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पश्चिम बंगाल चुनाव: कृषि, उद्योग एवं इतिहास का अद्भुत संगम हुगली, भाजपा और टीएमसी के बीच मुकाबला

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पश्चिम बंगाल चुनाव: कृषि, उद्योग एवं इतिहास का अद्भुत संगम हुगली, भाजपा और टीएमसी के बीच मुकाबला

सारांश

हुगली, पश्चिम बंगाल का एक प्रमुख जिला, कृषि, उद्योग और समृद्ध इतिहास का अद्वितीय संगम है। आगामी विधानसभा चुनावों में टीएमसी और भाजपा के बीच कांटेदार मुकाबला देखने को मिलेगा। जानें इसके इतिहास और अर्थव्यवस्था के बारे में।

मुख्य बातें

हुगली जिला कृषि और उद्योग का प्रमुख केंद्र है।
यहाँ की जनसंख्या 55,19,145 है।
टीएमसी और भाजपा के बीच आगामी चुनावों में कड़ी टक्कर की संभावना है।
हुगली का ऐतिहासिक महत्व भी है, जो इसे विशेष बनाता है।
जूट उद्योग यहाँ की अर्थव्यवस्था का मुख्य आधार है।

कोलकाता, 15 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। हुगली, जो पश्चिम बंगाल के बर्दवान संभाग में स्थित एक प्रमुख जिला है, का मुख्यालय चिनसुराह में है। यह जिला हुगली नदी के नाम पर रखा गया है, जो यहाँ की जीवनरेखा है। 'हुगली' नाम संभवतः 'होगला' नामक लंबी सरकंडा घास से उत्पन्न हुआ है, जो नदी किनारों और दलदली क्षेत्रों में भरपूर मात्रा में उगती है।

इतिहास की दृष्टि से, हुगली प्राचीन काल से महत्वपूर्ण क्षेत्र रहा है। प्रारंभिक काल में यह 'सुह्मास' जनजाति के अधीन था, जिसका उल्लेख महाभारत में अंग, वंग और पुंड्र के साथ मिलता है और ईसा पूर्व दूसरी शताब्दी के व्याकरण ग्रंथ 'महाभाष्य' में भी। यहाँ हजारों वर्षों की समृद्ध विरासत विद्यमान है, जिसमें भुरशुट बंगाली साम्राज्य का हिस्सा शामिल है। उपनिवेश काल से पहले हुगली एक प्रमुख नदी बंदरगाह था, जहाँ व्यापार की गतिविधियाँ फलती-फूलती थीं। 1536 में पुर्तगाली व्यापारियों को सुल्तान महमूद शाह द्वारा व्यापार की अनुमति दी गई। 13वीं शताब्दी से यह स्वदेशी शासकों के अधीन था, इसके बाद मुगलों ने उत्तरी हिस्से पर कब्जा कर लिया। 1795 में बर्दवान जिले को विभाजित कर हुगली को एक अलग जिला बनाया गया। 1822 में यह अलग कलेक्टरेट बन गया।

हुगली जिले का क्षेत्रफल लगभग 3,149 वर्ग किलोमीटर है। 2011 की जनगणना के अनुसार, यहाँ की कुल जनसंख्या 55,19,145 थी, जिसमें पुरुषों की संख्या 28,14,653 और महिलाओं की 27,04,492 थी। जनसंख्या घनत्व 1,757 व्यक्ति प्रति वर्ग किलोमीटर था। ग्रामीण जनसंख्या लगभग 61.43 प्रतिशत और शहरी 38.57 प्रतिशत थी। लिंगानुपात 961 महिलाएँ प्रति 1,000 पुरुष था। अनुमानित रूप से 2026 तक जनसंख्या 60 लाख के करीब पहुँच जाएगी। जिले में चार उप-विभाग हैं: चिनसुराह सदर, श्रीरामपुर, चंदननगर और आरामबाग।

