30 जुलाई 2026
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भारत-फ्रांस 'विशेष वैश्विक रणनीतिक साझेदारी': पीयूष गोयल ने नीस में खोले सह-नवाचार के नए द्वार

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भारत-फ्रांस 'विशेष वैश्विक रणनीतिक साझेदारी': पीयूष गोयल ने नीस में खोले सह-नवाचार के नए द्वार

सारांश

भारत और फ्रांस ने संबंधों को 'विशेष वैश्विक रणनीतिक साझेदारी' तक उन्नत किया और इनोवेशन रोडमैप 2030 को अपनाया। वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने नीस में उद्योग व सरकार के नेताओं से मुलाकात कर सह-नवाचार के नए अवसर तलाशे। यह साझेदारी 'विकसित भारत 2047' और 'फ्रांस 2030' के साझा विजन पर टिकी है।

मुख्य बातें

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने भारत-फ्रांस संबंधों को ' विशेष वैश्विक रणनीतिक साझेदारी ' के स्तर तक उन्नत करने की घोषणा की।
वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने 15 जून 2026 को नीस में उद्योग, नवाचार और निवेश जगत के नेताओं के साथ उच्चस्तरीय रात्रिभोज आयोजित किया।
दोनों देशों ने इंडिया-फ्रांस इनोवेशन रोडमैप 2030 को अपनाने का निर्णय लिया, जो सह-विकास, शिक्षा और अनुसंधान में सहयोग का मार्गदर्शन करेगा।
मोदी-मैक्रों वार्ता में रक्षा, अंतरिक्ष, प्रौद्योगिकी, सुरक्षा और आतंकवाद-रोधी सहयोग पर चर्चा हुई।
फ्रांस यात्रा के बाद प्रधानमंत्री मोदी ब्रातिस्लावा, स्लोवाकिया के लिए रवाना हुए; यात्रा में कई द्विपक्षीय समझौते संपन्न हुए।

वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने 15 जून 2026 को नीस, फ्रांस में कहा कि जैसे-जैसे भारत 'विकसित भारत 2047' के लक्ष्य की ओर अग्रसर हो रहा है, फ्रांस के साथ उसकी साझेदारी सह-नवाचार और तकनीकी प्रगति के नए द्वार खोल रही है — और यह साझेदारी केवल दोनों देशों तक सीमित नहीं, बल्कि वैश्विक चुनौतियों के समाधान की दिशा में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। यह बयान उस दिन आया जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने द्विपक्षीय संबंधों को 'विशेष वैश्विक रणनीतिक साझेदारी' के स्तर तक उन्नत करने की घोषणा की।

नीस में उच्चस्तरीय रात्रिभोज और विचार-मंथन

गोयल ने नीस के मेयर एरिक सियोटी की उपस्थिति में सरकार, उद्योग, नवाचार और निवेश जगत के प्रमुख नेताओं के साथ एक रात्रिभोज का आयोजन किया। उन्होंने एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा, 'भारत-फ्रांस नवाचार वर्ष की पृष्ठभूमि में यह शाम विचारों के आदान-प्रदान और व्यापार, प्रौद्योगिकी तथा उभरते क्षेत्रों में सहयोग के नए अवसर तलाशने का एक बेहतरीन मंच साबित हुई।' यह बैठक उस व्यापक राजनयिक सक्रियता का हिस्सा थी जो प्रधानमंत्री मोदी की फ्रांस यात्रा के दौरान देखी गई।

इंडिया-फ्रांस इनोवेशन रोडमैप 2030 को मंजूरी

दोनों देशों ने इंडिया-फ्रांस इनोवेशन रोडमैप 2030 को अपनाने का निर्णय लिया है। यह रोडमैप महत्वपूर्ण और उभरती तकनीकों के सह-विकास, भरोसेमंद तकनीकी पारिस्थितिकी तंत्र को सुदृढ़ करने, शिक्षा एवं अनुसंधान में गतिशीलता बढ़ाने तथा लोगों, पर्यावरण और साझा समृद्धि के लिए ठोस परिणाम हासिल करने का मार्गदर्शन करेगा। आधिकारिक बयान के अनुसार, भारत का 'विकसित भारत 2047' विजन और फ्रांस का 'फ्रांस 2030' मिशन इस भविष्य-केंद्रित साझेदारी को मजबूत आधार प्रदान करते हैं।

मोदी-मैक्रों वार्ता: रक्षा से अंतरिक्ष तक सहयोग

रविवार को प्रधानमंत्री मोदी ने राष्ट्रपति मैक्रों के साथ व्यापक वार्ता की। मोदी ने एक्स पर लिखा, 'आज मेरे मित्र राष्ट्रपति मैक्रों के साथ हुई बातचीत बेहद सफल रही। हमारे देशों के बीच लंबे समय से चले आ रहे मित्रतापूर्ण संबंधों को देखते हुए हमने अपने रिश्तों को विशेष वैश्विक रणनीतिक साझेदारी के स्तर तक ले जाने का निर्णय लिया है।' उन्होंने आगे कहा कि बातचीत में रक्षा, प्रौद्योगिकी, अंतरिक्ष, सुरक्षा, आतंकवाद-रोधी सहयोग और नवाचार सहित कई महत्वपूर्ण क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने के उपायों पर चर्चा हुई।

