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भारत-इटली आतंकवाद रोधी वार्ता: पहलगाम हमले की निंदा, संगठित अपराध पर संयुक्त मोर्चा

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भारत-इटली आतंकवाद रोधी वार्ता: पहलगाम हमले की निंदा, संगठित अपराध पर संयुक्त मोर्चा

सारांश

नई दिल्ली में भारत और इटली के बीच दो-दिवसीय आतंकवाद रोधी वार्ता संपन्न हुई। पहलगाम हमले की निंदा दोहराई गई, FATF ढाँचे के तहत आतंकी वित्तपोषण रोकने और नई तकनीकों के दुरुपयोग से निपटने पर सहमति बनी। अगली बैठक रोम में होगी।

मुख्य बातें

भारत और इटली के बीच 6-7 अक्टूबर 2026 को नई दिल्ली में JWG की छठी बैठक और स्थायी टास्क फोर्स की दूसरी बैठक संपन्न हुई।
दोनों देशों ने 22 अप्रैल 2025 को पहलगाम, जम्मू-कश्मीर में हुए आतंकवादी हमले की निंदा एक बार फिर दोहराई।
आतंकी उद्देश्यों के लिए सूचना, संचार और वित्तीय प्रौद्योगिकियों के दुरुपयोग से निपटने पर सहयोग मज़बूत करने पर सहमति बनी।
आतंकी वित्तपोषण रोधी पहल नवंबर 2025 में जोहान्सबर्ग G20 शिखर सम्मेलन में दोनों देशों के प्रधानमंत्रियों द्वारा शुरू की गई थी।
संयुक्त राष्ट्र , GCTF और FATF के मंचों पर बहुपक्षीय सहयोग बढ़ाने पर सहमति; अगली बैठक रोम, इटली में होगी।

भारत और इटली ने 6-7 अक्टूबर 2026 को नई दिल्ली में आतंकवाद, संगठित अपराध और आतंकी वित्तपोषण के विरुद्ध द्विपक्षीय सहयोग को नई गहराई देने के लिए उच्च स्तरीय वार्ता संपन्न की। इन बैठकों में नशीले पदार्थों की तस्करी, उभरते क्षेत्रीय एवं वैश्विक आतंकवाद के खतरों और नई तकनीकों के आतंकी दुरुपयोग जैसे संवेदनशील विषयों पर व्यापक चर्चा हुई।

बैठक का ढाँचा और नेतृत्व

यह वार्ता दो समानांतर मंचों पर हुई — आतंकवाद और संगठित अपराध पर भारत-इटली संयुक्त कार्य समूह (JWG) की छठी बैठक और आतंकवाद के वित्तपोषण का मुकाबला करने पर भारत-इटली स्थायी टास्क फोर्स की दूसरी बैठक। बैठकों की सह-अध्यक्षता भारतीय विदेश मंत्रालय में आतंकवाद रोधी मामलों के अतिरिक्त सचिव सुहेल एजाज खान और इटली के विदेश मामलों एवं अंतर्राष्ट्रीय सहयोग मंत्रालय में जी7-जी20 तथा अंतरराष्ट्रीय खतरों के संयुक्त सचिव पाओलो मारी ने की। दोनों देशों की आतंकवाद रोधी एजेंसियों के प्रतिनिधि भी इन बैठकों में शामिल रहे।

पहलगाम हमले की निंदा और सीमापार आतंकवाद

विदेश मंत्रालय के आधिकारिक बयान के अनुसार, दोनों पक्षों ने 'सभी रूपों और अभिव्यक्तियों में आतंकवाद की निंदा' करते हुए 22 अप्रैल 2025 को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकवादी हमले की अपनी निंदा एक बार फिर दोहराई। सीमापार आतंकवाद को लेकर दोनों देशों ने कड़ा रुख अपनाया और इसे स्पष्ट रूप से अस्वीकार्य ठहराया। गौरतलब है कि पहलगाम हमले ने भारत-पाकिस्तान संबंधों को एक नए तनाव बिंदु पर ला खड़ा किया था, और तब से भारत सक्रिय रूप से वैश्विक साझेदारों से समर्थन जुटा रहा है।

तकनीक के दुरुपयोग पर केंद्रित चर्चा

बैठक में आतंकी उद्देश्यों के लिए सूचना, संचार और वित्तीय प्रौद्योगिकियों के बढ़ते दुरुपयोग पर विशेष ध्यान दिया गया। विदेश मंत्रालय ने बताया कि दोनों पक्षों ने 'उभरती और नई प्रौद्योगिकियों के प्रभावी मुकाबले में सहयोग मज़बूत करने' की आवश्यकता की पुष्टि की। इसके तहत क्षमता निर्माण और खुफिया सूचनाओं के आदान-प्रदान को सुदृढ़ करने के तरीकों पर सहमति बनाई गई।

