भारतीय वायुसेना में GATE स्कोर से तकनीकी अधिकारी भर्ती, AFCAT लिखित परीक्षा से मिलेगी छूट
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय वायु सेना ने तकनीकी शाखा (ऑफिसर कैडर) में भर्ती के लिए एक नई और महत्वपूर्ण व्यवस्था लागू की है, जिसके तहत ग्रेजुएट एप्टीट्यूड टेस्ट इन इंजीनियरिंग (GATE) स्कोर के आधार पर अभ्यर्थियों को सीधे चयन प्रक्रिया में शामिल किया जाएगा। नई दिल्ली से जारी इस घोषणा के अनुसार, वैध GATE स्कोर रखने वाले उम्मीदवारों को एयर फोर्स सिलेक्शन बोर्ड (AFSB) परीक्षण के लिए सीधे शॉर्टलिस्ट किया जाएगा और उन्हें एयर फोर्स कॉमन एडमिशन टेस्ट (AFCAT) की प्रारंभिक लिखित परीक्षा नहीं देनी होगी।
नई भर्ती व्यवस्था में क्या है खास
वायु सेना के अनुसार, यह नई योजना विशेष रूप से तकनीकी शाखा में अधिकारी स्तर की भर्ती के लिए लागू होगी। GATE स्कोर स्कीम के तहत आवेदन करने वाले उम्मीदवारों की शैक्षणिक योग्यता वही रहेगी जो AFCAT के माध्यम से तकनीकी शाखा में भर्ती के लिए वर्तमान में निर्धारित है। गौरतलब है कि स्वीकार्य GATE विषयों की विस्तृत सूची AFCAT अधिसूचना, 2 फरवरी 2026 में प्रकाशित की जा चुकी है।
AFCAT परीक्षा पर क्या होगा असर
एयर फोर्स कॉमन एडमिशन टेस्ट (AFCAT) पहले की भाँति वायु सेना की सभी शाखाओं — तकनीकी शाखा सहित — में भर्ती का प्रमुख माध्यम बना रहेगा। नई GATE स्कोर व्यवस्था AFCAT को प्रतिस्थापित नहीं करती, बल्कि यह एक वैकल्पिक और अतिरिक्त मार्ग है। वायु सेना ने स्पष्ट किया है कि पात्र अभ्यर्थी चाहें तो दोनों माध्यमों — AFCAT और GATE स्कोर स्कीम — से एक साथ आवेदन कर सकते हैं।
अभ्यर्थियों को दोहरे अवसर
इस नई व्यवस्था का सबसे बड़ा लाभ यह है कि इंजीनियरिंग स्नातकों को अब दो मार्गों से वायु सेना में तकनीकी अधिकारी बनने का अवसर मिलेगा। वायु सेना के मुताबिक, इस कदम का उद्देश्य तकनीकी योग्यता रखने वाले प्रतिभाशाली इंजीनियरिंग अभ्यर्थियों को एक तेज और प्रभावी चयन प्रक्रिया उपलब्ध कराना है। यह ऐसे समय में आया है जब सशस्त्र बलों में तकनीकी प्रतिभाओं की माँग तेज़ी से बढ़ रही है।
आवेदन और जानकारी कहाँ मिलेगी
इच्छुक अभ्यर्थी AFCAT की आधिकारिक वेबसाइट और करियर इंडियन एयरफोर्स पोर्टल पर विस्तृत जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। वायु सेना ने अभ्यर्थियों को भर्ती से जुड़े नवीनतम अपडेट के लिए भारतीय वायु सेना के आधिकारिक सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म को फॉलो करने की सलाह दी है। यह नई व्यवस्था वायु सेना की भर्ती प्रक्रिया को अधिक समावेशी और आधुनिक बनाने की दिशा में एक सकारात्मक कदम मानी जा रही है।