आर्थिक दृष्टिकोण से, हुगली पश्चिम बंगाल के सबसे विकसित जिलों में से एक है। यह राज्य का मुख्य जूट खेती, जूट उद्योग और जूट व्यापार केंद्र है। नदी तट पर स्थित होने के कारण, उद्योगों को परिवहन की सुविधाएँ मिलती हैं। कृषि यहाँ प्रमुख है, जिसमें चावल, आलू, सब्जियाँ और अन्य फसलें उगाई जाती हैं। जूट मिलें, इंजीनियरिंग उद्योग और छोटे-मोटे कारखाने यहाँ केंद्रित हैं। कोलकाता के निकटता के कारण आर्थिक विकास तीव्र है।

राजनीतिक दृष्टि से, हुगली लोकसभा निर्वाचन क्षेत्र (संख्या 28) जिले का प्रतिनिधित्व करता है, जिसमें सात विधानसभाएँ शामिल हैं: बालागढ़, चंदननगर, चुंचुरा, धानेखाली, पांडुआ, सप्तग्राम और सिंगूर। ये सभी विधानसभा क्षेत्र हुगली जिले में स्थित हैं।

चुनावी इतिहास की बात करें तो हुगली लोकसभा का इतिहास विविधतापूर्ण है। 2024 लोकसभा चुनाव में टीएमसी की ममता बनर्जी ने जीत हासिल की, उन्हें 7,02,744 वोट मिले। भाजपा की लॉकेट चटर्जी को 6,25,891 वोट मिले, जबकि सीपीएम के मंदीप घोष को 1,39,919 वोट मिले। जीत का अंतर लगभग 76,853 वोटों का रहा।

1952 में कांग्रेस की लहर के बावजूद यहाँ एचएमएस के एनसी चटर्जी ने जीत दर्ज की। 1957-62 में सीपीआई के प्रोवत कार, 1967-77 में सीपीएम के बीके मोदक, 1980 में रूपचंद पाल, 1984 में कांग्रेस की इंदुमती भट्टाचार्य, फिर 1989-2004 तक सीपीएम के रूपचंद पाल लगातार जीते। 2009 में टीएमसी की डॉ रत्ना डे ने सीपीएम को हराया। 2014 में टीएमसी ने मजबूती दिखाई, लेकिन 2019 में भाजपा की लॉकेट चटर्जी ने 6,71,448 वोटों से जीत दर्ज की, जबकि टीएमसी की रत्ना डे दूसरे स्थान पर रहीं। 2024 में टीएमसी ने वापसी की।

यह जिला कृषि, उद्योग और इतिहास का अद्वितीय मिश्रण है। हुगली नदी के किनारे बसा यह क्षेत्र पश्चिम बंगाल के विकास में महत्वपूर्ण योगदान देता है। आगामी विधानसभा चुनावों में यहाँ टीएमसी और भाजपा के बीच कड़ी टक्कर की संभावना है।

संपादकीय दृष्टिकोण

जो अपनी समृद्ध विरासत और आर्थिक विकास के लिए जाना जाता है, आगामी विधानसभा चुनावों में भाजपा और टीएमसी के बीच राजनीतिक द्वंद्व का केंद्र बना हुआ है। यहाँ की विविध संस्कृति और ऐतिहासिक महत्व इसे एक महत्वपूर्ण स्थान बनाते हैं।
RashtraPress
26 जून 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

हुगली का इतिहास क्या है?
हुगली का इतिहास प्राचीन काल से जुड़ा हुआ है, जहाँ यह 'सुह्मास' जनजाति के अधीन था और यहाँ व्यापार का एक प्रमुख केंद्र था।
हुगली की जनसंख्या कितनी है?
2011 की जनगणना के अनुसार, हुगली की जनसंख्या 55,19,145 थी।
हुगली की अर्थव्यवस्था किस पर निर्भर करती है?
हुगली की अर्थव्यवस्था मुख्यतः जूट उद्योग और कृषि पर निर्भर करती है।
हुगली में कौन-कौन सी विधानसभाएँ हैं?
हुगली लोकसभा क्षेत्र में बालागढ़, चंदननगर, चुंचुरा, धानेखाली, पांडुआ, सप्तग्राम और सिंगूर विधानसभाएँ शामिल हैं।
2024 के चुनाव में कौन-कौन सी पार्टियाँ प्रतिस्पर्धा कर रही हैं?
2024 के चुनाव में टीएमसी और भाजपा मुख्य रूप से प्रतिस्पर्धा कर रही हैं।
राष्ट्र प्रेस
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