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क्या राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण ने आईआईटी कानपुर में हेल्थकेयर के लिए फेडरेटेड इंटेलिजेंस हैकथॉन का आयोजन किया?

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क्या राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण ने आईआईटी कानपुर में हेल्थकेयर के लिए फेडरेटेड इंटेलिजेंस हैकथॉन का आयोजन किया?

सारांश

राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण ने आईआईटी कानपुर में हेल्थकेयर के लिए फेडरेटेड इंटेलिजेंस हैकथॉन का आयोजन किया। यह पहल स्वास्थ्य क्षेत्र में एआई समाधानों को बढ़ावा देने के लिए महत्वपूर्ण है। जानिए इस कार्यक्रम में क्या खास रहा।

मुख्य बातें

हेल्थकेयर में एआई का महत्व बढ़ रहा है।
डीप लर्निंग जटिल कार्यों में मददगार है।
विशेषज्ञों ने मशीन लर्निंग पर चर्चा की।
प्रतिभागियों की संख्या 191 थी।
कार्यक्रम का उद्देश्य डिजिटल हेल्थ समाधानों को मजबूत करना है।

नई दिल्ली, 23 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण (एनएचए) ने आईसीएमआर–एनआईआरडीएचडीएस और आईआईटी कानपुर के सहयोग से फेडरेटेड इंटेलिजेंस हैकथॉन फॉर हेल्थकेयर का आयोजन आईआईटी कानपुर परिसर में किया। इस राष्ट्रीय पहल का उद्देश्य भारत के स्वास्थ्य क्षेत्र में सुरक्षित और स्केलेबल आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस समाधानों को बढ़ावा देना है।

हैकथॉन 19 जनवरी को प्रारंभ हुआ और 23 जनवरी से दो-दिवसीय ऑन-साइट कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम में नीति निर्माता, चिकित्सक, शोधकर्ता, स्टार्टअप्स और उद्योग विशेषज्ञ शामिल हुए।

गंगवाल स्कूल ऑफ मेडिकल साइंसेज एंड टेक्नोलॉजी के हेड प्रो. संदीप वर्मा ने उद्घाटन भाषण में कहा कि हेल्थ एआई में प्रगति के लिए चिकित्सा, इंजीनियरिंग, डेटा साइंस और नीति के बीच सहयोग आवश्यक है।

आईआईएससी बेंगलुरु के प्रो. फनेन्द्र कुमार यलावरथी ने मशीन लर्निंग, क्लिनिकल मूल्यांकन और स्वास्थ्य एआई के नियामक पहलुओं पर चर्चा की। उन्होंने कहा कि हेल्थकेयर में एआई ने रूल-बेस्ड सिस्टम से डेटा-ड्रिवन लर्निंग की ओर कदम बढ़ाया है। डीप लर्निंग जटिल कार्यों जैसे मेडिकल इमेज सेगमेंटेशन में स्वत: फीचर खोजने में मदद करती है। सही तकनीकों जैसे रिग्रेशन, एसवीएम और रेग्युलराइजेशन का उपयोग करके हम मजबूत और भरोसेमंद डिजिटल हेल्थ समाधान बना सकते हैं।

डीप लर्निंग जटिल कार्यों में ऑटोमेटिक फीचर डिस्कवरी में मदद करती है और सही तकनीक का उपयोग करके भरोसेमंद डिजिटल हेल्थ समाधान बनाए जा सकते हैं।

गूगल हेल्थ एआई और वाधवानी फाउंडेशन ने लाइव हेल्थ एआई डेमो प्रस्तुत किया।

पैनल चर्चाओं में डेटा सोर्सिंग, वैलिडेशन, नियामक तैयारी और बड़े पैमाने पर एआई टूल्स की तैनाती पर जोर दिया गया। ऑर्थमोलॉजी, बोन एज डिटेक्शन और कम्प्यूटेशनल पैथोलॉजी जैसे क्षेत्रों में एआई के उपयोग और बड़े पैमाने पर स्क्रीनिंग के अवसरों पर भी चर्चा हुई।

इस हैकथॉन में कुल 191 प्रतिभागी शामिल हुए, जिनमें 76 व्यक्तिगत प्रतिभागी और 115 टीमें थीं। 23–24 जनवरी को पोस्ट-हैकथॉन मूल्यांकन और पुरस्कार वितरण समारोह आयोजित किया जाएगा।

इस आयोजन से एनएचए की डिजिटल स्वास्थ्य पहल, आईसीएमआर–एनआईआरडीएचडीएस की क्लिनिकल रिसर्च विशेषज्ञता और आईआईटी कानपुर की एआई क्षमताओं का संयोजन हुआ है, ताकि हेल्थ एआई टूल्स की डेटा तैयारी, वैलिडेशन और क्लिनिकल उपयोगिता को मजबूत किया जा सके।

-राष्ट्र प्रेस

एएमटी/डीएससी

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि यह भारतीय चिकित्सा और तकनीकी समुदाय के बीच सहयोग को भी मजबूत करेगा।
RashtraPress
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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

फेडरेटेड इंटेलिजेंस हैकथॉन का उद्देश्य क्या है?
इसका उद्देश्य भारत के स्वास्थ्य क्षेत्र में सुरक्षित और स्केलेबल आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस समाधानों को बढ़ावा देना है।
हैकथॉन में कितने प्रतिभागी शामिल हुए?
इस हैकथॉन में कुल 191 प्रतिभागी शामिल हुए थे।
इस कार्यक्रम का आयोजन कब हुआ?
यह कार्यक्रम 19 जनवरी से शुरू होकर 23 जनवरी को आयोजित किया गया।
राष्ट्र प्रेस
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