पिछड़ा वर्ग कल्याण मंत्री पोन्नम प्रभाकर की हैदराबाद में समीक्षा बैठक, हॉस्टल सुविधाओं और शिक्षा गुणवत्ता पर दिए सख्त निर्देश
सारांश
मुख्य बातें
पिछड़ा वर्ग कल्याण मंत्री पोन्नम प्रभाकर ने 7 जून 2026 को हैदराबाद स्थित मंत्री क्वार्टर्स में विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ एक व्यापक समीक्षा बैठक की। बैठक में पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग द्वारा संचालित योजनाओं, गुरुकुल विद्यालयों, हॉस्टलों के संचालन और विकास कार्यक्रमों की विस्तृत समीक्षा की गई।
सरकार की प्राथमिकता: समग्र विकास
मंत्री पोन्नम प्रभाकर ने स्पष्ट किया कि पिछड़ा वर्ग समुदाय के समग्र विकास को सुनिश्चित करना और विभागीय योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। उन्होंने बताया कि इसी कड़ी में वे इस महीने के तीसरे सप्ताह में जिला पिछड़ा वर्ग कल्याण अधिकारियों और सहायक अधिकारियों के साथ एक व्यापक विचार-मंथन बैठक भी आयोजित करेंगे।
हॉस्टल और गुरुकुल: सुविधाओं पर विशेष जोर
पिछड़ा वर्ग गुरुकुल स्कूलों और वेलफेयर हॉस्टलों के पुनः खुलने को ध्यान में रखते हुए मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि हॉस्टल खुलते ही छात्रों के लिए तय मेनू का सख्ती से पालन सुनिश्चित किया जाए। इसके साथ ही यूनिफॉर्म, किताबें, जूते और अन्य आवश्यक सामग्री समय पर उपलब्ध कराने के भी निर्देश दिए गए।
मंत्री ने हॉस्टलों में साफ-सफाई और स्वच्छता पर विशेष ध्यान देने की ताकीद की। शैक्षणिक गुणवत्ता बढ़ाने और कल्याणकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर भी विस्तृत चर्चा हुई।
शैक्षणिक प्रदर्शन और स्वास्थ्य रिकॉर्ड
मंत्री पोन्नम प्रभाकर ने गुरुकुल और हॉस्टलों के उन छात्रों को बधाई दी जिन्होंने इस शैक्षणिक वर्ष की 10वीं कक्षा की राज्य स्तरीय परीक्षाओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन किया। उन्होंने निर्देश दिया कि आगामी वर्ष में 500 से अधिक अंक प्राप्त करने वाले छात्रों की संख्या बढ़ाने के लिए विशेष कार्य योजना तैयार की जाए।
अधिकारियों को यह भी कहा गया कि हर छात्र का नियमित स्वास्थ्य परीक्षण हो और उनका व्यक्तिगत स्वास्थ्य रिकॉर्ड बनाया जाए। पूरे वर्ष की शैक्षणिक, सांस्कृतिक और खेल गतिविधियों का विस्तृत प्रोफाइल तैयार करने के निर्देश भी दिए गए।
करियर और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी
आगामी सरकारी नौकरी अधिसूचनाओं को ध्यान में रखते हुए राज्य के 12 पिछड़ा वर्ग स्टडी सर्किलों में विशेष कोचिंग कक्षाएं शुरू करने का सुझाव दिया गया। मंत्री ने पूरे वर्ष फाउंडेशन कोर्स और करियर गाइडेंस कार्यक्रम चलाने की योजना बनाने और सिविल सर्विसेज की तैयारी के लिए दीर्घकालिक प्रशिक्षण कार्यक्रम जल्द शुरू करने के निर्देश भी दिए।
इसके अतिरिक्त, पिछड़ा वर्ग गुरुकुलों में इंटरमीडिएट और डिग्री छात्रों की संख्या बढ़ाने के प्रयासों पर भी जोर दिया गया। छात्रों के सर्वांगीण विकास के लिए हॉस्टलों में खेलकूद गतिविधियों को प्राथमिकता देने की भी सलाह दी गई। इस महीने के तीसरे सप्ताह में होने वाली अगली बैठक में इन निर्देशों की प्रगति की समीक्षा अपेक्षित है।