नीस के बाद ब्रातिस्लावा रवाना हुए मोदी

फ्रांस यात्रा के पहले चरण के समापन के बाद विदेश मंत्रालय (MEA) ने एक्स पर पुष्टि की कि प्रधानमंत्री मोदी नीस की सफल यात्रा के बाद ब्रातिस्लावा, स्लोवाकिया के लिए रवाना हो गए। मंत्रालय ने बताया कि इस यात्रा के दौरान नवाचार और भविष्य की तकनीकों पर विशेष ध्यान देते हुए कई द्विपक्षीय समझौते संपन्न हुए। गौरतलब है कि भारत और फ्रांस दोनों नवाचार को आर्थिक मजबूती, सतत विकास, रणनीतिक स्वायत्तता और तकनीकी संप्रभुता का प्रमुख आधार मानते हैं — यह साझा दृष्टिकोण ही इस साझेदारी को दीर्घकालिक बनाता है।

आगे क्या होगा

इंडिया-फ्रांस इनोवेशन रोडमैप 2030 के क्रियान्वयन की रूपरेखा अब दोनों देशों के संबंधित मंत्रालयों द्वारा तय की जाएगी। विशेषज्ञों का मानना है कि यह साझेदारी भारत के सेमीकंडक्टर, रक्षा विनिर्माण और हरित ऊर्जा क्षेत्रों में ठोस निवेश का मार्ग प्रशस्त कर सकती है, बशर्ते रोडमैप को समयबद्ध लक्ष्यों से जोड़ा जाए।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली कसौटी इनोवेशन रोडमैप 2030 के क्रियान्वयन में होगी। पिछले द्विपक्षीय ढाँचे अक्सर घोषणाओं के स्तर पर ही रह गए हैं — रक्षा और अंतरिक्ष में सहयोग के बावजूद ठोस तकनीकी हस्तांतरण सीमित रहा है। 'विकसित भारत 2047' और 'फ्रांस 2030' के बीच तालमेल कागज पर आकर्षक है, किंतु सेमीकंडक्टर और हरित ऊर्जा जैसे संवेदनशील क्षेत्रों में वास्तविक सह-विकास के लिए दोनों पक्षों को बौद्धिक संपदा और निर्यात नियंत्रण की बाधाओं से पार पाना होगा — जो अब तक की सबसे बड़ी चुनौती रही है।
RashtraPress
30 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

भारत-फ्रांस 'विशेष वैश्विक रणनीतिक साझेदारी' क्या है?
यह भारत और फ्रांस के बीच द्विपक्षीय संबंधों का उन्नत स्तर है, जिसकी घोषणा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने जून 2026 में की। इसमें रक्षा, प्रौद्योगिकी, अंतरिक्ष, सुरक्षा, आतंकवाद-रोधी सहयोग और नवाचार सहित कई क्षेत्रों में गहरे सहयोग का प्रावधान है।
इंडिया-फ्रांस इनोवेशन रोडमैप 2030 क्या है और इसमें क्या शामिल है?
यह भारत और फ्रांस द्वारा अपनाया गया एक संयुक्त ढाँचा है जो महत्वपूर्ण और उभरती तकनीकों के सह-विकास, भरोसेमंद तकनीकी पारिस्थितिकी तंत्र को मजबूत करने, शिक्षा व अनुसंधान में गतिशीलता बढ़ाने और साझा समृद्धि के लिए ठोस परिणाम हासिल करने का मार्गदर्शन करेगा। यह 'विकसित भारत 2047' और 'फ्रांस 2030' के साझा विजन पर आधारित है।
पीयूष गोयल ने नीस में क्या किया?
वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने 15 जून 2026 को नीस के मेयर एरिक सियोटी की उपस्थिति में सरकार, उद्योग, नवाचार और निवेश जगत के प्रमुख नेताओं के साथ रात्रिभोज आयोजित किया। उन्होंने भारत-फ्रांस नवाचार वर्ष की पृष्ठभूमि में व्यापार, प्रौद्योगिकी और उभरते क्षेत्रों में सहयोग के नए अवसर तलाशे।
मोदी-मैक्रों वार्ता में किन क्षेत्रों पर चर्चा हुई?
रविवार को हुई वार्ता में रक्षा, प्रौद्योगिकी, अंतरिक्ष, सुरक्षा, आतंकवाद-रोधी सहयोग और नवाचार पर विस्तृत चर्चा हुई। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि बातचीत 'बेहद सफल' रही और दोनों देशों ने संबंधों को नए स्तर पर ले जाने का निर्णय लिया।
फ्रांस यात्रा के बाद प्रधानमंत्री मोदी कहाँ गए?
नीस की सफल यात्रा और कई द्विपक्षीय समझौतों के बाद प्रधानमंत्री मोदी स्लोवाकिया की राजधानी ब्रातिस्लावा के लिए रवाना हो गए। विदेश मंत्रालय ने पुष्टि की कि फ्रांस यात्रा के दौरान नवाचार और भविष्य की तकनीकों पर विशेष ध्यान देते हुए महत्वपूर्ण समझौते हुए।
राष्ट्र प्रेस
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