'इंडिया' गठबंधन की हर दो महीने में बैठक होगी, अगली 8 अगस्त को हैदराबाद में: आनंद दुबे
सारांश
मुख्य बातें
शिवसेना (यूबीटी) के नेता आनंद दुबे ने 9 जून 2026 को मुंबई में बताया कि 'इंडिया' गठबंधन की दिल्ली में हुई बैठक सफलतापूर्वक संपन्न हो गई, जिसमें कई दलों के वरिष्ठ नेता शामिल हुए। उन्होंने स्पष्ट किया कि अब यह सिलसिला नियमित रूप से जारी रहेगा और हर दो महीने में गठबंधन की बैठक आयोजित की जाएगी।
बैठक का एजेंडा और अगला पड़ाव
दुबे के अनुसार, बैठक में कई प्रमुख राष्ट्रीय मुद्दों पर विचार-विमर्श हुआ और इन मुद्दों को लेकर बड़े आंदोलन की रूपरेखा तैयार की गई। उन्होंने बताया कि अगली बैठक 8 अगस्त को हैदराबाद में निर्धारित की गई है। दुबे ने माना कि यह निरंतरता 2024 के बाद से ही बनाए रखनी चाहिए थी, लेकिन देर से ही सही, यह प्रक्रिया अब शुरू हो गई है। उन्होंने कहा, 'मेरा मानना है कि बैठक सकारात्मक रही और हम आने वाले वक्त में एक मजबूत विपक्ष बनकर उभरेंगे।'
जम्मू-कश्मीर विवाद पर दुबे का रुख
जम्मू-कश्मीर में भारतीय जनता पार्टी (BJP) के मीडिया सेल इंचार्ज साजिद यूसुफ शाह के आरोपों पर दुबे ने कड़ी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि भारत के किसी भी नागरिक को देश के किसी भी राज्य में रहने का संवैधानिक अधिकार है और जम्मू-कश्मीर देश का अभिन्न अंग है। उनके शब्दों में, 'जम्मू-कश्मीर हमारे दिल की धड़कन है — वहाँ के लोगों का अपमान कभी स्वीकार्य नहीं।' उन्होंने माँग की कि इस विवाद के पीछे की असली वजह सामने आनी चाहिए।
मृणाल ताई गोरे फ्लाईओवर पर सवाल
मुंबई के मृणाल ताई गोरे ब्रिज के मामले में दुबे ने सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि यह पुल 2019 से निर्माणाधीन था और इसका लोकार्पण 2026 में हुआ — यानी सात वर्षों में काम पूरा हुआ। उन्होंने आरोप लगाया कि सड़कों की गुणवत्ता बेहद खराब है और निर्माण कार्य अभी से ही टूटने लगा है। दुबे ने कहा, 'यह सरकार इंफ्रास्ट्रक्चर को लेकर गंभीर नहीं है।'
राम मंदिर निधि विवाद पर संतुलित रुख
राम मंदिर से जुड़े कथित वित्तीय अनियमितताओं के आरोपों पर दुबे ने संतुलित रुख अपनाया। उन्होंने कहा कि करोड़ों श्रद्धालु आस्था के साथ चंदा देते हैं और यह जानना उनका अधिकार है कि वह धन कहाँ जा रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि समाजवादी पार्टी के नेता अखिलेश यादव ने विपक्षी दायित्व के तहत यह आरोप लगाए हैं, लेकिन भ्रष्टाचार की पुष्टि के लिए ट्रस्ट को खंडन करना चाहिए और जाँच होनी चाहिए। गौरतलब है कि यह मुद्दा हाल के हफ्तों में राष्ट्रीय राजनीति में तीखी बहस का केंद्र बना हुआ है।
आगे क्या
'इंडिया' गठबंधन की नियमित बैठकों की यह पहल विपक्षी एकजुटता की दिशा में एक ठोस कदम मानी जा रही है। 8 अगस्त को हैदराबाद में होने वाली अगली बैठक में गठबंधन की रणनीति और आंदोलन की दिशा और स्पष्ट होने की उम्मीद है।