भारत का विदेशी मुद्रा भंडार $6.118 अरब बढ़कर $682.23 अरब पर, गोल्ड रिजर्व भी $103 अरब के पार
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) द्वारा 31 जुलाई 2026 को जारी साप्ताहिक आँकड़ों के अनुसार, 24 जुलाई 2026 को समाप्त सप्ताह में देश का विदेशी मुद्रा भंडार $6.118 अरब की बढ़ोतरी के साथ $682.2354 अरब पर पहुँच गया। यह लगातार दूसरे सप्ताह की वृद्धि है, जो भारत की बाहरी आर्थिक स्थिति के सुदृढ़ होने का स्पष्ट संकेत देती है।
मुख्य घटनाक्रम
इससे पहले 17 जुलाई 2026 को समाप्त सप्ताह में विदेशी मुद्रा भंडार $1.08 अरब बढ़कर $676.237 अरब हो गया था। अब लगातार दो सप्ताहों में कुल $7.198 अरब की वृद्धि दर्ज की गई है, जो वर्ष की शुरुआत में आई गिरावट से उबरने की गति को दर्शाती है।
RBI के आँकड़ों के अनुसार, भंडार के सबसे बड़े घटक — विदेशी मुद्रा परिसंपत्तियाँ (FCA) — $4.873 अरब बढ़कर $555.929 अरब पर पहुँच गईं। उल्लेखनीय है कि FCA में डॉलर के अलावा यूरो, पाउंड और जापानी येन जैसी गैर-अमेरिकी मुद्राओं के मूल्य परिवर्तन का प्रभाव भी शामिल होता है।
स्वर्ण भंडार में उछाल
समीक्षाधीन सप्ताह में स्वर्ण भंडार (गोल्ड रिजर्व) का मूल्य $1.308 अरब बढ़कर $103.058 अरब हो गया — यह पहली बार है जब गोल्ड रिजर्व $103 अरब के स्तर को पार किया है। वैश्विक बाज़ार में सोने की कीमतों में तेज़ी और RBI की रणनीतिक खरीद इस वृद्धि के प्रमुख कारण माने जा रहे हैं।
हालाँकि, इस दौरान स्पेशल ड्रॉइंग राइट्स (SDR) में $5.3 करोड़ की मामूली गिरावट आई और यह घटकर $18.617 अरब रह गया।
सर्वकालिक उच्च स्तर से तुलना
गौरतलब है कि 27 फरवरी 2026 को समाप्त सप्ताह में भारत का विदेशी मुद्रा भंडार $728.494 अरब के सर्वकालिक उच्च स्तर पर पहुँचा था। इसके बाद पश्चिम एशिया में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव के चलते रुपये पर दबाव बढ़ा और RBI ने विदेशी मुद्रा बाज़ार में डॉलर की बिक्री कर हस्तक्षेप किया, जिससे भंडार में कमी आई। वर्तमान स्तर उस शिखर से अभी भी करीब $46 अरब नीचे है।
RBI ने स्पष्ट किया है कि वह विदेशी मुद्रा बाज़ार में केवल अत्यधिक उतार-चढ़ाव को नियंत्रित करने और बाज़ार में व्यवस्था बनाए रखने के लिए हस्तक्षेप करता है — किसी विशेष विनिमय दर को लक्ष्य बनाकर नहीं।
विशेषज्ञों की राय
आर्थिक विशेषज्ञों के अनुसार, मज़बूत विदेशी मुद्रा भंडार भारत को आयात भुगतान करने, बाहरी देनदारियाँ पूरी करने और वैश्विक वित्तीय अनिश्चितताओं के बीच अर्थव्यवस्था को स्थिर रखने में महत्त्वपूर्ण सहारा देता है। विश्लेषकों का मानना है कि मौजूदा भंडार स्तर लगभग 11-12 महीनों के आयात को कवर करने के लिए पर्याप्त है।
प्रधानमंत्री की अपील और व्यापक संदर्भ
यह ऐसे समय में आया है जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मई 2026 से कई अवसरों पर नागरिकों से विदेशी मुद्रा बचाने की अपील कर चुके हैं। उन्होंने विदेश यात्राओं को सीमित करने, ईंधन की खपत घटाने और एक वर्ष तक सोने की खरीदारी से बचने का आग्रह किया है। यह पहल भंडार को और सुदृढ़ करने की व्यापक रणनीति का हिस्सा मानी जा रही है।
RBI के साप्ताहिक सांख्यिकीय पूरक के अनुसार, वर्ष की शुरुआत में वैश्विक अनिश्चितताओं के कारण आई गिरावट से उबरने का सिलसिला अब लगातार जारी है — और आने वाले सप्ताहों में यह रुझान बने रहने की संभावना जताई जा रही है।