिंदू परिवारों के पुनर्वास पर प्रकाश डाला। उनके अनुसार, संगठन के प्रयासों से अब तक तीन हजार से अधिक पाकिस्तानी हिंदुओं को भारतीय नागरिकता दिलाने में सफलता मिली है। नागरिकता के अलावा इन परिवारों को सामाजिक और आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के लिए भी कई पहल की गई हैं।

उन्होंने बताया कि सौ से अधिक प्रशिक्षित हिंदू डॉक्टरों को भारत में चिकित्सा अभ्यास करने का अधिकार दिलाने के लिए भी संगठन ने व्यापक प्रयास किए हैं। अब विहिप इन परिवारों के बच्चों की शिक्षा, कौशल विकास और जोधपुर सहित विभिन्न क्षेत्रों की बस्तियों में सामाजिक विकास कार्यों पर विशेष ध्यान देने की योजना बना रही है।

अंतरराष्ट्रीय उपस्थिति और नेपाल अभियान

परांडे के अनुसार, विहिप वर्तमान में भारत के बाहर लगभग 30 देशों में सक्रिय है। उन्होंने नेपाल का उदाहरण देते हुए कहा कि वहाँ कुछ अंतरराष्ट्रीय गैर-सरकारी संगठनों द्वारा हिंदू समुदाय को धर्म परिवर्तन के लिए प्रभावित करने के प्रयास किए जा रहे थे। इसके जवाब में विहिप नेपाल के एक हजार से अधिक गाँवों में संस्कार शालाओं और सामाजिक कार्यक्रमों का संचालन कर रही है, ताकि स्थानीय हिंदू समाज को सांस्कृतिक रूप से मज़बूत बनाए रखा जा सके।

आगामी अखिल भारतीय बैठक

जून 2026 में उत्तर प्रदेश में विहिप की अखिल भारतीय बैठक आयोजित होने जा रही है। परांडे ने बताया कि इस बैठक में संगठन की आगामी रणनीतियों, सेवा कार्यों के विस्तार, सामाजिक कार्यक्रमों और राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर विचार-विमर्श किया जाएगा।

गौरतलब है कि यह बैठक ऐसे समय में हो रही है जब संगठन अपने अंतरराष्ट्रीय कार्यक्षेत्र के और अधिक विस्तार की योजना बना रहा है। आने वाले महीनों में विहिप की रणनीति और क्रियान्वयन की दिशा इस बैठक के निष्कर्षों पर काफी हद तक निर्भर करेगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

500 सेवा प्रकल्प और 3,000 नागरिकताएँ — प्रभावशाली आँकड़े हैं, लेकिन इनकी स्वतंत्र पुष्टि अभी तक सार्वजनिक नहीं हुई है। नेपाल में 'धर्म परिवर्तन' के खिलाफ संस्कार शालाओं का संचालन संगठन की सांस्कृतिक-राजनीतिक रणनीति को भी दर्शाता है, जो महज़ सेवा से परे है। पाकिस्तानी हिंदुओं के पुनर्वास का काम निस्संदेह मानवीय महत्व का है, पर इसे नागरिकता कानून और सरकारी तंत्र के व्यापक संदर्भ में भी देखा जाना चाहिए। उत्तर प्रदेश में होने वाली अखिल भारतीय बैठक संगठन की अगली प्राथमिकताओं का संकेत देगी — और यह देखना दिलचस्प होगा कि घोषित सेवा एजेंडा राजनीतिक चर्चाओं से कितना अलग रहता है।
RashtraPress
28 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

विश्व हिंदू परिषद (विहिप) के सेवा प्रकल्प क्या हैं?
विहिप के राष्ट्रीय महासचिव मिलिंद परांडे के अनुसार, संगठन देशभर में प्रतिदिन साढ़े छह हजार से अधिक सेवा प्रकल्प संचालित करता है, जो शिक्षा, स्वास्थ्य और रोज़गार के क्षेत्रों में काम करते हैं। इन प्रकल्पों का लक्ष्य समाज के जरूरतमंद वर्गों को मुख्यधारा से जोड़ना और आत्मनिर्भर बनाना है।
विहिप ने पाकिस्तानी हिंदुओं के लिए क्या किया है?
परांडे के अनुसार, विहिप के प्रयासों से अब तक 3,000 से अधिक पाकिस्तानी हिंदुओं को भारतीय नागरिकता दिलाई गई है। इसके अलावा 100 से अधिक पाकिस्तानी हिंदू डॉक्टरों को भारत में चिकित्सा अभ्यास का अधिकार दिलाने में भी संगठन ने सहयोग किया है।
विहिप नेपाल में क्या काम कर रही है?
विहिप नेपाल के 1,000 से अधिक गाँवों में संस्कार शालाओं और सामाजिक कार्यक्रमों का संचालन कर रही है। परांडे ने बताया कि यह कदम कुछ अंतरराष्ट्रीय NGO द्वारा हिंदू समुदाय को धर्म परिवर्तन के लिए प्रभावित करने के कथित प्रयासों के जवाब में उठाया गया है।
विहिप की अखिल भारतीय बैठक कब और कहाँ होगी?
परांडे के अनुसार, जून 2026 में उत्तर प्रदेश में विहिप की अखिल भारतीय बैठक आयोजित होने जा रही है। इस बैठक में संगठन की आगामी रणनीतियों, सेवा कार्यों के विस्तार और राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर विचार-विमर्श किया जाएगा।
विहिप कितने देशों में सक्रिय है?
मिलिंद परांडे के अनुसार, विहिप वर्तमान में भारत के बाहर लगभग 30 देशों में सक्रिय है। संगठन इन देशों में हिंदू समाज के सांस्कृतिक और सामाजिक सशक्तीकरण के लिए काम करता है।
राष्ट्र प्रेस
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