आतंकी वित्तपोषण रोधी टास्क फोर्स की भूमिका

स्थायी टास्क फोर्स की यह दूसरी बैठक उस संयुक्त पहल के अंतर्गत हुई, जिसे दोनों देशों के प्रधानमंत्रियों ने नवंबर 2025 में जोहान्सबर्ग में आयोजित G20 शिखर सम्मेलन के मौके पर औपचारिक रूप से शुरू किया था। इस बैठक में आतंकी वित्तपोषण की रोकथाम के व्यावहारिक पहलुओं पर विशेष ध्यान केंद्रित किया गया। यह ऐसे समय में आया है जब वैश्विक स्तर पर FATF के मानकों का अनुपालन सुनिश्चित करने का दबाव लगातार बढ़ रहा है।

बहुपक्षीय मंचों पर सहयोग और अगला कदम

दोनों देश संयुक्त राष्ट्र, ग्लोबल काउंटरटेररिज्म फोरम (GCTF) और फाइनेंशियल एक्शन टास्क फोर्स (FATF) जैसे बहुपक्षीय मंचों पर आतंकवाद विरोधी सहयोग को और गहरा करने पर भी सहमत हुए। दोनों पक्षों ने तय किया कि JWG और स्थायी टास्क फोर्स की अगली बैठक आपसी सुविधानुसार रोम, इटली में आयोजित की जाएगी। यह द्विपक्षीय संवाद यूरोप और एशिया के बीच आतंकवाद विरोधी रणनीतिक साझेदारी की दिशा में एक महत्वपूर्ण कड़ी बनता जा रहा है।

संपादकीय दृष्टिकोण

इटली के साथ यह छठी JWG बैठक उसी कूटनीतिक आक्रामकता का हिस्सा है। लेकिन ध्यान देने वाली बात यह है कि ये बैठकें संस्थागत ढाँचे को मज़बूत करती हैं, जबकि वास्तविक खुफिया साझाकरण और प्रत्यर्पण मामलों में प्रगति की गति अक्सर घोषणाओं से पीछे रहती है। FATF-आधारित वित्तीय सहयोग एक सकारात्मक कदम है, पर इसकी प्रभावशीलता तब तक सीमित रहेगी जब तक दोनों देशों की वित्तीय जाँच एजेंसियाँ वास्तविक समय में डेटा साझा नहीं करतीं। मुख्यधारा की कवरेज इस संस्थागत प्रगति को रेखांकित करती है, लेकिन क्रियान्वयन की जवाबदेही का सवाल अनुत्तरित रहता है।
RashtraPress
8 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

भारत-इटली JWG की छठी बैठक में क्या हुआ?
6-7 अक्टूबर 2026 को नई दिल्ली में हुई इस बैठक में दोनों देशों ने आतंकवाद, संगठित अपराध, नशीले पदार्थों की तस्करी और आतंकी वित्तपोषण पर व्यापक चर्चा की। पहलगाम हमले की निंदा दोहराई गई और तकनीकी दुरुपयोग से निपटने पर सहमति बनी।
पहलगाम आतंकी हमले का इस वार्ता से क्या संबंध है?
22 अप्रैल 2025 को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए जघन्य आतंकवादी हमले की निंदा दोनों देशों ने इस बैठक में एक बार फिर दोहराई। यह भारत की उस कूटनीतिक पहल का हिस्सा है जिसके तहत वह अंतरराष्ट्रीय मंचों पर सीमापार आतंकवाद के खिलाफ वैश्विक समर्थन जुटा रहा है।
भारत-इटली आतंकी वित्तपोषण रोधी टास्क फोर्स क्या है?
यह एक द्विपक्षीय स्थायी टास्क फोर्स है जिसे दोनों देशों के प्रधानमंत्रियों ने नवंबर 2025 में जोहान्सबर्ग में G20 शिखर सम्मेलन के दौरान शुरू किया था। इसका उद्देश्य FATF ढाँचे के अंतर्गत आतंकी वित्तपोषण की रोकथाम में व्यावहारिक सहयोग को मज़बूत करना है।
इन बैठकों में किन बहुपक्षीय मंचों पर सहयोग की बात हुई?
दोनों देशों ने संयुक्त राष्ट्र, ग्लोबल काउंटरटेररिज्म फोरम (GCTF) और फाइनेंशियल एक्शन टास्क फोर्स (FATF) सहित प्रमुख बहुपक्षीय मंचों पर आतंकवाद विरोधी सहयोग बढ़ाने पर सहमति जताई।
अगली भारत-इटली JWG बैठक कहाँ होगी?
दोनों पक्ष संयुक्त कार्य समूह और स्थायी टास्क फोर्स की अगली बैठक आपसी सुविधानुसार रोम, इटली में आयोजित करने पर सहमत हुए हैं।
राष्ट्र प्रेस
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